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50 फीसदी गेहूं और जौ की फसल को क्षति
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Tue, 17 Mar 2015 11:46 PM IST
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पहले सूखा और अब बेमौसम बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। संयुक्त कृषि निदेशक आगरा ने जिले के तीन ब्लाक क्षेत्रों के ग्रामों में फसलों को पहुंची क्षति का निरीक्षण कर गेहूं और जौ की फसल में करीब 50 फीसदी नुकसान होने का आंकलन किया है। जबकि किसान 60 फीसदी से अधिक फसल को नुकसान पहुंचने की बात कह रहे हैं।
मंगलवार को शासन के निर्देश पर संयुक्त कृषि निदेशक आगरा अनिल कुमार दीक्षित ने उप कृषि निदेशक यूबी सिंह गौतम और अन्य कृषि अधिकारियों के साथ जिले के तीन ब्लाक क्षेत्रों के ग्रामों का भ्रमण कर फसलों का निरीक्षण किया। खेतों में बारिश और तेज हवाओं से गिरी फसलें देख किसानों से बातचीत कर नुकसान का जायजा लिया। संयुक्त कृषि निदेशक ने किशोरपुर में सीताराम के खेत में गिरी गेहूं की फसल का निरीक्षण किया। बाद में जागीर में रतिभान सिंह के खेत देखे। दोनों स्थानों पर गेहूं और जौ की फसलें गिरी नजर आईं। उन्होंने अजीतगंज, राजलपुर, वीरमपुर, टिकसुरी, नवादा, संजापुर, नखतपुर, तारापुर के अलावा कुरावली और घिरोर क्षेत्रों के भी कई ग्रामों का भ्रमण कर फसलों को पहुंची क्षति का आंकलन किया।
संयुक्त कृषि निदेशक ने बताया कि बारिश और तेज हवाओं के चलते सबसे अधिक नुकसान गेहूं और जौ की फसल को पहुंचा है। उन्होंने बताया कि करीब 45-50 प्रतिशत गेहूं और जौ की फसल गिरकर नष्ट हुई है। सरसों में भी 30-40 प्रतिशत नुकसान का आंकलन किया गया है। उनके अनुसार आलू की 75 फीसदी फसल की खोदाई की जा चुकी है। जो शेष में उसमें करीब 40 प्रतिशत नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि क्षति के आंकलन की रिपोर्ट वह शासन को भेजेंगे। शासन से निर्देश मिलने के बाद मुआवजा वितरण की कार्रवाई की जाएगी।
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छिटकवां पद्धति से बुवाई वाले खेतों में अधिक नुकसान
फसलों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जिन किसानों ने गेहूं और जौ की बुवाई छिटकवां पद्धति से की थी उनकी फसलों को 50 से 55 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। जबकि पंक्तिवार तरीके से की गई बुवाई वाले खेतों में नुकसान का प्रतिशत 20 से 25 फीसदी रहा है।
किसान के साथ लेनदार भी चिंतित
सूखा और धान की मंदी का मारा किसान पहले ही बेहाल था। रही-सही कसर बेमौसम की बारिश ने निकाल दी। गेहूं, जौ, सरसों, आलू, चना आदि की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। गेहूं की अच्छी फसल देखकर किसानों को उम्मीद थी कि सूखे का घाटा पूरा हो जाएगा लेकिन अब लागत भी निकलती नहीं दिख रही है। फसलों को पहुंची क्षति से किसानों की योजनाओं पर ब्रेक लग गया है। जिससे बाजार और कारोबार भी प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसान के साथ लेनदार भी चिंतित हैं। सहकारी समितियां, बैंक और प्राइवेट तौर पर कर्ज देने वाले चिंतित हैं कि फसल खराब होने पर वसूली कैसे होगी। बैंक अधिकारी विकास कुमार कहते हैं कि फसल अच्छी होती है तो वसूली भी अच्छी होती है। पैदावार नहीं होगी तो ब्याज वसूलने में भी दिक्कत आएगी।
सदमे से एक और किसान की हुई मौत
कुरावली। बारिश से तबाह हुई फसल को देखकर कुरावली क्षेत्र के घरनाजपुर निवासी किसान रामवीर सिंह को ऐसा सदमा लगा कि आगरा में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सोमवार को खेत में गिरी फसलें देखकर लौटे रामवीर को ऐसा सदमा लगा कि वह सोमवार की शाम बेहोश हो गए। परिवार के लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां उन्हें आगरा के लिए रेफर कर दिया गया। मंगलवार को सुबह एसएन मेडिकल अस्पताल में रामवीर ने दम तोड़ दिया। रामवीर के छह पुत्रियां हैं जो सभी पढ़ रही हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि पहले सूखा से फसल बर्बाद हो गई थी वहीं इस बार खेतों में गेहूं और आलू की फसल तबाह होते देख रामवीर को सदमा लग गया। चिकित्सकों ने रामवीर की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। प्रभारी डीएम डाक्टर चंद्रभूषण का कहना है कि उन्हें अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी।
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मंगलवार को शासन के निर्देश पर संयुक्त कृषि निदेशक आगरा अनिल कुमार दीक्षित ने उप कृषि निदेशक यूबी सिंह गौतम और अन्य कृषि अधिकारियों के साथ जिले के तीन ब्लाक क्षेत्रों के ग्रामों का भ्रमण कर फसलों का निरीक्षण किया। खेतों में बारिश और तेज हवाओं से गिरी फसलें देख किसानों से बातचीत कर नुकसान का जायजा लिया। संयुक्त कृषि निदेशक ने किशोरपुर में सीताराम के खेत में गिरी गेहूं की फसल का निरीक्षण किया। बाद में जागीर में रतिभान सिंह के खेत देखे। दोनों स्थानों पर गेहूं और जौ की फसलें गिरी नजर आईं। उन्होंने अजीतगंज, राजलपुर, वीरमपुर, टिकसुरी, नवादा, संजापुर, नखतपुर, तारापुर के अलावा कुरावली और घिरोर क्षेत्रों के भी कई ग्रामों का भ्रमण कर फसलों को पहुंची क्षति का आंकलन किया।
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संयुक्त कृषि निदेशक ने बताया कि बारिश और तेज हवाओं के चलते सबसे अधिक नुकसान गेहूं और जौ की फसल को पहुंचा है। उन्होंने बताया कि करीब 45-50 प्रतिशत गेहूं और जौ की फसल गिरकर नष्ट हुई है। सरसों में भी 30-40 प्रतिशत नुकसान का आंकलन किया गया है। उनके अनुसार आलू की 75 फीसदी फसल की खोदाई की जा चुकी है। जो शेष में उसमें करीब 40 प्रतिशत नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि क्षति के आंकलन की रिपोर्ट वह शासन को भेजेंगे। शासन से निर्देश मिलने के बाद मुआवजा वितरण की कार्रवाई की जाएगी।
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छिटकवां पद्धति से बुवाई वाले खेतों में अधिक नुकसान
फसलों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जिन किसानों ने गेहूं और जौ की बुवाई छिटकवां पद्धति से की थी उनकी फसलों को 50 से 55 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। जबकि पंक्तिवार तरीके से की गई बुवाई वाले खेतों में नुकसान का प्रतिशत 20 से 25 फीसदी रहा है।
किसान के साथ लेनदार भी चिंतित
सूखा और धान की मंदी का मारा किसान पहले ही बेहाल था। रही-सही कसर बेमौसम की बारिश ने निकाल दी। गेहूं, जौ, सरसों, आलू, चना आदि की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। गेहूं की अच्छी फसल देखकर किसानों को उम्मीद थी कि सूखे का घाटा पूरा हो जाएगा लेकिन अब लागत भी निकलती नहीं दिख रही है। फसलों को पहुंची क्षति से किसानों की योजनाओं पर ब्रेक लग गया है। जिससे बाजार और कारोबार भी प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसान के साथ लेनदार भी चिंतित हैं। सहकारी समितियां, बैंक और प्राइवेट तौर पर कर्ज देने वाले चिंतित हैं कि फसल खराब होने पर वसूली कैसे होगी। बैंक अधिकारी विकास कुमार कहते हैं कि फसल अच्छी होती है तो वसूली भी अच्छी होती है। पैदावार नहीं होगी तो ब्याज वसूलने में भी दिक्कत आएगी।
सदमे से एक और किसान की हुई मौत
कुरावली। बारिश से तबाह हुई फसल को देखकर कुरावली क्षेत्र के घरनाजपुर निवासी किसान रामवीर सिंह को ऐसा सदमा लगा कि आगरा में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सोमवार को खेत में गिरी फसलें देखकर लौटे रामवीर को ऐसा सदमा लगा कि वह सोमवार की शाम बेहोश हो गए। परिवार के लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां उन्हें आगरा के लिए रेफर कर दिया गया। मंगलवार को सुबह एसएन मेडिकल अस्पताल में रामवीर ने दम तोड़ दिया। रामवीर के छह पुत्रियां हैं जो सभी पढ़ रही हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि पहले सूखा से फसल बर्बाद हो गई थी वहीं इस बार खेतों में गेहूं और आलू की फसल तबाह होते देख रामवीर को सदमा लग गया। चिकित्सकों ने रामवीर की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। प्रभारी डीएम डाक्टर चंद्रभूषण का कहना है कि उन्हें अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी।