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दिनभर भूत बंगले में दुबका रहा बारहसिंघा
Updated Sat, 16 Jun 2018 01:52 AM IST
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घंटों छानी भूत बंगले की खाक, नहीं मिला बारहसिंगा
मेरठ। माल रोड पर बृहस्पतिवार को भूत बंगले में घुसा बारहसिंगा शुक्रवार को पांच घंटे तक चलाए गए रेस्क्यू के बाद भी नजर नहीं आया। वाइल्ड टीम का मानना है कि रात में वह भूत बंगले से निकलकर कहीं चला गया।
बृहस्पतिवार सुबह सात बजे माल रोड पर लोगों ने व्हीलर क्लब के पास एक बारहसिंगा देखा। सूचना पर पुलिस और वाइल्ड लाइफ की टीम मौके पर पहुंची तो वो भागकर आशियाना गेस्ट हाउस के सामने भूत बंगले में घुस गया। रात को टीम ने कई घंटे तक उसको पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह वहां से भाग निकला। शुक्रवार सुबह किसी ने फिर व्हीलर क्लब के पास बारहसिंगा देखे जाने की बात कही तो वाइल्ड लाइफ की टीम फिर से मौके पर पहुंच गई। भूत बंगले की तरफ जाने वाले रास्ते पर ताला लगाकर उसको बंद कर दिया। शाम होने पर वाइल्ड लाइफ वार्डन राज सिंह, डिप्टी रेंजर नरेश कुमार, गौरव कुमार, मोहन और गोपाल की टीम जाल आदि लेकर पहुंच गई। रात आठ बजे तक पांच घंटे टीम ने उसकी तलाश की, लेकिन वह मिला। वार्डन राज सिंह ने बताया कि बारहसिंगा की तलाश की जा रही है।
सिर्फ जाल से पकड़ सकते हैं
बारहसिंगा को दुर्लभ वन्य जीव होने के कारण संकटग्रस्त सूची में रखा गया है। बारहसिंगा की प्रजातियां दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, हस्तिनापुर अभ्यारण, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, मध्यप्रदेश के कान्हा राष्ट्रीय उद्यान और बंगाल के सुंदरवन में पाई जाती है। वह घास और पेड़ों की पत्तियां खाता है। वाइल्ड लाइफ अधिकारी बताते हैं कि बारहसिंगा का दिल बेहद नाजुक होता है। उसके साथ जबरदस्ती की तो उसकी जान को खतरा है। वो खुद को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में उसे सिर्फ जाल से ही पकड़ा जा सकता है।
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मेरठ। माल रोड पर बृहस्पतिवार को भूत बंगले में घुसा बारहसिंगा शुक्रवार को पांच घंटे तक चलाए गए रेस्क्यू के बाद भी नजर नहीं आया। वाइल्ड टीम का मानना है कि रात में वह भूत बंगले से निकलकर कहीं चला गया।
बृहस्पतिवार सुबह सात बजे माल रोड पर लोगों ने व्हीलर क्लब के पास एक बारहसिंगा देखा। सूचना पर पुलिस और वाइल्ड लाइफ की टीम मौके पर पहुंची तो वो भागकर आशियाना गेस्ट हाउस के सामने भूत बंगले में घुस गया। रात को टीम ने कई घंटे तक उसको पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह वहां से भाग निकला। शुक्रवार सुबह किसी ने फिर व्हीलर क्लब के पास बारहसिंगा देखे जाने की बात कही तो वाइल्ड लाइफ की टीम फिर से मौके पर पहुंच गई। भूत बंगले की तरफ जाने वाले रास्ते पर ताला लगाकर उसको बंद कर दिया। शाम होने पर वाइल्ड लाइफ वार्डन राज सिंह, डिप्टी रेंजर नरेश कुमार, गौरव कुमार, मोहन और गोपाल की टीम जाल आदि लेकर पहुंच गई। रात आठ बजे तक पांच घंटे टीम ने उसकी तलाश की, लेकिन वह मिला। वार्डन राज सिंह ने बताया कि बारहसिंगा की तलाश की जा रही है।
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सिर्फ जाल से पकड़ सकते हैं
बारहसिंगा को दुर्लभ वन्य जीव होने के कारण संकटग्रस्त सूची में रखा गया है। बारहसिंगा की प्रजातियां दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, हस्तिनापुर अभ्यारण, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, मध्यप्रदेश के कान्हा राष्ट्रीय उद्यान और बंगाल के सुंदरवन में पाई जाती है। वह घास और पेड़ों की पत्तियां खाता है। वाइल्ड लाइफ अधिकारी बताते हैं कि बारहसिंगा का दिल बेहद नाजुक होता है। उसके साथ जबरदस्ती की तो उसकी जान को खतरा है। वो खुद को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में उसे सिर्फ जाल से ही पकड़ा जा सकता है।
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