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अधिकांध गांवों में खराब हैं सोलर लाइटें

Thu, 02 Aug 2018 11:32 PM IST
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:32 PM IST
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अधिकांध गांवों में खराब हैं सोलर लाइटें
जिले के अधिकांश ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट लगाने में खेल किया गया है। ग्रामीण इलाकों के सार्वजनिक स्थलों को जगमग करने के लिए राज्य वित्त तथा 14वें वित्त से गांवों में करोड़ों की लागत से इन्हें लगवाया गया था। लेकिन कुछ ही दिनों बाद अधिकांश गांवों में यह खराब हो गईं। जबकि कई की बैट्रियां चोरी हो गईं। यही नहीं ग्राम प्रधानों ने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से मिलीभगत कर नेडा के बजाए प्राइवेट कंपनियों से इन्हें लगावाया। शिकायत पर विभाग की तरफ से 70 गांवों में की जा रही जांच प्रक्रिया अभी फिलहाल लटकी है।
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जिले में कुल 684 ग्राम पंचायतें हैं। गांवों के सार्वजनिक स्थलों को जगमग करने के लिए सोलर लाइट लगवाने की व्यवस्था की गई। अधिकांश ग्राम पंचायतों में इन्हें मनमाने ढंग से खरीद कर लगवाया गया। नेडा से एक सोलर लाइट की कीमत 21900 रुपये निर्धारित की गई थी। इसमें 7100 रुपये का अनुदान है। जबकि सोलर लाइट का बिल 25 से 35 हजार रुपये का लगाया गया। एक लाख से ऊपर सोलर लाइट की खरीद पर टेंडर निकाला जाना था, लेकिन नियम कानून को ताक पर खकर खरीदारी कर ली गई। कई ग्राम प्रधानों ने सोलर लाइट को गांवों के सार्वजनिक स्थलों की बजाय अपने चहेतों के दरवाजों पर लगवा दिया। शुरू में तो यह कुछ दिनों तक जलीं लेकिन अब शोपीस बनी हुई हैं। खराब लाइटों की अधिकारियों ने सुधि नहीं ली। बढुआगोदाम, डुमरांव, कहिनौर, सरवां, आदेडीह, परदहां सहित विभिन्न गांवों के सार्वजनिक स्थलों पर सोलर लाइटे तो लगवाई गई, लेकिन कुछ ही दिनों बाद खराब हो गई। कई ग्राम पंचायतों में लगी सोलर लाइट की बैट्री चोरी हो गई है। सोलर लाइटों की न तो मरम्मत कराई गई और न ही बदला गया। शिकायत के बाद भी अधिकारी मौन साधे हुए हैं। पिपरीडीह के ओन्हाइच, रैकवारडीह, खरगजेपुर, उसमानपुर, सुअराबोझ सहित विभिन्न क्षेत्र के गांवों में शिकायत के बाद भी खराब पड़ी सोलर लाइटों की मरम्मत नहीं कराई गई।
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आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो वर्ष 2017-18 में राज्य वित्त से 23.98 करोड़ तथा 14वां वित्त से 67.80 करोड़ करोड़ रुपया जारी किया गया था। जबकि वर्ष 2018-19 में 6.34 करोड़ रुपया जारी हुआ। सूत्रों की मानें नेडा से सोलर लाइट की खरीदारी की जानी थी। लेकिन निजी कंपनी से मनमानी कीमत पर खरीदारी की गई। यही नहीं घटिया क्वालिटी की सोलर लाइटों की कीमत ज्यादा वसूली गई।
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इस बाबत डीपीआरओ एसपी सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायतों में लगी सोलर लाइटों का डाटा एकत्र किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों से लगी सोलर लाइटें ग्राम पंचायत से ही मरम्मत कराया जाना है। जांच चल रही है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


इनसेट
70 गांवों की हो रही जांच
मऊ। जिले के अधिकांश ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट लगवाने के मामले में शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन की तरफ से तहसील स्तर पर रानीपुर ब्लाक के देवखरी, चौबेपुर, परदहां के इटौराचौबेपुर, मुहम्मदाबादगोहना के दपेहड़ी, बड़रांव के ख्वाजेबड़ा सहित 70 गांवों में जांच प्रक्रिया चल रही है। कब तक जांच रिपोर्ट पूरी होगी। अधिकारी बताने को तैयार नहीं हैं।
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