कोपागंज। आगामी 17 दिसंबर को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे के मद्देनजर इंदारा-दोहरीघाट रेल मार्ग पर बुधवार को रेलवे के अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल किया। साथ ही स्टेशनों की सफाई और रंगाई-पुताई का काम कराया जा रहा है। रेलवे की सक्रियता बढ़ने से इस रूट पर ट्रेनों के संचालन की आस जग गई है। इससे जिले के तीन ब्लाक के 100 गांवों के लोगों को फायदा मिलेगा। 35 किमी लंबे इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग के लिए 165 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था। 20 अक्तूबर 2016 को तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इंदारा जंक्शन पर आमान परिवर्तन की आधारशिला रखी थी। इस बीच 31 जनवरी 2018 को रेल बस का संचालन बंद कर दिया गया था। इससे दोहरीघाट, बड़रांव, घोसी ब्लाक क्षेत्र की एक लाख आबादी को असुविधा का सामना पड़ रहा था। आमान परिवर्तन पूरा होने के बाद 31 मार्च 2023 को रेल संरक्षा आयुक्त पूर्वी जोन के साथ डीआरएम रामाश्रय पांडेय ने इंदारा-दोहरीघाट रेल मार्ग का निरीक्षण किया था। ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी देने के साथ दोहरीघाट रेलवे स्टेशन से ईएमयू के संचालन की घोषणा की थी। हालांकि अभी तक इस रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। अब पीएम मोदी के वाराणसी आगमन पर इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग पर ट्रेन संचालन को हरी झंडी मिलने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। बुधवार को रेलवे के अधिकारियों की टीम ने इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल किया। साथ ही स्टेशनों की सफाई और रंगाई पुताई का काम कराया जा रहा है। मंगलवार को आईओडब्ल्यू दिलीप कुमार, एके सिंह, एक्सईएन रवि प्रकाश ने रेलवे ट्रैक, बिजली कनेक्शन आदि का निरीक्षण किया था। इस बाबत दिलीप कुमार आईओडब्ल्यू का कहना है कि इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल और रेलवे ट्रैक, बिजली कनेक्शन आदि का निरीक्षण किया गया। ट्रेन संचालन के बारे में जानकारी नहीं है।