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Lalitpur News: नवजात बच्ची बेचने के आरोप में चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, दो गिरफ्तार
Sat, 05 Sep 2026 02:02 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Sat, 05 Sep 2026 02:02 AM IST
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नर्स और अस्पताल प्रबंधक समेत चार नामजद, पुलिस ने बरामद कर मां को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नवजात बच्ची को बेचने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को अस्पताल प्रबंधक भूपत कुशवाहा और नीतेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों की निशानदेही पर बच्ची को बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया गया। मामले में सरदारपुरा निवासी पूनम लखेरा ने नर्स सोनम, अस्पताल प्रबंधक भूपत कुशवाहा, ज्ञानेंद्र अग्रवाल और नीतेश पटेल पर अपनी नवजात बेटी को बेचने का आरोप लगाया था। मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
पूनम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2020 में शादी के बाद ससुराल में अनबन होने पर वह मायके में रहने लगी थीं। फुटपाथ पर सामान बेचकर गुजर-बसर करती थीं। इसी दौरान झांसी निवासी एक युवक से प्रेम संबंध होने के बाद वह गर्भवती हो गईं। जुलाई 2026 में प्रसव का समय था। किराये का कमरा तलाशने के दौरान उनकी मुलाकात आशा कार्यकर्ता कीर्ति विश्वकर्मा से हुई। कीर्ति ने उन्हें ललितपुर स्थित श्री बांके बिहारी हॉस्पिटल की नर्स सोनम से मिलवाया।
पूनम के अनुसार, सोनम उन्हें झांसी ले गईं, जहां अस्पताल प्रबंधक भूपत कुशवाहा ने प्रसव के लिए डेढ़ लाख रुपये मांगे। इसके बाद वह ललितपुर लौट आईं और आशीर्वाद नर्सिंग होम में भर्ती हुईं। 22 अगस्त की रात उन्होंने बेटी को जन्म दिया। पूनम के अनुसार, उन्होंने अस्पताल में 19 हजार रुपये एडवांस जमा किए थे।
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आरोप है कि प्रसव के बाद नर्स सोनम ने उनकी अनुमति के बिना नवजात की फोटो खींची और बच्ची को लेकर चली गईं। 23 अगस्त को पूनम ने बेटी के बारे में पूछा तो सोनम ने उसे देने से मना कर दिया। आरोप है कि सोनम ने बताया कि उसने बच्ची को भूपत कुशवाहा को दे दिया है।
बेटी मांगी तो कहा- मर गई है
पूनम का आरोप है कि घटना को दबाने के लिए सोनम ने उनसे कहा कि कोई बच्ची के बारे में पूछे तो उसकी मौत हो जाने की बात कहें। उनका आरोप है कि बांके बिहारी हॉस्पिटल की ओर से भी उन्हें यही बात कहने के लिए कहा गया। बच्ची वापस न करने के एवज में रुपये देने की पेशकश किए जाने का भी उन्होंने आरोप लगाया है।
आरोपियों ने आपस में बांटी रकम
तहरीर में पूनम ने आरोप लगाया कि उनकी नवजात बेटी को ज्ञानेंद्र अग्रवाल को नीतेश पटेल के माध्यम से मोटी रकम लेकर दिया गया और रकम आरोपियों ने आपस में बांट ली। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर बेटी को वापस दिलाने की मांग की। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक लालित उज्जवल को सौंपी गई है।
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मामले में निजी अस्पताल के प्रबंधक भूपत कुशवाहा और नीतेश पटेल को गिरफ्तार किया गया है। दोनों की निशानदेही पर बच्ची अस्पताल में ही मिली। बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। - संजीव कुमार बाजपेई, एसपी
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जिसे मरा बताया, 13 दिन बाद वही बेटी मां की गोद में
22 अगस्त की रात जिस बेटी को मां ने जन्म दिया, अगले ही दिन उससे वही बेटी दूर हो गई। आरोप है कि मां को बताया गया कि नवजात की मौत हो गई है। बेटी के लिए 13 दिन तक तड़पती रही मां की आंखों में उस वक्त आंसू छलक पड़े, जब पुलिस ने बच्ची को बरामद कर उसकी गोद में सौंप दिया।
इनसेट
नवजात बच्ची मिलने के बाद सुलगते सवाल
- नवजात को मां से दूर कर दूसरे व्यक्ति को देने की वजह क्या थी?
- बच्ची को मृत बताने के पीछे किसकी साजिश थी?
- बच्ची को देने के बदले रुपये की पेशकश क्यों की गई?
- अस्पताल में नवजात की फोटो किसने खींची और किस उद्देश्य से?
- क्या बच्ची को बेचने की कोशिश में अस्पताल के अन्य लोग भी शामिल थे?
- आशा कार्यकर्ता से लेकर अस्पताल तक पूरे मामले में किस-किस की भूमिका थी?
- बच्ची को 13 दिन तक मां से दूर रखने के पीछे असली वजह क्या थी?
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नवजात बच्ची को बेचने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को अस्पताल प्रबंधक भूपत कुशवाहा और नीतेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों की निशानदेही पर बच्ची को बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया गया। मामले में सरदारपुरा निवासी पूनम लखेरा ने नर्स सोनम, अस्पताल प्रबंधक भूपत कुशवाहा, ज्ञानेंद्र अग्रवाल और नीतेश पटेल पर अपनी नवजात बेटी को बेचने का आरोप लगाया था। मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
पूनम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2020 में शादी के बाद ससुराल में अनबन होने पर वह मायके में रहने लगी थीं। फुटपाथ पर सामान बेचकर गुजर-बसर करती थीं। इसी दौरान झांसी निवासी एक युवक से प्रेम संबंध होने के बाद वह गर्भवती हो गईं। जुलाई 2026 में प्रसव का समय था। किराये का कमरा तलाशने के दौरान उनकी मुलाकात आशा कार्यकर्ता कीर्ति विश्वकर्मा से हुई। कीर्ति ने उन्हें ललितपुर स्थित श्री बांके बिहारी हॉस्पिटल की नर्स सोनम से मिलवाया।
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पूनम के अनुसार, सोनम उन्हें झांसी ले गईं, जहां अस्पताल प्रबंधक भूपत कुशवाहा ने प्रसव के लिए डेढ़ लाख रुपये मांगे। इसके बाद वह ललितपुर लौट आईं और आशीर्वाद नर्सिंग होम में भर्ती हुईं। 22 अगस्त की रात उन्होंने बेटी को जन्म दिया। पूनम के अनुसार, उन्होंने अस्पताल में 19 हजार रुपये एडवांस जमा किए थे।
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आरोप है कि प्रसव के बाद नर्स सोनम ने उनकी अनुमति के बिना नवजात की फोटो खींची और बच्ची को लेकर चली गईं। 23 अगस्त को पूनम ने बेटी के बारे में पूछा तो सोनम ने उसे देने से मना कर दिया। आरोप है कि सोनम ने बताया कि उसने बच्ची को भूपत कुशवाहा को दे दिया है।
बेटी मांगी तो कहा- मर गई है
पूनम का आरोप है कि घटना को दबाने के लिए सोनम ने उनसे कहा कि कोई बच्ची के बारे में पूछे तो उसकी मौत हो जाने की बात कहें। उनका आरोप है कि बांके बिहारी हॉस्पिटल की ओर से भी उन्हें यही बात कहने के लिए कहा गया। बच्ची वापस न करने के एवज में रुपये देने की पेशकश किए जाने का भी उन्होंने आरोप लगाया है।
आरोपियों ने आपस में बांटी रकम
तहरीर में पूनम ने आरोप लगाया कि उनकी नवजात बेटी को ज्ञानेंद्र अग्रवाल को नीतेश पटेल के माध्यम से मोटी रकम लेकर दिया गया और रकम आरोपियों ने आपस में बांट ली। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर बेटी को वापस दिलाने की मांग की। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक लालित उज्जवल को सौंपी गई है।
मामले में निजी अस्पताल के प्रबंधक भूपत कुशवाहा और नीतेश पटेल को गिरफ्तार किया गया है। दोनों की निशानदेही पर बच्ची अस्पताल में ही मिली। बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। - संजीव कुमार बाजपेई, एसपी
जिसे मरा बताया, 13 दिन बाद वही बेटी मां की गोद में
22 अगस्त की रात जिस बेटी को मां ने जन्म दिया, अगले ही दिन उससे वही बेटी दूर हो गई। आरोप है कि मां को बताया गया कि नवजात की मौत हो गई है। बेटी के लिए 13 दिन तक तड़पती रही मां की आंखों में उस वक्त आंसू छलक पड़े, जब पुलिस ने बच्ची को बरामद कर उसकी गोद में सौंप दिया।
इनसेट
नवजात बच्ची मिलने के बाद सुलगते सवाल
- नवजात को मां से दूर कर दूसरे व्यक्ति को देने की वजह क्या थी?
- बच्ची को मृत बताने के पीछे किसकी साजिश थी?
- बच्ची को देने के बदले रुपये की पेशकश क्यों की गई?
- अस्पताल में नवजात की फोटो किसने खींची और किस उद्देश्य से?
- क्या बच्ची को बेचने की कोशिश में अस्पताल के अन्य लोग भी शामिल थे?
- आशा कार्यकर्ता से लेकर अस्पताल तक पूरे मामले में किस-किस की भूमिका थी?
- बच्ची को 13 दिन तक मां से दूर रखने के पीछे असली वजह क्या थी?