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तीन के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज
Updated Tue, 11 Jul 2017 11:39 PM IST
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घोसी। कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश तथा बेला सुल्तानपुर निवासिनी कुमारी पिंकी राजभर पुत्री राजेश के प्रार्थना पत्र पर मंगलवार को गांव के ही हरेंद्र राजभर पुत्र जगलाल राजभर सहित तीन के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटना चार अगस्त 2016 की रात की है। दर्ज मुकदमे के अनुसार कुमारी पिंकी राजभर के पिता राजेश राजभर व चाचा नागेंद्र गुजरात में रहकर नौकरी करते है। घर खर्च के लिये तथा बचत का धन गांव के ही जगलाल के बैंक खाते में भेजते थे। जगलाल की मिली भगत से हरेन्द्र, उसका पुत्र सीता राम व इंद्रावती पुत्री गन्नी ने उसकी मां को प्रभाव में कर पिता द्वारा समय-समय पर भेजे गए 80 हजार रुपया ले लिया। जब मेरी मां उस रुपये को मांगने लगी तो आज-कल का बहाना कर वह टालने लगा। 4 अगस्त की सुबह 7 बजे जब मेरी मां ने 80 हजार रुपये को लेकर दबाव बनाने लगी तो हरेंद्र उसका पुत्र सीताराम के साथ इंद्रावती गाली गुप्ता देने के साथ जिंदा न छोड़ने की धमकी देने के साथ हत्या कर देने की बात कही। फिर भी उसकी मां रुपयों को मांगती रही। चार अगस्त की रात 10 बजे हरेंद्र राजभर, सीता राम राजभर व इंद्रावती मेरे घर आकर मेरे मां से दरवाजा खुलवाये आर जब मां दरवाजा खोल कर बाहर आई तो तीनों ने उसका बाल पकड़कर पटक दिया और गला दबाने लगे। मां के चिल्लाने पर जब परिवार के सदस्य आए तो घर के अंदर ढकेल कर दरवाजे की कुंडी बंद कर दिये और मां की गला दबा कर हत्या कर दिए। पुलिस को सूचना देने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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घटना चार अगस्त 2016 की रात की है। दर्ज मुकदमे के अनुसार कुमारी पिंकी राजभर के पिता राजेश राजभर व चाचा नागेंद्र गुजरात में रहकर नौकरी करते है। घर खर्च के लिये तथा बचत का धन गांव के ही जगलाल के बैंक खाते में भेजते थे। जगलाल की मिली भगत से हरेन्द्र, उसका पुत्र सीता राम व इंद्रावती पुत्री गन्नी ने उसकी मां को प्रभाव में कर पिता द्वारा समय-समय पर भेजे गए 80 हजार रुपया ले लिया। जब मेरी मां उस रुपये को मांगने लगी तो आज-कल का बहाना कर वह टालने लगा। 4 अगस्त की सुबह 7 बजे जब मेरी मां ने 80 हजार रुपये को लेकर दबाव बनाने लगी तो हरेंद्र उसका पुत्र सीताराम के साथ इंद्रावती गाली गुप्ता देने के साथ जिंदा न छोड़ने की धमकी देने के साथ हत्या कर देने की बात कही। फिर भी उसकी मां रुपयों को मांगती रही। चार अगस्त की रात 10 बजे हरेंद्र राजभर, सीता राम राजभर व इंद्रावती मेरे घर आकर मेरे मां से दरवाजा खुलवाये आर जब मां दरवाजा खोल कर बाहर आई तो तीनों ने उसका बाल पकड़कर पटक दिया और गला दबाने लगे। मां के चिल्लाने पर जब परिवार के सदस्य आए तो घर के अंदर ढकेल कर दरवाजे की कुंडी बंद कर दिये और मां की गला दबा कर हत्या कर दिए। पुलिस को सूचना देने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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