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मजदूर की मौत पर रोड जाम, हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 12 Feb 2016 11:19 PM IST
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गांव कराहरी के निकट गंग नहर के सहारे गंगा जल परियोजना के लिए पाइप लाइन डालने के दौरान मिट्टी की ढाय के नीचे दबने से एक मजदूर की मौत हो गई। घटना से क्षुब्ध ग्रामीणों ने पाइप डालने वाली कंपनी के ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग करते हुए राया-मांट मार्ग पर जाम लगा दिया। इस संबंध में आश्वासन पर ही तीन घंटे बाद जाम खोला गया।
मांट ब्रांच गंग नहर की पटरी के सहारे गंगाजल परियोजना में पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है। सुरीर के गांव कराहरी के समीप मेगा कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से एक ठेकेदार ये कार्य करा रहा है। यहां मांट के गांव कसेरा निवासी वीरी सिंह, प्रथम सिंह और चौब सिंह आदि मजदूरी कर रहे थे।
शुक्रवार सुबह नौ बजे वीरी सिंह (35), प्रथम सिंह, चौब सिंह आदि फ ावड़े से मिट्टी समतल कर रहा था। तभी नहर की पटरी से मिट्टी की ढाय उनके ऊपर गिर गई।
अन्य मजदूर तो मिट्टी में कम दबे होने से बाहर निकल आए, लेकिन वीरी सिंह मिट्टी के नीचे दबा रहा। एक घंटे बाद जेसीबी आदि की मदद से मिट्टी हटाकर वीरी सिंह को निकाला गया। गंभीर स्थिति में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव को लाकर राया-मांट मार्ग पर मांट ब्रांच गंग नहर पुल पर रखने के बाद जाम लगा दिया। एसडीएम महेंद्र कुमार मीणा, एसपी देहात अरुण कुमार, सीओ महावन अजय कुमार आदि पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उचित मुआवजा और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन के बाद तीन घंटे बाद जाम खुल सका।
ठेकेदार एवं जलनिगम जेई सहित सात नामजद
मजदूर की मौत के मामले में पाइप लाइन बिछाने वाली कंपनी के ठेकेदार और जलनिगम के जेई सहित सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मृतक के चचेरे भाई सोनवीर निवासी गांव कसेरा ने थाना मांट में दर्ज कराई रिपोर्ट में कंपनी के ठेकेदार जितेंद्र कुमार और जलनिगम के जेई भूपेंद्र सिंह के अलावा कंपनी की ओर से काम कर रहे राहुल, नरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश आदि के खिलाफ लापरवाही और जानबूझ कर ढाय के नीचे कार्य कराने का आरोप लगाया है।
श्रमिक योजना का मिलेगा लाभ
ग्रामीणों से वार्ता के दौरान एसडीएम महेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि मृतक को किसान बीमा और श्रमिक योजना का लाभ मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। इसके अलावा भी अगर कोई और मदद हो सकती है तो वह भी मृतक के आश्रितों को दी जाएगी।
टकराव की आ गई थी नौबत
काफी समझानेबुझाने के बाद भी जब ग्रामीण जाम खोलने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस और ग्रामीणों के बीच टकराव की नौबत आ गई, लेकिन अधिकारियों ने ऐसा नहीं होने दिया। हुआ यूं कि पुलिस ने ग्रामीणों के कब्जे से शव को जबरन उठा कर ले जाने का प्रयास किया, ग्रामीणों ने एकजुट होकर शव को छीन लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने सभी को समझाकर हालात पर काबू किया।
कहा था कि ढाय गिरासू है
प्रथम सिंह एवं चोब सिंह ने बताया कि उन्होंने ठेकेदार और वहां मौजूद कर्मचारियों से कहा था कि ढाय गिरासू है। उसके नीचे काम करने से खतरा है लेकिन उन्होंने कह दिया कि कुछ नहीं होगा। हम यहां खड़े तो हैं। जब वह मिट्टी समतल करने लगे तभी भरभरा कर ढाय गिर पड़ी। यह देख ठेकेदार सहित मौजूद कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए।
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मांट ब्रांच गंग नहर की पटरी के सहारे गंगाजल परियोजना में पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है। सुरीर के गांव कराहरी के समीप मेगा कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से एक ठेकेदार ये कार्य करा रहा है। यहां मांट के गांव कसेरा निवासी वीरी सिंह, प्रथम सिंह और चौब सिंह आदि मजदूरी कर रहे थे।
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शुक्रवार सुबह नौ बजे वीरी सिंह (35), प्रथम सिंह, चौब सिंह आदि फ ावड़े से मिट्टी समतल कर रहा था। तभी नहर की पटरी से मिट्टी की ढाय उनके ऊपर गिर गई।
अन्य मजदूर तो मिट्टी में कम दबे होने से बाहर निकल आए, लेकिन वीरी सिंह मिट्टी के नीचे दबा रहा। एक घंटे बाद जेसीबी आदि की मदद से मिट्टी हटाकर वीरी सिंह को निकाला गया। गंभीर स्थिति में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव को लाकर राया-मांट मार्ग पर मांट ब्रांच गंग नहर पुल पर रखने के बाद जाम लगा दिया। एसडीएम महेंद्र कुमार मीणा, एसपी देहात अरुण कुमार, सीओ महावन अजय कुमार आदि पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उचित मुआवजा और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन के बाद तीन घंटे बाद जाम खुल सका।
ठेकेदार एवं जलनिगम जेई सहित सात नामजद
मजदूर की मौत के मामले में पाइप लाइन बिछाने वाली कंपनी के ठेकेदार और जलनिगम के जेई सहित सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मृतक के चचेरे भाई सोनवीर निवासी गांव कसेरा ने थाना मांट में दर्ज कराई रिपोर्ट में कंपनी के ठेकेदार जितेंद्र कुमार और जलनिगम के जेई भूपेंद्र सिंह के अलावा कंपनी की ओर से काम कर रहे राहुल, नरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश आदि के खिलाफ लापरवाही और जानबूझ कर ढाय के नीचे कार्य कराने का आरोप लगाया है।
श्रमिक योजना का मिलेगा लाभ
ग्रामीणों से वार्ता के दौरान एसडीएम महेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि मृतक को किसान बीमा और श्रमिक योजना का लाभ मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। इसके अलावा भी अगर कोई और मदद हो सकती है तो वह भी मृतक के आश्रितों को दी जाएगी।
टकराव की आ गई थी नौबत
काफी समझानेबुझाने के बाद भी जब ग्रामीण जाम खोलने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस और ग्रामीणों के बीच टकराव की नौबत आ गई, लेकिन अधिकारियों ने ऐसा नहीं होने दिया। हुआ यूं कि पुलिस ने ग्रामीणों के कब्जे से शव को जबरन उठा कर ले जाने का प्रयास किया, ग्रामीणों ने एकजुट होकर शव को छीन लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने सभी को समझाकर हालात पर काबू किया।
कहा था कि ढाय गिरासू है
प्रथम सिंह एवं चोब सिंह ने बताया कि उन्होंने ठेकेदार और वहां मौजूद कर्मचारियों से कहा था कि ढाय गिरासू है। उसके नीचे काम करने से खतरा है लेकिन उन्होंने कह दिया कि कुछ नहीं होगा। हम यहां खड़े तो हैं। जब वह मिट्टी समतल करने लगे तभी भरभरा कर ढाय गिर पड़ी। यह देख ठेकेदार सहित मौजूद कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए।