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16 माह से अपहृत छात्र का नहीं लगा सुराग

Sat, 16 Dec 2017 02:25 AM IST
Updated Sat, 16 Dec 2017 02:25 AM IST
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16 माह से अपहृत छात्र का नहीं लगा सुराग
कंकरखेड़ा। केस वर्कआउट करने के लिए मुखबिर की सहायता लेने वाली थाना कंकरखेड़ा पुलिस पर एक केस में मुखबिर के दबाव में 16 माह से फर्ज भूलने के आरोप लग रहे हैं। एक छात्रा से गांव के दूसरे समुदाय के दो युवक छेड़छाड़ करते थे। छात्रा का भाई इसका विरोध करता था तो आरोपी उसे भुगत लेने की धमकी देते थे। इस बीच वह लापता हो गया। जिसकी अपहरण की तहरीर दी तो केवल गुमशुदगी दर्ज हुई। आरोपियों का कबाड़ी पिता थाने का मुखबिर बताया गया, जिसके दबाव में पुलिस फर्ज भूल चुकी है।
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बेटा ही है सहारा
शुक्रवार को सीओ दौराला के पास पहुंची वृद्ध महिला ने बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है। सबसे बड़ा बेटा एमए कर चुका है। छोटी बेटी बीए में है। एक छोटा बेटा और है। हम गरीब हैं। बेटा ही परिवार का सहारा है।
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बस आश्वासन ही मिला
16 माह पहले उसकी बेटी क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में 12वीं की छात्रा थी। आरोप है कि गांव के दूसरे समुदाय के दो युवक (दोनों सगे भाई) उससे छेड़छाड़ करते थे। बड़े बेटे ने पुलिस से शिकायत की थी। जिस पर दोनों युवक उसे धमकी देते थे। इस दौरान ही बेटा 7 सितंबर को कॉलेज के लिए निकला था। लेकिन आज तक लौटा नहीं। वृद्धा के अनुसार उन्होंने दोनों युवकों पर बेटे का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए थाने में तभी तहरीर दे दी थी। लेकिन पुलिस ने रपट नहीं लिखी। बस गुमशुदा बताकर खोजबीन का आश्वासन देती रही।
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थाना प्रभारी के संज्ञान में ही नहीं
इन 16 माह में थाना कंकरखेड़ा में सुरेंद्र राणा, प्रशांत कपिल, यादराम यादव और सचिन मलिक प्रभारी रहे जबकि अरविंद कुमार, बीएस वीर कुमार और विजय प्रकाश सीओ रह चुके हैं। लेकिन शायद किसी भी थाना प्रभारी और सीओ ने संज्ञान नहीं लिया। करीब डेढ़ माह से थाना प्रभारी पीपी सिंह का कहना है कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है जबकि करीब दो माह से सर्किल देख रहे सीओ दौराला पंकज सिंह का कहना है कि बड़े दुख की बात है कि 16 माह से छात्र का कोई सुराग नहीं लगा। उसे सकुशल तलाश करने के सभी प्रयास कर रहे हैं।
विवेचक ने बताया मंदबुद्धि
वृद्धा का कहना है कि उसका बेटा एमए में फर्स्ट आया था। लेकिन उसके बाद भी दूसरे विषय से एमए कर रहा था। पुलिस में भर्ती होने के लिए भी तैयारी कर रहा था। उसके बावजूद पुलिस उसे मंदबुद्धि बताती है। इस केस के विवेचना दरोगा जितेंद्र कुमार का कहना है कि बहुत तलाश करी। लेकिन छात्र का सुराग नहीं लगा। छात्र कुछ मंदबुद्धि था। वह एक बार बचपन में भी घर छोड़कर चला गया था।

मामला गंभीर, जांच कराएंगे
एसपी सिटी मान सिंह चौहान के अनुसार मामला गंभीर है। 16 माह में पुलिस छात्र का सुराग नहीं लगा पाई। इतने दिनों में पुलिस ने छात्र की तलाश के लिए क्या-क्या प्रयास किए इसकी जांच कराएंगे। इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा से जानकारी ली जाएगी।
खास बात
16 माह से गायब है एमए का छात्र, केवल गुमशुदगी लिखने तक सिमटी तलाश
दूसरे समुदाय के दो भाई करते थे बहन से छेड़छाड़, भाई को देते थे भुगत लेने धमकी
पीड़ित पक्ष का आरोप, आरोपियों का पिता है थाने का मुखबिर, दबाव में है पुलिस
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