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आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पूर्व बीडीसी का शव रखकर लगाया जाम
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दोहरीघाट थाना के बहादुरपुर गांव में हुई पूर्व बीडीसी की हुई हत्या के बाद शनिवार को थाने के सामने ?
- फोटो : MAU
दोहरीघाट। दो पक्षों में हुए विवाद को सुलझाने के प्रयास में पूर्व बीडीसी सदस्य की हत्या से नाराज परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद मिले शव को राष्ट्रीय राज्यमार्ग 29 दोहरीघाट थाना के सामने रखकर जाम लगा दिया। परिजनों की मांग थी कि हत्या में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ उनके मृतक की पुत्रियों को जमीन दिलाने के साथ आर्थिक मदद की जाए। जाम की सूचना पर मौके पर पहुंचे घोसी एसडीएम सुरेश कुमार ने परिजनों को शांत कराते हुए मामले में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देते हुए जाम समाप्त कराया। जाम के चलते तीस मिनट तक आवागमन प्रभावित रहा।
दोहरीघाट थाना क्षेत्र के के बहादूरपुर गांव निवासी पूर्व बीडीसी सदस्य दुर्गावती की हत्या बृृहस्पतिवार की देर शाम गांव में दो पड़ोसियों में हुए विवाद के दौरान सुलझाने के दौरान एक पक्ष के पांच लोगों ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया था। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस प्रशासन ने शव परिजनों को सौंप दिया।
उधर, घटना के 24 घंटे बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज मृतक के परिजन तथा गांव की महिलाओं ने शव को थाना दोहरीघाट के सामने सड़क पर शव को रख कर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग थी मृतका की पांचों नाबालिग पुत्रियां तथा फालिज के शिकार उसके पति प्रेम नारायण को आर्थिक मुआवजा देने, कृषि के लिए पट्टा पर भूमि देने के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। नेशनल हाईवे पर जाम की सूचना मिलने से प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम सुरेश कुमार ने परिजनों को मौखिक आश्वासन देते हुए आधे घंटे के बाद जाम समाप्त कराया गया। एसडीएम के आश्वासन के बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार मुक्तिधाम पर किया।
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दूसरे दिन भी गांव में तैनात रही पुलिस फोर्स
दोहरीघाट/कुसुम्हा। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी गांव में माहौल न बिगड़े इस बात को लेकर शनिवार को भी बहादूरपुर गांव में पुलिस फोर्स की तैनाती रही। घटना से दूसरे दिन भी गांव में मातम पसरा रहा। लोग मृतका के व्यवहार को लेकर चर्चा करते दिखे। उधर, इस हत्याकांड में शामिल पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दो टीमें गठित की है। जिनके द्वारा आरोपियों की तलाश में कई जगहों पर दबिश भी दी गई।
यह था पूरा मामला
दोहरीघाट। बहादूर गांव निवासी तथा पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य दुर्गावती देवी (50) के घर के बगल में ही गांव के दयानंद तथा विक्रम चौहान में विवाद हो गया। दोनों पक्षों की गाली-गलौज सुनकर पूर्व बीडीसी सदस्य मौके पर पहुंचीं और दोनों पक्षों को समझाबुझाकर शांत कराने का प्रयास किया। इस बीच पहले से खुन्नस खाए विक्रम चौहान और उनके पुत्र विनय अजय तथा चंद्रकेश, हरिकेश समेत पांच लोग लाठी-डंडे से समझाने का प्रयास कर रहीं बीडीसी सदस्य पर हमला बोल दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। जहां इलाज के लिए ले जाते समय उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने मृतका की पुत्री दीपिका की तहरीर पर पांच आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है।
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दोहरीघाट थाना क्षेत्र के के बहादूरपुर गांव निवासी पूर्व बीडीसी सदस्य दुर्गावती की हत्या बृृहस्पतिवार की देर शाम गांव में दो पड़ोसियों में हुए विवाद के दौरान सुलझाने के दौरान एक पक्ष के पांच लोगों ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया था। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस प्रशासन ने शव परिजनों को सौंप दिया।
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उधर, घटना के 24 घंटे बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज मृतक के परिजन तथा गांव की महिलाओं ने शव को थाना दोहरीघाट के सामने सड़क पर शव को रख कर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग थी मृतका की पांचों नाबालिग पुत्रियां तथा फालिज के शिकार उसके पति प्रेम नारायण को आर्थिक मुआवजा देने, कृषि के लिए पट्टा पर भूमि देने के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। नेशनल हाईवे पर जाम की सूचना मिलने से प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम सुरेश कुमार ने परिजनों को मौखिक आश्वासन देते हुए आधे घंटे के बाद जाम समाप्त कराया गया। एसडीएम के आश्वासन के बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार मुक्तिधाम पर किया।
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दूसरे दिन भी गांव में तैनात रही पुलिस फोर्स
दोहरीघाट/कुसुम्हा। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी गांव में माहौल न बिगड़े इस बात को लेकर शनिवार को भी बहादूरपुर गांव में पुलिस फोर्स की तैनाती रही। घटना से दूसरे दिन भी गांव में मातम पसरा रहा। लोग मृतका के व्यवहार को लेकर चर्चा करते दिखे। उधर, इस हत्याकांड में शामिल पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दो टीमें गठित की है। जिनके द्वारा आरोपियों की तलाश में कई जगहों पर दबिश भी दी गई।
यह था पूरा मामला
दोहरीघाट। बहादूर गांव निवासी तथा पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य दुर्गावती देवी (50) के घर के बगल में ही गांव के दयानंद तथा विक्रम चौहान में विवाद हो गया। दोनों पक्षों की गाली-गलौज सुनकर पूर्व बीडीसी सदस्य मौके पर पहुंचीं और दोनों पक्षों को समझाबुझाकर शांत कराने का प्रयास किया। इस बीच पहले से खुन्नस खाए विक्रम चौहान और उनके पुत्र विनय अजय तथा चंद्रकेश, हरिकेश समेत पांच लोग लाठी-डंडे से समझाने का प्रयास कर रहीं बीडीसी सदस्य पर हमला बोल दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। जहां इलाज के लिए ले जाते समय उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने मृतका की पुत्री दीपिका की तहरीर पर पांच आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है।