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Mau News: टीकाकरण और नसबंदी में पिछड़ा मऊ का स्वास्थ्य विभाग
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मऊ। जिला स्वास्थ्य समिति और जनपद स्तरीय टास्क फोर्स की संयुक्त समीक्षा बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आनंद वर्धन की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। टीकाकरण और नसबंदी की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अभियान चलाकर कार्य करने और इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।
संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान विकासखंड बड़रांव की प्रगति कम पाई गई। इस पर डीएम ने संबंधित एमओआईसी को संस्थागत प्रसव की दर में सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। वहीं, फतेहपुर मंडाव की बेहतर प्रगति पर संबंधित एमओआईसी की प्रशंसा की गई।
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परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा में भी लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति कम मिली। पुरुष नसबंदी का वार्षिक लक्ष्य 21 के मुकाबले महज चार और महिला नसबंदी का लक्ष्य 3713 के मुकाबले 238 रहा। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में सीएमओ डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि जनपद में 200 से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया जा चुका है।
बैठक में संस्थागत प्रसव लाभार्थी भुगतान, आशा भुगतान, चाइल्ड डेथ रिव्यू और एमएसआई रिपोर्ट जैसे कई कार्यक्रमों की समीक्षा हुई। इस दौरान सीडीओ कुमार श्रीवास्तव,, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके यादव और जिला कार्यक्रम अधिकारी रंजीत कुमार आदि रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट में एंबुलेंस पहुंचना अनिवार्य : बैठक में बताया गया कि 102 एंबुलेंस सेवा के तहत जनपद में 27 एंबुलेंस संचालित हैं। इन्हें शहरी क्षेत्रों में कॉल समाप्त होने के 20 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर पहुंचना अनिवार्य है।
इसी तरह, 108 एंबुलेंस सेवा की 23 एंबुलेंस को 15 मिनट के भीतर रोगी तक पहुंचना होता है। निर्धारित समय में सेवा उपलब्ध न कराने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है।
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बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। टीकाकरण और नसबंदी की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अभियान चलाकर कार्य करने और इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।
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संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान विकासखंड बड़रांव की प्रगति कम पाई गई। इस पर डीएम ने संबंधित एमओआईसी को संस्थागत प्रसव की दर में सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। वहीं, फतेहपुर मंडाव की बेहतर प्रगति पर संबंधित एमओआईसी की प्रशंसा की गई।
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परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा में भी लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति कम मिली। पुरुष नसबंदी का वार्षिक लक्ष्य 21 के मुकाबले महज चार और महिला नसबंदी का लक्ष्य 3713 के मुकाबले 238 रहा। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में सीएमओ डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि जनपद में 200 से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया जा चुका है।
बैठक में संस्थागत प्रसव लाभार्थी भुगतान, आशा भुगतान, चाइल्ड डेथ रिव्यू और एमएसआई रिपोर्ट जैसे कई कार्यक्रमों की समीक्षा हुई। इस दौरान सीडीओ कुमार श्रीवास्तव,, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके यादव और जिला कार्यक्रम अधिकारी रंजीत कुमार आदि रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट में एंबुलेंस पहुंचना अनिवार्य : बैठक में बताया गया कि 102 एंबुलेंस सेवा के तहत जनपद में 27 एंबुलेंस संचालित हैं। इन्हें शहरी क्षेत्रों में कॉल समाप्त होने के 20 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर पहुंचना अनिवार्य है।
इसी तरह, 108 एंबुलेंस सेवा की 23 एंबुलेंस को 15 मिनट के भीतर रोगी तक पहुंचना होता है। निर्धारित समय में सेवा उपलब्ध न कराने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है।