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Meerut News: भाजपा पार्षद पर आवारा कुत्ते का हमला, दाएं पैर को तीन जगह से नोचा
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नगर निगम के खिलाफ आक्रोश, शिकायत के बाद भी नहीं पहुंची टीम
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नगर निगम के वार्ड-39 के भाजपा पार्षद राजीव गुप्ता उर्फ काले पर मंगलवार को आवारा कुत्ते ने हमला बोल दिया। पार्षद चिल्लाते रहे और कुत्ता उनका पैर नोचता रहा। कुत्ते ने पार्षद के दाएं पैर को तीन जगह से नोच कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। जानकारी लगने पर लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। हादसे के करीब 30 मिनट बाद नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने पार्षद को फोन किया और कुत्तों को पकड़ने के लिए टीम भेजने की बात कही। इसके बावजूद निगम की टीम नहीं पहुंची, इसको लेकर पार्षद और स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश मिलने के बावजूद भी नगर निगम ने आवारा कुत्तों पर शिकंजा नहीं कसा। शहर से लेकर देहात तक आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार दोपहर 3:00 बजे पार्षद राजीव गुप्ता अपने वार्ड ब्रह्मपुरी में सफाई व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। इसी दौरान एक आवारा कुत्ते ने पार्षद पर हमला बोल दिया।
पार्षद ने बताया कि ब्रह्मपुरी में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई बार शिकायत की, लेकिन निगम ने कार्रवाई नहीं की। कुत्ते के हमले से लहूलुहान पार्षद एक डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुंच गए। पार्षद ने निगम अफसरों को इसकी जानकारी दी। नगर आयुक्त ने फोन का पार्षद का हाल जाना और कुत्तों पर शिकंजा कसने का आश्वासन दिया।
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पार्षद ने बताया कि निगम की लापरवाही के चलते कुत्ते खतरनाक होते जा रहे हैं। एंटी रैबीज इंजेक्शन और नसबंदी की प्रक्रिया के लिए निगम को प्रतिवर्ष दो करोड़ से ज्यादा रुपया सरकार देती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश तक हो चुके, बावजूद आवारा कुत्तों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह ने बताया कि बुधवार आज निगम की टीम ब्रह्मपुरी आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए जाएगी। कुत्तों पर शिकंजा कसने के लिए निगम का अभियान चल रहा है।
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एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर तक नहीं चला पाया निगम
नगर निगम का एनएच-58 स्थित शंकरनगर में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बना हुआ था। जहां पर करीब 100 कुत्तों की रोजाना नसबंदी और एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने की क्षमता थी। निगम ने हापुड़ रोड स्थित तिरंगा गेट के पास 200 कुत्तों की नसबंदी, एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने वाली क्षमता का नया एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाया और पुराना बंद कर दिया। नए सेंटर पर भी रोजाना आवारा कुत्ते नहीं पहुंच पा रहे। इसको लेकर पहले भी शिकायत हो चुकी है। शहर में 1.50 लाख से अधिक आवारा कुत्तों की संख्या बताई जाती है।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नगर निगम के वार्ड-39 के भाजपा पार्षद राजीव गुप्ता उर्फ काले पर मंगलवार को आवारा कुत्ते ने हमला बोल दिया। पार्षद चिल्लाते रहे और कुत्ता उनका पैर नोचता रहा। कुत्ते ने पार्षद के दाएं पैर को तीन जगह से नोच कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। जानकारी लगने पर लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। हादसे के करीब 30 मिनट बाद नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने पार्षद को फोन किया और कुत्तों को पकड़ने के लिए टीम भेजने की बात कही। इसके बावजूद निगम की टीम नहीं पहुंची, इसको लेकर पार्षद और स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश मिलने के बावजूद भी नगर निगम ने आवारा कुत्तों पर शिकंजा नहीं कसा। शहर से लेकर देहात तक आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार दोपहर 3:00 बजे पार्षद राजीव गुप्ता अपने वार्ड ब्रह्मपुरी में सफाई व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। इसी दौरान एक आवारा कुत्ते ने पार्षद पर हमला बोल दिया।
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पार्षद ने बताया कि ब्रह्मपुरी में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई बार शिकायत की, लेकिन निगम ने कार्रवाई नहीं की। कुत्ते के हमले से लहूलुहान पार्षद एक डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुंच गए। पार्षद ने निगम अफसरों को इसकी जानकारी दी। नगर आयुक्त ने फोन का पार्षद का हाल जाना और कुत्तों पर शिकंजा कसने का आश्वासन दिया।
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पार्षद ने बताया कि निगम की लापरवाही के चलते कुत्ते खतरनाक होते जा रहे हैं। एंटी रैबीज इंजेक्शन और नसबंदी की प्रक्रिया के लिए निगम को प्रतिवर्ष दो करोड़ से ज्यादा रुपया सरकार देती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश तक हो चुके, बावजूद आवारा कुत्तों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह ने बताया कि बुधवार आज निगम की टीम ब्रह्मपुरी आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए जाएगी। कुत्तों पर शिकंजा कसने के लिए निगम का अभियान चल रहा है।
एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर तक नहीं चला पाया निगम
नगर निगम का एनएच-58 स्थित शंकरनगर में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बना हुआ था। जहां पर करीब 100 कुत्तों की रोजाना नसबंदी और एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने की क्षमता थी। निगम ने हापुड़ रोड स्थित तिरंगा गेट के पास 200 कुत्तों की नसबंदी, एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने वाली क्षमता का नया एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाया और पुराना बंद कर दिया। नए सेंटर पर भी रोजाना आवारा कुत्ते नहीं पहुंच पा रहे। इसको लेकर पहले भी शिकायत हो चुकी है। शहर में 1.50 लाख से अधिक आवारा कुत्तों की संख्या बताई जाती है।