एक्सक्लूसिव: हस्तिनापुर और शाकंभरी तीर्थ के आएंगे ‘अच्छे दिन’, हालात सुधारने का खाका तैयार
प्रदेश के पर्यटन व धर्मार्थ कार्य विभाग मेरठ, सहारनपुर में हस्तिनापुर और शाकंभरी देवी मंदिर के हालात सुधारने का खाका तैयार कर रहे हैं। अगर योजनाएं परवान चढ़ीं तो दोनों स्थानों के अच्छे दिन ही नहीं आएंगे, यहां सैर-सपाटे के लिए पहुंचने वाले लोग और आस्था के साथ माता के दरबार में हाजिरी लगाने वाले श्रद्धालु अपनी यात्राएं यादगार बना सकेंगे।
पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी
छह फरवरी, 1949 को चंडीगढ़ के साथ ही जिस हस्तिनापुर को विकसित करने की नींव रखी गई थी, उसे अब पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। महाभारतकालीन नगरी को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने का प्रदेश सरकार का मंतव्य जल्दी ही मूर्त रूप ले सकता है। यहां के प्रमुख स्थलों को संरक्षित करने के साथ ही सहूलियतें बढ़ाई जाएंगी ताकि ज्यादा पर्यटक आएं और देर तक रुकें।
हर विधानसभा क्षेत्र में एक पर्यटन स्थल का विकास करने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना पर अमल के बाद यहां के प्रसिद्ध स्थलों को चिह्नित कर उनका विकास किया जाएगा। पर्यटकों की आमद बढ़ाने के लिए बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। पर्यटन विभाग उन स्थलों का प्रचार-प्रसार करना चाहता है, जहां छात्र-छात्राओं से लेकर शोधकर्ता और विदेशी सैलानी आएं। कोशिश है कि पर्यटकों और शोधकर्ताओं के इन स्थलों तक आने-जाने के लिए उचित प्रबंध करने के साथ ही इनके ठहरने की भी व्यवस्था की जाए। योजना के तहत इन लोगों को प्राचीन काल की पुष्ट जानकारियां भी मुहैया कराने की व्यवस्था की जानी है।
केंद्र से तालमेल कर काम कराएंगे
जल्दी ही हस्तिनापुर का दौरा कर देखूंगा कि यहां पर्यटकों के लिए क्या-क्या सुविधाएं हों। यह भी परखूंगा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ प्रदेश सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में कैसे तालमेल बिठाया जाए। - डॉ. नीलकंठ तिवारी, पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
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मौसम की मार से श्रद्धालु नहीं होंगे दो-चार
प्रदेश सरकार को सहारनपुर जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर प्राचीन सिद्ध पीठ शाकंभरी देवी मंदिर की सुध आखिरकार आ ही गई। हर साल यहां लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं लेकिन सुविधाओं के अभाव में यहां रुकने की सोचते भी नहीं हैं। यही नहीं, बेहट से भूरादेव मंदिर तक का सड़क मार्ग भी संकरा है।
अब श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भूरा देव मंदिर तक के सड़क मार्ग को फोरलेन बनाया जाना है। यहां वाहनों की पार्किंग का भी प्रस्ताव है। भूरादेव मंदिर से शाकंभरी मंदिर तक के डेढ़-दो किलोमीटर के रास्ते को एलिवेटेड किया जाना है।
फिलहाल, प्रयोग में लाए जा रहे रास्ते में दोनों तरफ बरसाती नदी बहती है और इसमें अचानक पानी आने पर दुर्घटनाएं होती हैं। मौसम खराब होने पर लोग यहां जाने से बचते हैं। एलिवेटेड रोड बनने के बाद यह रास्ता सुरक्षित हो जाएगा। इंटेग्रेटेड टूरिज्म डेवलपमेंट प्लान के तहत किए जाने वाले कार्यों में श्रद्धालुओं के लिए दो किलोमीटर के रास्ते में चुनिंदा स्थानों पर वेंडिंग जोन बनाकर जलपान और खानपान की भी व्यवस्था की जाएगी।
कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद
प्रदेश सरकार प्राचीन मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की समस्याओं का समाधान करना चाहती है। विभाग की ओर से प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। काम पूरे होने के बाद श्रद्धालुओं को बदलाव नजर आएंगे। - अंजू चौधरी, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी
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