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छह करोड़ रुपये रह गए ग्राम पंचायतों के खातों में

Sat, 26 Dec 2020 11:56 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2020 11:56 PM IST
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Six crores of rupees remain in the accounts of gram panchayats
मऊ। ग्राम पंचायतों के खातों में 15 वें वित्त के छह करोड़ रुपये पड़े रह गए। इन रुपयों को गांवों के विभिन्न विकास कार्यों में व्यय किया जाना था। लेकिन ग्राम पंचायतों के कार्यकाल में इसे खर्च नहीं किया जा सका। अब इस रकम का प्रयोग प्रशासकों के माध्यम से सामुदायिक शौचालयों और पंचायत भवनों के निर्माण में खर्च किया जाएगा।
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जनपद के 671 ग्राम पंचायतों के बैंक खातों में 15वें वित्त के छह करोड़ रुपये भेजे गए हैं। लेकिन शासन की प्राथमिकता के अनुसार विभागीय अधिकारियों ने इस रकम का उपयोग केवल सामुदायिक शौचालयों और ग्राम पंचायत भवनों के निर्माण पर करने का फरमान जारी कर दिया। कुछ गांवों में प्रधानों की ओर से अपने स्तर से विकास कार्य करा दिए गए थे। जिसका भुगतान सक्षम अधिकारियों की ओर से समय रहते यह कहते हुए नहीं किया गया कि शासन की प्राथमिकता वाले सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवनों के निर्माण पहले कराया जाएं।
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जनपद के 216 गांवों में पहले से ही पंचायत भवन बने थे। कुछ गांवों में पंचायत भवन निर्माण का काम प्रधानों ने शुरू करा दिया। हालांकि इनके पूरे होने भर को ग्राम निधि खातों में रकम नहीं थी। इधर पंचायतों का कार्यकाल करीब आ रहा था। ग्राम प्रधान संगठन के अनुसार लिहाजा सक्षम अधिकारियों की तरफ से प्रधानों द्वारा गांवों में विकास कार्यों के भुगतान पर कोई रुचि नहीं ली गई। लिहाजा गांवों में 15वें वित्त की समूची रकम छह करोड़ रुपये पड़ी रह गई।15 वें वित्त के अलावा कुछ गांवों में रकम खातों में पड़ी है।
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ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष विवेकानंद यादव कहते हैं कि प्रधानों द्वारा पूर्व में अपने खर्च से करा दिए गए कार्यों का भुगतान बीडीओ और संक्षम अधिकारियों ने जानबूझ कर नहीं किया। चूंकि कार्यकाल समाप्त होने के नजदीक आ रहा था, इसलिए अधिकारी इसे टाल रहे थे कि कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद जब उनके अधीनस्थ सरकारी कर्मचारी प्रशासक नियुक्त हो जाएंगे तो अपनी मरजी के मुताबिक कार्य कराकर भुगतान किया जा सकेगा। इसलिए 15 वें वित्त की रकम ग्राम निधि खातों में पड़ी रह गई।

उधर जिला पंचायत राज अधिकारी घनश्याम सागर का कहना है कि गांवों में गाइड लाइन के अनुसार कराए गए कार्यों का भुगतान विधि संगत तरीके से किया गया है। जहां कहीं विसंगतियां पाई गई होंगी , वहीं का भुगतान रुका हो सकता है।
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