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स्कूल जाते समय छात्र का अपहरण, हुआ मुक्त
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Wed, 30 Dec 2015 12:20 AM IST
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सरायलखंसी थाना क्षेत्र के नरईबांध स्थित एक इंटर कालेज में पढ़ने वाले छात्र की स्कूल जाते समय सोमवार की सुबह बदमाशों ने अपहरण कर लिया।
दिन में उसकी कोई खोज खबर न लगने पर परिवार के सदस्य परेशान हो गए। उधर अपहृत किशोर को भटनी में होश आया तो वह अपहरणकर्ताओं को चकमा देकर दूसरे ट्रेन में बैठ गया और गोरखपुर जा पहुंचा। यहां से जीआरपी की मदद से किशोर को उसके परिवारीजन को सुपुर्द किया गया।
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के चांदमारी इमिलिया मोहल्ला निवासी वीरेंद्र राजभर का 11 वर्षीय पुत्र विशाल राजभर नरईबांध स्थित दारूल हदीस इंटर कालेज में कक्षा छह का छात्र है। वह सोमवार की सुबह नौ बजे ही घर से स्कूल जाने के लिए निकला। रास्ते में उसे एक गली में अकेला देखकर दो अपहरणकर्ताओं ने उसे दवा सुंघा दिया।
इससे वह अर्धबेहोशी की हालत में पहुंच गया। यहां से दोनों विशाल राजभर को लेकर रेलवे स्टेशन आए और पैसेंजर ट्रेन से उसे लेकर भाग गए। बालक के अनुसार उसे रास्ते में भटनी में पूरी तरह से होश आया, जहां ट्रेन खड़ी थी। दोनों अपहरणकर्ता उससे दूर-दूर बैठे थे।
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किसी प्रकार वह दोनों को चकमा देकर बगल में खड़ी दूसरी ट्रेन में जा घुसा और उन्हें चकमा देने में सफल हो गया। इसी ट्रेन से वह किसी प्रकार गोरखपुर पहुंचा जहां जीआरपी ने उसे पकड़ लिया।
पूरा वाक्या जानने के बाद जीआरपी के जवानों ने उसके स्कूली कार्ड से उसके परिवार के सदस्यों को फोन कर सूचित कर उसके मिलने की जानकारी दी। सोमवार की रात ही परिवारीजन आनन फानन गोरखपुर गए और विशाल को घर लेकर आए। इस संबंध में सरायलखंसी थानाध्यक्ष अरुण राय का कहना है कि इस संबंध में उन्हें किसी ने कोई जानकारी नहीं दी।
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दिन में उसकी कोई खोज खबर न लगने पर परिवार के सदस्य परेशान हो गए। उधर अपहृत किशोर को भटनी में होश आया तो वह अपहरणकर्ताओं को चकमा देकर दूसरे ट्रेन में बैठ गया और गोरखपुर जा पहुंचा। यहां से जीआरपी की मदद से किशोर को उसके परिवारीजन को सुपुर्द किया गया।
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के चांदमारी इमिलिया मोहल्ला निवासी वीरेंद्र राजभर का 11 वर्षीय पुत्र विशाल राजभर नरईबांध स्थित दारूल हदीस इंटर कालेज में कक्षा छह का छात्र है। वह सोमवार की सुबह नौ बजे ही घर से स्कूल जाने के लिए निकला। रास्ते में उसे एक गली में अकेला देखकर दो अपहरणकर्ताओं ने उसे दवा सुंघा दिया।
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इससे वह अर्धबेहोशी की हालत में पहुंच गया। यहां से दोनों विशाल राजभर को लेकर रेलवे स्टेशन आए और पैसेंजर ट्रेन से उसे लेकर भाग गए। बालक के अनुसार उसे रास्ते में भटनी में पूरी तरह से होश आया, जहां ट्रेन खड़ी थी। दोनों अपहरणकर्ता उससे दूर-दूर बैठे थे।
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किसी प्रकार वह दोनों को चकमा देकर बगल में खड़ी दूसरी ट्रेन में जा घुसा और उन्हें चकमा देने में सफल हो गया। इसी ट्रेन से वह किसी प्रकार गोरखपुर पहुंचा जहां जीआरपी ने उसे पकड़ लिया।
पूरा वाक्या जानने के बाद जीआरपी के जवानों ने उसके स्कूली कार्ड से उसके परिवार के सदस्यों को फोन कर सूचित कर उसके मिलने की जानकारी दी। सोमवार की रात ही परिवारीजन आनन फानन गोरखपुर गए और विशाल को घर लेकर आए। इस संबंध में सरायलखंसी थानाध्यक्ष अरुण राय का कहना है कि इस संबंध में उन्हें किसी ने कोई जानकारी नहीं दी।