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दोहरे हत्याकांड में पिता पुत्र सहित तीन को फांसी की सजा
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक रामराज ने दोहरे हत्याकांड के मामले में नामजद चार आरोपियों में पिता, पुत्र सहित तीन को दोषी पाते हुए फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 10-10 हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। एक आरोपी की मौत होने के कारण उसके विरुद्ध मुकदमा की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र के भिखारीपुर गांव का है।
अभियोजन के अनुसार घोसी कोतवाली के भिखारीपुर गांव निवासी तुलसी गुप्ता पुत्र रामसनेही की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी मुकदमा ने बताया कि बकरे द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाने और जमीन विवाद को लेकर 17 मार्च 2009 की रात मनबढ़ों ने उसके पिता रामसनेही गुप्ता की हत्या कर दी। घटना के समय रामसनेही भोजन करने के बाद नलकूप पर सोने जा रहे थे। बाद में आरोपियों ने पब्बर मौर्य पुत्र सभा मौर्य की भी हत्या की। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर भिखारीपुर गांव निवासी अकलू चौहान पुत्र किशोर चौहान, जयचंद पुत्र अकलू चौहान, बेफू चौहान पुत्र रामरूप चौहान और रामसरन चौहान पुत्र रामरूप चौहान के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने सात गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने झूठा फंसाए जाने के तर्क पेश किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण अकलू चौहान, जयचंद चौहान और रामसरन चौहान को हत्या का दोषी पाया। मामला विरलो से विरलतम श्रेणी मे पाते हुए तीनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर 10-10 हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड जमा होने पर 80 प्रतिशत धनराशि मृतकों के वारिसानो को देने का आदेश दिया। इस मामले में आरोपी बने बेफू चौहान की मौत होने के कारण उसके विरुद्ध मुकदमा की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।
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अभियोजन के अनुसार घोसी कोतवाली के भिखारीपुर गांव निवासी तुलसी गुप्ता पुत्र रामसनेही की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी मुकदमा ने बताया कि बकरे द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाने और जमीन विवाद को लेकर 17 मार्च 2009 की रात मनबढ़ों ने उसके पिता रामसनेही गुप्ता की हत्या कर दी। घटना के समय रामसनेही भोजन करने के बाद नलकूप पर सोने जा रहे थे। बाद में आरोपियों ने पब्बर मौर्य पुत्र सभा मौर्य की भी हत्या की। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर भिखारीपुर गांव निवासी अकलू चौहान पुत्र किशोर चौहान, जयचंद पुत्र अकलू चौहान, बेफू चौहान पुत्र रामरूप चौहान और रामसरन चौहान पुत्र रामरूप चौहान के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
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कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने सात गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने झूठा फंसाए जाने के तर्क पेश किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण अकलू चौहान, जयचंद चौहान और रामसरन चौहान को हत्या का दोषी पाया। मामला विरलो से विरलतम श्रेणी मे पाते हुए तीनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर 10-10 हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड जमा होने पर 80 प्रतिशत धनराशि मृतकों के वारिसानो को देने का आदेश दिया। इस मामले में आरोपी बने बेफू चौहान की मौत होने के कारण उसके विरुद्ध मुकदमा की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।
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