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गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन परेशानियां बरकरार।

Sat, 08 Sep 2018 02:28 AM IST
Updated Sat, 08 Sep 2018 02:28 AM IST
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गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन परेशानियां बरकरार।
हस्तिनापुर। गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। शुक्रवार को जलस्तर में काफी कमी आई है। जिससे खादर क्षेत्र में गंगा किनारे बसे लोगों ने राहत की सांस ली है। यदि पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई तो स्थिति जल्द सामान्य होने की उम्मीद है। हालांकि हरिपुर गांव के सामने टूटे तटबंध से निकलने वाले पानी से खेतों एवं संपर्क मार्गों पर पानी बह रहा है। जलस्तर कम होने से अब स्थिति में कुछ सुधार है। बिजनौर बैराज के अवर अभियंता पीयूष कुमार के अनुसार जलस्तर में शुक्रवार को काफी गिरावट आई। अब जलस्तर घटकर महज 85 हजार क्यूसेक रह गया है। जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है। वहीं, ट्रैक्टर आदि से आवागमन प्रारंभ हो गया है। हालांकि जिन संपर्क मार्गों में कई-कई फीट पानी बह रहा था उसमें कमी आई है। इसके बावजूद सड़क अभी दिखाई नहीं दे रही है। जिससे लोगों को वाहन चलाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, किसानों के सामने पशुओं के चारे का संकट गंभीर होता जा रहा है। बीते बीस दिन से खेतों में पानी बहने के कारण चारे की फसल पूर्ण रूप से नष्ट हो गई है। जिससे पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। खेड़ी कलां गांव की प्रधान सुशीला ने बताया कि गंगा अभी तेजी से कटान कर रही है। पानी शुक्रवार को बधुवा गांव के समीप तेजी से कटान करते हुए कई झोपड़ियों को बहा ले गई। खादर क्षेत्र में फैल रही बीमारियों को देखते हुए सीएमओ डॉ. राजकुमार ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रक्षित कुमार के साथ खादर क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा टीम भेजकर उपचार कराने के निर्देश दिए।
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मुख्य बातें
पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की कमी से गंगा के जलस्तर में आई गिरावट
खादर के गांवों के संपर्क मार्गों और फसलों में अभी भरा है पानी

मंत्री सुरेश राणा आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेंगे
मवाना। प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश राणा शनिवार को हस्तिनापुर खादर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे। वे अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंपेंगे।
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हस्तिनापुर खादर में बीते एक माह से गंगा के बढे़ जलस्तर से बाढ़ के हालात बने हैं। कई गांवों को संपर्क कट गया है तथा टापू में तब्दील होकर रह गए हैं। वहीं, कई स्थानों पर गंगा तेजी से कटान कर रही है। इसके चलते बीते दिनों तहसील प्रशासन ने नई बस्ती से डेढ़ दर्जन से अधिक परिवारों को लतीफपुर में विस्थापित कराया। वहीं, खादर के लोगों की समस्या को लेकर विधायक दिनेश खटीक बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा मंत्री स्वाति सिंह से मिले थे। उन्हें खादर के लोगों की स्थिति और बाढ़ से हुई तबाही से अवगत कराया। वहीं, हर वर्ष आने वाली बाढ़ के स्थायी समाधान की मांग की थी। प्रदेश के मुख्यमंत्री के आदेश पर मंत्री सुरेश राणा शनिवार को हस्तिनापुर के खादर में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाके का जायजा लेंगे। वहां के लोगों की समस्याओं को जानकर रिपोर्ट सीएम को सौंपेगे। मंत्री के दौरे से सिंचाई विभाग और तहसील के अधिकारियों में हड़कंप मचा है। मंत्री के दौरे को देखते हुए गन्ना विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारी बाढ़ के कारण नष्ट हुई फसल का आंकलन करने में जुटे हैं।
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सपाइयों का धरने में भीड़ जुटाने का आह्वान
हस्तिनापुर। समाजवादी पार्टी के दस सितंबर को मेरठ स्थित कमिश्नरी पार्क में प्रस्तावित विशाल धरना-प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को बैठक मुख्य बाजार में राकेश वर्मा के प्रतिष्ठान पर हुई। इसमें पार्टी के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने मौजूद कार्यकर्ताओं से धरना-प्रदर्शन में रिकार्ड भीड़ जुटाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार को डेढ़ साल हो गया है। इसके बावजूद अपराध बढ़ रहा है। आम आदमी परेशान है बेरोजगार युवकों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के माध्यम से किसानों के बकाया भुगतान, बिजली बिल की दरें कम करने, अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों को बाध्य करेंगे। किसान इस समय भुखमरी के कगार पर हैं। विद्युत निगम के अधिकारी किसानों पर बिजली का बिल जमा कराने के लिए दबाव बना रहे हैं। हालांकि सरकार को देखना चाहिए कि उनको गन्ना मूल्य समय पर नहीं किया जा रहा है। ऐसे वे बिल समय से कैसे जमा कर सकेंगे। बेरोजगारी बढ़ने से अपराध भी बढ़ रहा है। पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि ने कहा कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में किसान त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। हजारों हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसल नष्ट हो गई है। प्रदेश सरकार किसानों के बारे में नहीं सोच रही है। किसानों को नष्ट हुई फसलों का वाजिब मुआवजा मिलना चाहिए। इस मौके पर सुभाष कलूचा, नीरज अरोरा, नरेशपाल, रिहानुद्दीन, सचिन, हेम सिंह आदि रहे।
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