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मथुरा: महराना दोहरे हत्याकांड में दो पर हुआ दोषसिद्ध, सजा सुरक्षित; इस वजह से हुई थी दोस्तों की हत्या
Tue, 24 Oct 2023 09:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Oct 2023 09:07 AM IST
सार
मुखबिरी के शक में दो दोस्तों की हत्या कर दी गई। आरोपी उन्हें घर से बुलाकर ले गए थे। मामले में दो आरोपियों पर दोषसिद्ध हुआ है।
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जिला एवं सत्र न्यायालय मथुरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मथुरा के बरसाना थाना क्षेत्र के गांव महराना में 17 जुलाई 2020 को दो दोस्तों की मुखबिरी की शक में की गई हत्या में सोमवार को जिला जज आशीष गर्ग की अदालत से फैसला आया। दोनों आरोपी बिरजू और रोहताश को अदालत ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी करार दिया है। हालांकि इनकी सजा को सुरक्षित रखा गया है। दोनों को 25 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी।
डीजीसी फौजदारी शिवराम सिंह तरकर ने बताया कि घटना 17 जुलाई 2020 की है। रोहताश पुत्र शिवराज और बिरजू पुत्र पोहप सिंह निवासी महराना अपने गांव के ही दो दोस्तों चंदन (50) पुत्र कल्लू और पप्पू (40) पुत्र प्रेमी को घर से बुलाकर ले गए थे। इसके बाद यह देर रात तक घर नहीं पहुंचे। परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की टीम ने शक के आधार पर रोहताश और बिरजू से पूछताछ की। इधर, मृतक पप्पू के भतीजे कल्याण सिंह ने इनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। चंदन और पप्पू को दोनों ने गला दबाकर मारना स्वीकारा था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से दोनों के शव बरामद किए थे।
खुलासा हुआ था कि 23 अप्रैल 2020 को रोहताश को पुलिस ने शराब की तस्करी के आरोप में जेल भेजा था। इसकी मुखबिरी गांव में से ही किसी ने की थी। रोहताश को शक था कि उसकी मुखबिरी पप्पू-चंदन ने की है। उसने जेल में रहते हुए दोनों को देख लेने की धमकी तक दी थी। रोहताश नौ जून को जेल से छूट आया। इसके बाद रोहताश ने पप्पू-चंदन को अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया। 17 जुलाई 2020 को उन्हें शराब पिलाने और गांजा इकट्ठा करने के बहाने खेतों में ले गया और मौत के घाट उतार दिया था। अदालत ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोनों को दोषी करार दिया है। 25 अक्तूबर को इन्हें सजा सुनाई जाएगी।
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डीजीसी फौजदारी शिवराम सिंह तरकर ने बताया कि घटना 17 जुलाई 2020 की है। रोहताश पुत्र शिवराज और बिरजू पुत्र पोहप सिंह निवासी महराना अपने गांव के ही दो दोस्तों चंदन (50) पुत्र कल्लू और पप्पू (40) पुत्र प्रेमी को घर से बुलाकर ले गए थे। इसके बाद यह देर रात तक घर नहीं पहुंचे। परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की टीम ने शक के आधार पर रोहताश और बिरजू से पूछताछ की। इधर, मृतक पप्पू के भतीजे कल्याण सिंह ने इनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। चंदन और पप्पू को दोनों ने गला दबाकर मारना स्वीकारा था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से दोनों के शव बरामद किए थे।
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खुलासा हुआ था कि 23 अप्रैल 2020 को रोहताश को पुलिस ने शराब की तस्करी के आरोप में जेल भेजा था। इसकी मुखबिरी गांव में से ही किसी ने की थी। रोहताश को शक था कि उसकी मुखबिरी पप्पू-चंदन ने की है। उसने जेल में रहते हुए दोनों को देख लेने की धमकी तक दी थी। रोहताश नौ जून को जेल से छूट आया। इसके बाद रोहताश ने पप्पू-चंदन को अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया। 17 जुलाई 2020 को उन्हें शराब पिलाने और गांजा इकट्ठा करने के बहाने खेतों में ले गया और मौत के घाट उतार दिया था। अदालत ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोनों को दोषी करार दिया है। 25 अक्तूबर को इन्हें सजा सुनाई जाएगी।
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