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दीपन हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा
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मऊ। मधुबन थाना क्षेत्र के मित्तूपुर गांव के पास बीते दिनों हुई दीपन यादव हत्या कांड का खुलासा शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अनुुराग आर्य ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता का आयोजन कर किया। एसपी के अनुसार दीपन की हत्या पुरानी रंजिश में की गई। इसमें नामजद किए गए एक भी आरोपी शामिल नहीं है। एसपी के अनुसार हत्याकांड में जो नामजद किए गए लोगों का दीपन यादव की हत्या में कोई योगदान नहीं है। एसपी ने प्रेसवार्ता कर सात नए नामों का खुलासा किया। इस दौरान पुलिस ने एक शूटर और मुखबिरी करने वाले को दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से एक के पास से पिस्टल भी बरामद की गई है। इसके अलावा दो साजिशकर्ता जेल में निरुद्घ है। जबकि तीन बदमाशों की पुलिस तलाश कर रही है। एसपी के अनुसार दीपन की हत्या का मुख्य कारण दुष्कर्म के आरोपियों की पैरवी करना है। इसके अलावा जेल में निरुद्घ अपराधी अजीत यादव की दीपन से पुरानी रंजिश सामने आई। गैंगेस्टर दीपन यादव की मित्तूपुर बंधे पर दस जून की सुबह बाइक सवारों ने गोली मारकर हत्या कर दिया था। इस मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने युवा भाजपा नेता अभिषेक सिंह, वंश बहादुर, नथुनी यादव, त्रिपुरारी यादव, राम जियावन और दिनेश को नामजद कर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज किया था। लेकिन भाजपा नेता को फंसाए जाने का आरोप लगाकर पार्टी नेताओं ने थाने के साथ तहसील पर प्रदर्शन किया था। पुलिस इस हत्याकांड के असली हत्यारों के सुराग के लिए लग गई। एसपी ने स्वाट और सर्विलांस टीमों को लगाया। लगातार 11 दिनों के अनवरत प्रयास के बाद पुलिस ने दीपन हत्याकांड का शुक्रवार को खुलासा किया। शुक्रवार को एसपी ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि दुबारी पालपुरा निवासी लालू यादव पुत्र राम अवध के विरुद्ध रेप के एक मुकदमे की पैरवी दीपन करता था। इस मामले में चार साल बाद जेल से छूटा लालू दीपन से नाराज रहता था। इसके अलावा जेल में बंद रानीपुर थाना क्षेत्र के ताहिरपुर निवासी अजीत यादव भी दीपन को अपने रास्ते से हटाना चाहता था। उसे भी लालू की नाराजगी का पता चला तो उसने दीपन को रास्ते से हटाने में लालू की मदद लेने की योजना बनाकर लालू को इस काम के लिए लगा दिया। योजना के तहत 10 जून को मित्तूपुर बंधे पर दीपन को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। एसपी ने बताया कि पुुलिस विवेचना में नामजद आरोपियों की कोई भूमिका नहीं पाई गई। बल्कि इस मामले में दुबारी पालपुरा निवासी मिथिलेश यादव उर्फ लालू यादव और भेडकुल सुल्तानपुर निवासी मुन्ना यादव का नाम प्रकाश में आया। गुरुवार की देर शाम पुलिस ने बनियाबान तिराहे के पास से लालू को गिरफ्तार कर लिया जबकि मुन्ना यादव को पुलिस ने कहीं और से पकड़ा। एसपी ने कहा कि मिथिलेश के पास से एक पिस्टल, दो कारतूस, पांच मोबाइल और चोरी की बाइक तथा मुन्ना के पास से दो मोबाइल बरामद हुई। एसपी ने बताया कि इस मामले में पुलिस की निष्पक्ष जांच से कई बेगुनाह जेल जाने से बच गए। नामजद कराए गए लोगों का कोई रोल इस हत्या कांड में नहीं है। पुलिस ने दोनों का चालान कर दिया। एसपी ने हत्यारों को गिरफ्तार करने वाली टीम को दस हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा किया।
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