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कैश कालेज पर सील लगाने की तैयारी
Updated Fri, 16 Mar 2018 01:56 AM IST
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कैश कालेज पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी
मेरठ। रुड़की रोड स्थित डौरली स्थित कैश कॉलेज (कॉलेज ऑफ एप्लायड एजूकेशन एंड हेल्थ साइंसेज) पर एमडीए सील लगाने की तैयारी कर रहा है। आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने इस बाबत बैठक में कहा कि यह कॉलेज इंद्रप्रस्थ इस्टेट सहकारी आवास समिति के अध्यक्ष रहे एसपी देशवाल का है और इसके निर्माण से लेकर मान्यता तक में धांधली है।
दरअसल इस समिति को लेकर लगातार विवाद चल रहा है और एसपी देशवाल आरोपों के घेरे में हैं। समिति के सचिव रहे नरेश कुमार आदि ने इस बाबत प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि देशवाल ने दो सौ करोड़ से ज्यादा का गड़बड़झाला समिति के भूखंड बेचने में किया। उधर, अपर आवास आयुक्त एवं अपर निबंधक वहीद उल्लाह ने इसकी जांच की थी। मानचित्र को लेकर सवाल थे। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा कि जांच में पाया कि एमडीए से स्वीकृत कराए 936 वर्ग मीटर का प्लॉट बिना ले-आउट परिवर्तित कराए तीन आवासीय भूखंडों में परिवर्तित कर बैनामा कर दिया। इसके अलावा समिति अध्यक्ष द्वारा अपनी इच्छानुसार ही मानचित्र में फेरबदल कर डी पाकेट के प्लॉट संख्या 1, 2, 3, 4, 5, आदि की दिशा बदलकर जो भूमि 1600 वर्ग गज बची, उसे कॉलेज को खरीदे गए प्लाटों में मिला लिया।
आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि यहां भारी अनियमितताएं हुई हैं। सबसे अहम बात यह सामने आ रही है कि कालेज प्रबंधक ने मान्यता लेने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए हैं। ऐसे में इस कालेज पर सील करने के निर्देश होंगे। साथ ही अन्य सभी प्रकरणों की भी जांच होगी।
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बृहस्पतिवार को भी महिलाओं ने की शिकायत
बृहस्पतिवार को भी इस प्रकरण में महिलाओं ने आयुक्त से शिकायत की। कहा कि समिति में उन्होंने प्लाट लिए थे। लेकिन उन्हें कब्जा न देकर किसी दूसरे को उन्हेें दे दिया गया। यही उनकी जीवन भर की कमाई थी। उन्होंने आयुक्त से कार्रवाई की मांग की। आयुक्त ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए इसकी जांच एसडीएम स्तर पर कराने के निर्देश दिए।
खास बातें:
- डौरली स्थित कैश कॉलेज पर आयुक्त ने कहा कि होगी कार्रवाई
- मानचित्रों में फेरबदल, कॉलेज की मान्यता के लिए फर्जी दस्तावेज लगाने के आरोप
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मेरठ। रुड़की रोड स्थित डौरली स्थित कैश कॉलेज (कॉलेज ऑफ एप्लायड एजूकेशन एंड हेल्थ साइंसेज) पर एमडीए सील लगाने की तैयारी कर रहा है। आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने इस बाबत बैठक में कहा कि यह कॉलेज इंद्रप्रस्थ इस्टेट सहकारी आवास समिति के अध्यक्ष रहे एसपी देशवाल का है और इसके निर्माण से लेकर मान्यता तक में धांधली है।
दरअसल इस समिति को लेकर लगातार विवाद चल रहा है और एसपी देशवाल आरोपों के घेरे में हैं। समिति के सचिव रहे नरेश कुमार आदि ने इस बाबत प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि देशवाल ने दो सौ करोड़ से ज्यादा का गड़बड़झाला समिति के भूखंड बेचने में किया। उधर, अपर आवास आयुक्त एवं अपर निबंधक वहीद उल्लाह ने इसकी जांच की थी। मानचित्र को लेकर सवाल थे। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा कि जांच में पाया कि एमडीए से स्वीकृत कराए 936 वर्ग मीटर का प्लॉट बिना ले-आउट परिवर्तित कराए तीन आवासीय भूखंडों में परिवर्तित कर बैनामा कर दिया। इसके अलावा समिति अध्यक्ष द्वारा अपनी इच्छानुसार ही मानचित्र में फेरबदल कर डी पाकेट के प्लॉट संख्या 1, 2, 3, 4, 5, आदि की दिशा बदलकर जो भूमि 1600 वर्ग गज बची, उसे कॉलेज को खरीदे गए प्लाटों में मिला लिया।
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आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि यहां भारी अनियमितताएं हुई हैं। सबसे अहम बात यह सामने आ रही है कि कालेज प्रबंधक ने मान्यता लेने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए हैं। ऐसे में इस कालेज पर सील करने के निर्देश होंगे। साथ ही अन्य सभी प्रकरणों की भी जांच होगी।
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बृहस्पतिवार को भी महिलाओं ने की शिकायत
बृहस्पतिवार को भी इस प्रकरण में महिलाओं ने आयुक्त से शिकायत की। कहा कि समिति में उन्होंने प्लाट लिए थे। लेकिन उन्हें कब्जा न देकर किसी दूसरे को उन्हेें दे दिया गया। यही उनकी जीवन भर की कमाई थी। उन्होंने आयुक्त से कार्रवाई की मांग की। आयुक्त ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए इसकी जांच एसडीएम स्तर पर कराने के निर्देश दिए।
खास बातें:
- डौरली स्थित कैश कॉलेज पर आयुक्त ने कहा कि होगी कार्रवाई
- मानचित्रों में फेरबदल, कॉलेज की मान्यता के लिए फर्जी दस्तावेज लगाने के आरोप