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शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने की उठी मांग
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 13 Aug 2015 11:30 PM IST
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विभिन्न मांगों को लेकर रोजगार सेवकों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि प्रदेश के 59163 ग्राम पंचायतों में से लगभग 40 हजार ग्राम पंचायतों में गत नौ वर्षों से ग्राम रोजगार सेवक प्रशासनिक सहायक के रुप में संविदा पर कार्यरत हैं।
भारत सरकार द्वारा स्पष्ट कर दिया गया है कि इनके ऊपर राज्य सरकारों का पूर्णत: शासकीय नियंत्रण होगा और वह राज्य कर्मचारी कहे जाएंगे।
बावजूद शासन की ओर से अभी तक रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान नहीं किया जा सका है। हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद भी नाम मात्र मानदेय ही दिया जा रहा है। सपा सरकार की ओर से रोजगारसेवकों को शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने का वायदा किया गया था बावजूद मामले को लटका दिया गया है।
ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाकर ग्राम रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
महंगाई में भारी वृद्धि के तहत रोजगार सेवकों को मासिक मानदेय में वृद्धि की जाए। प्रदेश में नवसृजित निकायों की परिधि में सम्मिलित हो चुकी ग्राम पंचायतों के ग्राम रोजगार सेवकों को संबंधित जनपदों में ग्राम रोजगार सेवकों के चयन से रिक्त ग्राम पंचायतों में समायोजन कर उनका सहयोग लिया जाए।
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अंत में रोजगार सेवकों को शासकीय कर्मचारी घोषित करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।इस अवसर पर धर्मेंद्र यादव, संजीव राय, मनोज कुमार गुप्त आदि शामिल थे।
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धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि प्रदेश के 59163 ग्राम पंचायतों में से लगभग 40 हजार ग्राम पंचायतों में गत नौ वर्षों से ग्राम रोजगार सेवक प्रशासनिक सहायक के रुप में संविदा पर कार्यरत हैं।
भारत सरकार द्वारा स्पष्ट कर दिया गया है कि इनके ऊपर राज्य सरकारों का पूर्णत: शासकीय नियंत्रण होगा और वह राज्य कर्मचारी कहे जाएंगे।
बावजूद शासन की ओर से अभी तक रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान नहीं किया जा सका है। हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद भी नाम मात्र मानदेय ही दिया जा रहा है। सपा सरकार की ओर से रोजगारसेवकों को शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने का वायदा किया गया था बावजूद मामले को लटका दिया गया है।
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ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाकर ग्राम रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
महंगाई में भारी वृद्धि के तहत रोजगार सेवकों को मासिक मानदेय में वृद्धि की जाए। प्रदेश में नवसृजित निकायों की परिधि में सम्मिलित हो चुकी ग्राम पंचायतों के ग्राम रोजगार सेवकों को संबंधित जनपदों में ग्राम रोजगार सेवकों के चयन से रिक्त ग्राम पंचायतों में समायोजन कर उनका सहयोग लिया जाए।
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अंत में रोजगार सेवकों को शासकीय कर्मचारी घोषित करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।इस अवसर पर धर्मेंद्र यादव, संजीव राय, मनोज कुमार गुप्त आदि शामिल थे।