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कोठों के तहखानों में बंधक हैं लड़कियां
Updated Sun, 03 Dec 2017 02:21 AM IST
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मेरठ। कबाड़ी बाजार स्थित कोठों के बारे में पुलिस और एंटी हृयूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) को लगातार सूचनाएं मिल रही हैं। बताया गया कि कुछ कोठों के तहखानों में लड़कियों को बंधक बनाकर देह व्यापार कराया जा रहा है। शनिवार को एएचटीयू की टीम कबाड़ी बाजार पहुंची। करीब एक घंटे की जांच के बाद ही टीम लौट आई और उच्च अधिकारियों को पूरा मामला बताया।
150-200 के बीच कोठे
पुलिस के मुताबिक कबाड़ी बाजार में 150 से 200 के बीच कोठे हैं। एक दर्जन ऐसे कोठे चिह्नित किए गए हैं जहां कोठों में अंदर तहखाने बने हैं। जब भी पुलिस टीम यहां लड़कियों को बरामद करने के लिए छापा मारती है तो लड़कियों को तहखाने में ले जाकर बाहर से प्लाइवुड का गेट लगा दिया जाता है। ऐसे कोठों पर जांच पड़ताल में महिला पुलिस भी गच्चा खा जाती है। क्योंकि कोई पुरुष पुलिसकर्मी या जिम्मेदार अधिकारी अंदर नहीं घुसता।
एक कोठे पर 8-10 लड़कियां
पुलिस के मुताबिक तीन कोठे ऐसे हैं जिनकी संचालिका लड़कियों से देह व्यापार कराने के आरोप में जेल भेजी जा चुकी हैं। पुलिस छापेमारी करती है तो एक कोठे पर 1-2 लड़कियां ही मिलती हैं। जबकि गोपनीय जांच में पता चला कि 8-10 लड़कियां एक कोठे पर हैं। जिनमें कुछ लड़कियों को कैद कर रखा गया था। तीन दिन पहले पुलिस अधिकारियों से शिकायत की गई कि कई कोठों पर लड़कियां बंधक हैं, जिनके साथ मारपीट की जाती है। पुलिस का छापा लगने से पहले ही कोठा संचालिका ताला लगाकर फरार हो जाती हैं।
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एक घंटे चली जांच
एएचटीयू की एसओ रश्मि चौधरी ने बताया कि कुछ कोठों पर लड़कियों के बंधक बनाने की सूचनाएं मिल रही हैं। जिसकी जांच की जा रही है। यह मामला पुलिस अधिकारियों को भी बता दिया गया है। शनिवार को एएचटीयू की टीम जांच के लिए पहुंची थी। इस दौरान कोठा संचालिका से लड़कियों के बारे में पूछताछ की गई। एसओ का कहना है कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर बंधक लड़कियों को रेस्क्यू कराया जाएगा। रेस्क्यू कराने के लिए देहली गेट और ब्रह्मपुरी थाना पुलिस को अलग रखा जाएगा। बताया कि सोमवार को पश्चिमी बंगाल के एक युवक की शिकायत पर पहले एक लड़की को बंधनमुक्त कराया, फिर वहीं से दो अन्य लड़कियों ने भी शोर मचाया तो उन्हें भी बंधनमुक्त कराया गया था।
174 लड़कियों को कराया रेस्क्यू
एसओ ने बताया कि सन 2001 में छह लड़कियों को कोठे से रेस्क्यू कराया गया। 2012 में 74, 2013 में दस, 2014 में 12, 2015 में पांच, 2016 में 34 और इस साल अभी तक 33 लड़कियों को रेस्क्यू कराया जा चुका है। इन 174 लड़कियों में से 62 लड़कियों की उम्र मेडिकल रिपोर्ट में 18 साल से कम मिली। कोठों पर नेपाल के अलावा बिहार, पश्चिमी बंगाल, असम, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश की लड़कियों के अलावा यूपी की लड़कियों को बंधनमुक्त कराया गया। दूसरे राज्यों से लड़कियों को नौकरी के नाम पर लाकर उन्हें नशीला पदार्थ देकर या बंधक बनाकर कोठों पर बेचा जाता है। यहां कोठा संचालिका और मौके पर पकड़े गए ग्राहक पर अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। लड़कियों को कोर्ट के आदेश पर या तो परिजनों को सौंप दिया जाता है, जिनके परिजन नहीं आते उन्हें नारी निकेतन भेजा जाता है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
एसपी क्राइम शिवराम यादव के अनुसार इसी सप्ताह तीन लड़कियों को रेस्क्यू कराया गया था। पुलिस टीम अलग से जांच पड़ताल कर रही है। जांच के बाद एएचटीयू थाना पुलिस कार्रवाई करेगी।
खास बातें:
कबाड़ी बाजार के एक दर्जन से अधिक कोठे एएचटीयू के निशाने पर
शनिवार को जांच करने पहुंची टीम, एक घंटे में ही लौट गई
नेपाल और गैर राज्यों की लड़कियां अपहरण के बाद बेचने के आते रहे हैं मामले
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150-200 के बीच कोठे
पुलिस के मुताबिक कबाड़ी बाजार में 150 से 200 के बीच कोठे हैं। एक दर्जन ऐसे कोठे चिह्नित किए गए हैं जहां कोठों में अंदर तहखाने बने हैं। जब भी पुलिस टीम यहां लड़कियों को बरामद करने के लिए छापा मारती है तो लड़कियों को तहखाने में ले जाकर बाहर से प्लाइवुड का गेट लगा दिया जाता है। ऐसे कोठों पर जांच पड़ताल में महिला पुलिस भी गच्चा खा जाती है। क्योंकि कोई पुरुष पुलिसकर्मी या जिम्मेदार अधिकारी अंदर नहीं घुसता।
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एक कोठे पर 8-10 लड़कियां
पुलिस के मुताबिक तीन कोठे ऐसे हैं जिनकी संचालिका लड़कियों से देह व्यापार कराने के आरोप में जेल भेजी जा चुकी हैं। पुलिस छापेमारी करती है तो एक कोठे पर 1-2 लड़कियां ही मिलती हैं। जबकि गोपनीय जांच में पता चला कि 8-10 लड़कियां एक कोठे पर हैं। जिनमें कुछ लड़कियों को कैद कर रखा गया था। तीन दिन पहले पुलिस अधिकारियों से शिकायत की गई कि कई कोठों पर लड़कियां बंधक हैं, जिनके साथ मारपीट की जाती है। पुलिस का छापा लगने से पहले ही कोठा संचालिका ताला लगाकर फरार हो जाती हैं।
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एक घंटे चली जांच
एएचटीयू की एसओ रश्मि चौधरी ने बताया कि कुछ कोठों पर लड़कियों के बंधक बनाने की सूचनाएं मिल रही हैं। जिसकी जांच की जा रही है। यह मामला पुलिस अधिकारियों को भी बता दिया गया है। शनिवार को एएचटीयू की टीम जांच के लिए पहुंची थी। इस दौरान कोठा संचालिका से लड़कियों के बारे में पूछताछ की गई। एसओ का कहना है कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर बंधक लड़कियों को रेस्क्यू कराया जाएगा। रेस्क्यू कराने के लिए देहली गेट और ब्रह्मपुरी थाना पुलिस को अलग रखा जाएगा। बताया कि सोमवार को पश्चिमी बंगाल के एक युवक की शिकायत पर पहले एक लड़की को बंधनमुक्त कराया, फिर वहीं से दो अन्य लड़कियों ने भी शोर मचाया तो उन्हें भी बंधनमुक्त कराया गया था।
174 लड़कियों को कराया रेस्क्यू
एसओ ने बताया कि सन 2001 में छह लड़कियों को कोठे से रेस्क्यू कराया गया। 2012 में 74, 2013 में दस, 2014 में 12, 2015 में पांच, 2016 में 34 और इस साल अभी तक 33 लड़कियों को रेस्क्यू कराया जा चुका है। इन 174 लड़कियों में से 62 लड़कियों की उम्र मेडिकल रिपोर्ट में 18 साल से कम मिली। कोठों पर नेपाल के अलावा बिहार, पश्चिमी बंगाल, असम, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश की लड़कियों के अलावा यूपी की लड़कियों को बंधनमुक्त कराया गया। दूसरे राज्यों से लड़कियों को नौकरी के नाम पर लाकर उन्हें नशीला पदार्थ देकर या बंधक बनाकर कोठों पर बेचा जाता है। यहां कोठा संचालिका और मौके पर पकड़े गए ग्राहक पर अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। लड़कियों को कोर्ट के आदेश पर या तो परिजनों को सौंप दिया जाता है, जिनके परिजन नहीं आते उन्हें नारी निकेतन भेजा जाता है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
एसपी क्राइम शिवराम यादव के अनुसार इसी सप्ताह तीन लड़कियों को रेस्क्यू कराया गया था। पुलिस टीम अलग से जांच पड़ताल कर रही है। जांच के बाद एएचटीयू थाना पुलिस कार्रवाई करेगी।
खास बातें:
कबाड़ी बाजार के एक दर्जन से अधिक कोठे एएचटीयू के निशाने पर
शनिवार को जांच करने पहुंची टीम, एक घंटे में ही लौट गई
नेपाल और गैर राज्यों की लड़कियां अपहरण के बाद बेचने के आते रहे हैं मामले