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माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ पाए केवल 60 फीसदी छात्र

Wed, 14 Oct 2020 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2020 11:42 PM IST
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Only 60% of students in secondary schools could join online education
मऊ। कोरोना संक्रमण काल में जिले के माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत छठवीं से 12वीं कक्षा के बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं संचालित हो रही है। लेकिन अब इसे लापरवाही कहें या फिर सुविधाओं का अभाव की छात्रों की शिक्षा ऑन लाइन व्यवस्था में बहुत बेहतर नहीं हो पा रही। विभागीय आंकड़ों की मानें तो महज 60 प्रतिशत छात्र ही ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ सके हैं। इसका कारण ग्रामीणांचल में नेटवर्क, बिजली आपूर्ति की बेहतर व्यवस्था न होना है। इनतमाम व्यवधानों के चलते छात्र ऑनलाइन शिक्षा से वंचित हो जा रहे हैं।
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जिले में 67 सहायता प्राप्त, 14 राजकीय सहित 517 विद्यालयों में 1.97 लाख बच्चे अध्यनरत हैं। लाकडाउन के समय से ही विद्यालय बंद चल रहे हैं। छठवीं से 12वीं तक के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। विभाग की तरफ से प्रत्येक विद्यालय का वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसके साथ ही वाट्सएप, गुगल ई क्लासेज, स्वयंप्रभा चैनल से पढ़ाई हो रही है। विद्यालय के वाट्सएप ग्रुप से बच्चों के अभिभावकों को जोड़ा गया है। शिक्षक वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से बच्चों को ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार 60 प्रतिशत बच्चे ही ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ पाए हैं। जबकि 55 प्रतिशत बच्चे टीवी सेट से पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यालयों के मेन गेट पर ड्राप बाक्स लगाया गया है। छात्र अपनी समस्याएं डाल सकते हैं। जबकि बेसिक शिक्षा विभाग से संबद्ध परिषदीय विद्यालयों में 42 प्रतिशत बच्चे ही ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ पाए हैं। अभिभावकों के अनुसार ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान अनियमित बिजली आपूर्ति तथा नेटवर्क गायब रहने से पढ़ाई से वंचित हो जा रहे हैं।
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जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि ऑन लाइन क्लास शुरु करने के लिए आदेश ही नहीं दिया गया, बल्कि समय समय पर इसकी मॉनिटरिंग भी की गई। लेकिन अब बिजली या फिर नेटवर्क की समस्या आड़े आएगी तो उसमें विद्यालय और शिक्षा विभाग क्या कर सकता है। पढ़ने वाले छात्र कोई न कोई व्यवस्था करते है, ताकि उनका क्लास या लेक्चर न छूटे।
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