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जांच में उजागर हुई खामियां, गिरेगी गाज
Thu, 14 Mar 2019 11:09 PM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Thu, 14 Mar 2019 11:09 PM IST
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रेलवे स्टेशन स्थित रेलवे वाशिंग पिट के ट्रैक के पिलर को सैम्पलिंग के लिए विभाग द्वारा तोड़ा गया।
- फोटो : mau
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रेलवे स्टेशन परिसर में छह मार्च को लोकार्पित हुए वाशिंग पिट की गुणवत्ता में खामियां निकली हैं। अमर उजाला में प्रकाशित हुई खबर को संज्ञान में लेते हुए सक्रिय हुए रेल विभाग ने बुधवार को टीम भेज कर इसकी जांच कराई तो मामला सामने आया। गए पिलरों में से कई सात मार्च को पहली बार ट्रेन के आने के बाद क्षतिग्रस्त हो गए थे। टीम ने बने हुए पिलर काे तोड़ कर निर्माण सामग्री का सेंपल जांच के लिए लिया।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, गोरखपुर से विजिलेंस की टीम ने वाशिंगपिट का स्थलीय निरीक्षण करते हुए जांच किया। जिसमें 13 पिलरों के अलावा कई जगहों पर क्रेक मिला। टीम ने वाशिंगपिट से पानी की निकासी का जायजा लिया। इस दौरान गोरखपुर के निर्माण शाखा के अधिकारी स्थानीय अधिकारियों से जांच टीम के लोकेशन तथा जांच की जानकारी लेने की कोशिश में लगे रहे।
टीम द्वारा दो घंटे से ज्यादा समय तक वाशिंगपिट का मुआयना करने के बाद रिपोर्ट बनाकर आला अधिकारियों को सौंप दिया। माना जा रहा है कि निर्माण में खामियों पर निर्माण शाखा के दो जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। इस बाबत पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने वाशिंगपिट पर खामी के साथ इस मामले को लेकर जांच कराने की बात स्वीकार की।
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लेकिन जांच टीम द्वारा इसमें क्या पाया गया है, कौन इसके लिए जिम्मेदार है, इसकी जानकारी से अनभिज्ञता जताई।
मालूम हो कि छह मार्च को इस वाशिंग पिट का लोकार्पण रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने गाजीपुर से जरिए वीडिया कांफ्रेंसिंग किया था। इस दौरान सांसद घोसी हरिनरायण राजभर ने हरी झंडी दिखाकर वाशिंग पिट पर ट्रेन को रवाना किया था और पहले दिन लखनऊ मऊ द्विसाप्ताहिक ट्रेन की वाशिंग पिट पर धुलाई हुई थी।
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रेलवे सूत्रों के अनुसार, गोरखपुर से विजिलेंस की टीम ने वाशिंगपिट का स्थलीय निरीक्षण करते हुए जांच किया। जिसमें 13 पिलरों के अलावा कई जगहों पर क्रेक मिला। टीम ने वाशिंगपिट से पानी की निकासी का जायजा लिया। इस दौरान गोरखपुर के निर्माण शाखा के अधिकारी स्थानीय अधिकारियों से जांच टीम के लोकेशन तथा जांच की जानकारी लेने की कोशिश में लगे रहे।
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टीम द्वारा दो घंटे से ज्यादा समय तक वाशिंगपिट का मुआयना करने के बाद रिपोर्ट बनाकर आला अधिकारियों को सौंप दिया। माना जा रहा है कि निर्माण में खामियों पर निर्माण शाखा के दो जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। इस बाबत पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने वाशिंगपिट पर खामी के साथ इस मामले को लेकर जांच कराने की बात स्वीकार की।
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लेकिन जांच टीम द्वारा इसमें क्या पाया गया है, कौन इसके लिए जिम्मेदार है, इसकी जानकारी से अनभिज्ञता जताई।
मालूम हो कि छह मार्च को इस वाशिंग पिट का लोकार्पण रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने गाजीपुर से जरिए वीडिया कांफ्रेंसिंग किया था। इस दौरान सांसद घोसी हरिनरायण राजभर ने हरी झंडी दिखाकर वाशिंग पिट पर ट्रेन को रवाना किया था और पहले दिन लखनऊ मऊ द्विसाप्ताहिक ट्रेन की वाशिंग पिट पर धुलाई हुई थी।