फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Back to Basics: Parents Now Checking Karma Kundli Before Marriage to Avoid Broken Relationships

दांपत्य: रिश्तों में न पड़े दरार इसलिए याद आ रहे रिश्तेदार, जन्मकुंडली के साथ कर्मकुंडली भी खंगाल रहे परिजन

Fri, 20 Jun 2025 11:43 AM IST
डिंपल सिरोही नेहा त्यागी,संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
नेहा त्यागी,संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Fri, 20 Jun 2025 11:43 AM IST
सार

पति-पत्नी के रिश्तों में बढ़ते विवाद और अपराधों के बाद अब परिजन केवल कुंडली ही नहीं, वर-वधु की 'कर्मकुंडली' भी खंगाल रहे हैं। शादी के लिए एक बार फिर रिश्तेदारियों में लौट रहे लोग।

विज्ञापन
Back to Basics: Parents Now Checking Karma Kundli Before Marriage to Avoid Broken Relationships
शादी करते हुए (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दो परिवारों का संगम और पति-पत्नी का साथ जन्मों बंधन माना जाता था, लेकिन सात जन्मों के बंधन को इस समय किसी की नजर लग गई है। पति-पत्नी के रिश्ते के बीच वह आने से ये पवित्र रिश्ता कलंकित हो गया है। ऐसे में मां-बाप अपने बच्चों का रिश्ता करने से पहले जन्मकुंडली के साथ ही उसकी कर्मकुंडली भी खंगाल रहे हैं। क्या है, कैसा है, किसके साथ है आदि।

विज्ञापन


कुछ समय से शादी-ब्याह करने के लिए लोगों ने शादी डॉट कॉम का भी सहारा लेना शुरू कर दिया था, लेकिन आपराधिक घटनाएं बढ़ने की वजह से फिर से लोग पुराने रीति रिवाज की ओर रुख कर रहे हैं। यानी कि करीबी रिश्तेदारियों में जीवनसाथी खोज रहे हैं ताकि पता रह सके कि उनका स्वभाव कैसा है। इस बारे में जब कुछ महिलाओं से बातचीत की गई तो उनका कहना कुछ इस प्रकार था।
विज्ञापन

 

यह भी पढ़ें: UP: एके-47 के कारतूस का सौदागर कौन? वेस्ट यूपी में खुफिया एजेंसियां जांच में जुटीं, बड़े नेटवर्क की आशंका
विज्ञापन
विज्ञापन

आपराधिक घटना बढ़ने की वजह से मैं अपने बेटे की शादी निकट संबंधी लड़की से ही करना चाहती हूं। इसके लिए बिचौलिया सहारा भी लेना होगा। ताकि हम लड़की के बारे में उनके माध्यम से सही जानकारी निकाल सकें। समय के बदलाव के साथ हमें भी बदलने की जरूरत है। - प्रतिभा कोठारी

बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को देखते हुए शादी के नाम से डर लगने लगा है, बच्चे बड़े हो रहे हैं। पहले उनकी पढ़ाई लिखाई की चिंता हुआ करती थी, लेकिन अब उनकी शादी की ज्यादा चिंता सताने लगी है। क्योंकि अच्छी लड़की या फिर लड़का मिलना मुश्किल हो गया है। - रेखा सिंह
 

आधुनिक दौर ने भी पति-पत्नी के रिश्ते में एक बड़ी खाई खड़ी कर दी है। बच्चों के लिए लड़की या फिर लड़के का चयन करना माता-पिता के लिए एक बड़ा सवाल है। इस समय लोग फिर से पुराने रिवाजों का सहारा ले रहे हैं, यानी कि रिश्तेदारों में लड़कियां या फिर लड़के खोज रहे हैं। - तृप्ति कपूर

पहले समय की शादियां सही हुआ करती थी। समाज को एक बार फिर से पुरानी चीजों की तरफ लाैटकर उन्हें अपनाना होगा तभी इस तरह की आपराधिक घटनाएं कम हो सकेंगी। - अनुराधा शर्मा



पहले समय में घर के बड़े ही रिश्ते जोड़ लिया करते थे तो इस तरह की घटनाएं सामने नहीं आती थी। आधुनिकता के दौर ने पुरानी चीजों को खत्म कर दिया है। हमें इन सबको रोकने के लिए दौर में ही वापस आना होगा। - रीना अग्रवाल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed