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Mainpuri News: किसान ने पेड़ से फंदा लगाकर दी जान
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फोटो13 मृतक राजू का फाइल फोटो
दन्नाहार। नगला पुनी के एक किसान का शव रविवार सुबह घर के बाहर नीम के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। परिजन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने 32 वर्षीय किसान राजू के शव को फंदे से उतरवाकर मोर्चरी भिजवाया। जांच में घरेलू कलह और खेती में नुकसान की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। किसान के घर में मातम छाया है, परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव नगला पुनी निवासी राजू के पास महज डेढ़ बीघा खेती की भूमि थी। शनिवार शाम को खाना खाने के बाद घर के बाहर पड़े टिनशेड के नीचे सो गए थे। रविवार सुबह करीब छह बजे जब पत्नी नीतू ने बाहर आकर देखा तो चीख निकल गई। राजू का शव नीम के पेड़ पर फंदे से लटक रहा था। जानकारी होने के ग्रामीण एकत्रित हो गए।
मृतक के भाई समर सिंह ने बताया कि राजू ने किसी से रुपये उधार लिए थे। बंटाई पर लिए खेत में आलू की खेती की थी, मगर बाजार में आलू के दाम कम होने से नुकसान हो गया था। पिछले दो साल से उसे खेती में लगातार नुकसान हो रहा था।परिवार के भरण पोषण को लेकर घरेलू कलह भी होती थी। उन्होंने आशंका जताई कि खुदकुशी की वजह घरेलू कलह और लगातार खेती में हो रहा नुकसान हो सकता है।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
किसान राजू की मौत के साथ ही जहां नीतू विधवा हो गई, वहीं उसके तीन बेटों के सिर से कम उम्र में ही पिता का साया उठ गया। राजू खेत बंटाई पर करने के साथ ही परिवार चलाने के लिए शहर में जाकर मजदूरी भी करता था। वह परिवार की हर जरूरत को पूरा करना चाहता था, मगर हालात बिगड़ते गए और राजू को आत्मघाती कदम उठाना पड़ गया। परिवार के सामने अब भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।
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मृतक के भाई समर सिंह ने बताया कि राजू ने किसी से रुपये उधार लिए थे। बंटाई पर लिए खेत में आलू की खेती की थी, मगर बाजार में आलू के दाम कम होने से नुकसान हो गया था। पिछले दो साल से उसे खेती में लगातार नुकसान हो रहा था।परिवार के भरण पोषण को लेकर घरेलू कलह भी होती थी। उन्होंने आशंका जताई कि खुदकुशी की वजह घरेलू कलह और लगातार खेती में हो रहा नुकसान हो सकता है।
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तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
किसान राजू की मौत के साथ ही जहां नीतू विधवा हो गई, वहीं उसके तीन बेटों के सिर से कम उम्र में ही पिता का साया उठ गया। राजू खेत बंटाई पर करने के साथ ही परिवार चलाने के लिए शहर में जाकर मजदूरी भी करता था। वह परिवार की हर जरूरत को पूरा करना चाहता था, मगर हालात बिगड़ते गए और राजू को आत्मघाती कदम उठाना पड़ गया। परिवार के सामने अब भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।
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