{"_id":"6a99c8945be22083020b1aca","slug":"protest-on-the-11th-against-ugc-rules-and-the-reservation-system-mau-news-c-295-1-mau1001-151392-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: यूजीसी नियमों और आरक्षण व्यवस्था के विरोध में 11 को प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: यूजीसी नियमों और आरक्षण व्यवस्था के विरोध में 11 को प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मधुबन। यूजीसी के नए नियमों और वर्तमान आरक्षण व्यवस्था के विरोध में 11 सितंबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर बृहस्पतिवार को मधुबन क्षेत्र में जनसंपर्क किया गया। सवर्ण समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं क्षत्रिय समाज के जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने लोगों से संपर्क कर जिला मुख्यालय पहुंचने और प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की।
देवेंद्र सिंह ने कहा कि सवर्ण समाज अपने अधिकारों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था से योग्य युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। उनका कहना है कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति होना चाहिए और आर्थिक रूप से कमजोर सभी वर्गों को समान रूप से सरकारी सहायता एवं आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
उन्होंने यूजीसी के नए प्रावधानों में संशोधन की मांग करते हुए कहा कि इससे सवर्ण समाज के शिक्षकों और छात्रों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से इन प्रावधानों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन करने की मांग की। ज्ञापन में यूजीसी के नए नियमों में संशोधन और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग प्रमुख होगी। देवेंद्र सिंह ने मधुबन तहसील क्षेत्र के सवर्ण समाज के लोगों से निजी मतभेद भुलाकर आंदोलन में एकजुट होकर शामिल होने की अपील की। इस दौरान चीनी मिल घोसी के डायरेक्टर विजय शंकर सिंह, चंद्रभूषण सिंह, विद्यासागर सिंह, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पूर्व पूर्वांचल प्रचारक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
जातिगत राजनीति पर भी साधा निशाना
जनसंपर्क के दौरान देवेंद्र सिंह ने आजाद समाज पार्टी के संस्थापक एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता जाति की राजनीति के जरिए समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगा। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
विज्ञापन
देवेंद्र सिंह ने कहा कि सवर्ण समाज अपने अधिकारों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था से योग्य युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। उनका कहना है कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति होना चाहिए और आर्थिक रूप से कमजोर सभी वर्गों को समान रूप से सरकारी सहायता एवं आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने यूजीसी के नए प्रावधानों में संशोधन की मांग करते हुए कहा कि इससे सवर्ण समाज के शिक्षकों और छात्रों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से इन प्रावधानों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन करने की मांग की। ज्ञापन में यूजीसी के नए नियमों में संशोधन और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग प्रमुख होगी। देवेंद्र सिंह ने मधुबन तहसील क्षेत्र के सवर्ण समाज के लोगों से निजी मतभेद भुलाकर आंदोलन में एकजुट होकर शामिल होने की अपील की। इस दौरान चीनी मिल घोसी के डायरेक्टर विजय शंकर सिंह, चंद्रभूषण सिंह, विद्यासागर सिंह, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पूर्व पूर्वांचल प्रचारक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
जातिगत राजनीति पर भी साधा निशाना
जनसंपर्क के दौरान देवेंद्र सिंह ने आजाद समाज पार्टी के संस्थापक एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता जाति की राजनीति के जरिए समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगा। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।