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किनौनी मिल गेट पर शव रखकर छह घंटें धरने पर बैठे परिजन
Updated Mon, 28 May 2018 02:28 AM IST
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सरूरपुर/मेरठ। किनौनी शुगर मिल की डिस्टलरी में लगी भीषण आग का शिकार हुए कर्मचारी मोनू के शव को परिजनों ने रविवार सुबह आठ बजे मिल गेट पर रखकर धरना शुरू कर दिया।
पोस्टमार्टम के बाद मोनू का शव सुपुर्दगी में लेकर परिजन और ग्रामीण मिल गेट पर पहुंच गए। इस दौरान सपा नेता अतुल प्रधान ने कहा कि यह हादसा मिल प्रबंधन की लापरवाही से हुआ है। मिल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा कायम किया जाए। मृतक के परिवार को बच्चों की परवरिश के लिये पचास लाख की आर्थिक सहायता, उसके परिवार के एक सदस्य को मिल में नौकरी और झुलसे लोगों का इलाज का पूरा खर्च मिल प्रबंधन द्वारा उठाया जाए। दोपहर करीब दो बजे तक धरना चला। एडीएम प्रशासन द्वारा 21.50 लाख की आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन देने के बाद धरना समाप्त किया गया। जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सपा के पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद, बसपा नेता नवाब लखवाया आदि ने सांत्वना दी।
भाजपा विधायक धरने पर पहुंचे
सिवालखास से भाजपा विधायक जितेन्द्र सतवाई भी धरनास्थल पर पहुंचे। मिल प्रबंधन से वार्ता कर मिल के यूनिट हेड की मौजूदगी में धरने को संबोधित करते हुए पांच लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से, 8.50 लाख रुपये श्रम विभाग से और तीन लाख रुपये मिल प्रबंधन सहित 16.50 लाख रुपये आर्थिक सहायता के अलावा प्रशासनिक स्तर पर किसान बीमा या अन्य लाभ मिल दिलाने की घोषणा की। हालांकि सपा नेता अतुल प्रधान ने इस घोषणा को अपर्याप्त बताया।
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खास बातें:
50 लाख रुपये सहायता, मिल में नौकरी और झुलसे लोगों का इलाज कराना थीं मांगें
एडीएम प्रशासन द्वारा 21.50 लाख रुपये आर्थिक सहायता पर माने परिजन
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पोस्टमार्टम के बाद मोनू का शव सुपुर्दगी में लेकर परिजन और ग्रामीण मिल गेट पर पहुंच गए। इस दौरान सपा नेता अतुल प्रधान ने कहा कि यह हादसा मिल प्रबंधन की लापरवाही से हुआ है। मिल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा कायम किया जाए। मृतक के परिवार को बच्चों की परवरिश के लिये पचास लाख की आर्थिक सहायता, उसके परिवार के एक सदस्य को मिल में नौकरी और झुलसे लोगों का इलाज का पूरा खर्च मिल प्रबंधन द्वारा उठाया जाए। दोपहर करीब दो बजे तक धरना चला। एडीएम प्रशासन द्वारा 21.50 लाख की आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन देने के बाद धरना समाप्त किया गया। जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सपा के पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद, बसपा नेता नवाब लखवाया आदि ने सांत्वना दी।
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भाजपा विधायक धरने पर पहुंचे
सिवालखास से भाजपा विधायक जितेन्द्र सतवाई भी धरनास्थल पर पहुंचे। मिल प्रबंधन से वार्ता कर मिल के यूनिट हेड की मौजूदगी में धरने को संबोधित करते हुए पांच लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से, 8.50 लाख रुपये श्रम विभाग से और तीन लाख रुपये मिल प्रबंधन सहित 16.50 लाख रुपये आर्थिक सहायता के अलावा प्रशासनिक स्तर पर किसान बीमा या अन्य लाभ मिल दिलाने की घोषणा की। हालांकि सपा नेता अतुल प्रधान ने इस घोषणा को अपर्याप्त बताया।
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खास बातें:
50 लाख रुपये सहायता, मिल में नौकरी और झुलसे लोगों का इलाज कराना थीं मांगें
एडीएम प्रशासन द्वारा 21.50 लाख रुपये आर्थिक सहायता पर माने परिजन