{"_id":"5797682b4f1c1b697d21ea88","slug":"how-will-it-be-without-a-master-studies-in-colleges","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना गुरुजी के कैसे होगी कालेजों में पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना गुरुजी के कैसे होगी कालेजों में पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Tue, 26 Jul 2016 10:45 PM IST
विज्ञापन
पढ़ाई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आधी अधूरी तैयारियों के साथ जुलाई में कालेज खुल गए हैं। इस सत्र में इंटर कालेजों को शिक्षकों की कमी से जूझना पड़ेगा। 31 मार्च को इंटर कालेजों से 38 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं। ऐसे में शिक्षकों की कमी का असर पढ़ाई पर भी पडे़गा और वह प्रभावित होगी।
जिले के राजकीय और सहायता प्राप्त इंटर स्कूलों में पहले से ही 616 शिक्षकों की कमी चल रही है। वहीं 40 शिक्षक और सेवानिवृत्त होने से 656 शिक्षकों की कमी हो गई है। इससे इंटर कालेजों में पठन-पाठन का माहौल प्रभावित हो रहा है। जिले में फिलहाल 656 शिक्षकों की कमी पूरी होते नहीं दिख रही है। वहीं जिले में 11 राजकीय हाईस्कूल और आठ इंटर कालेज हैं। वहीं 53 सहायता प्राप्त विद्यालय हैं।
तीन प्रधानाचार्य हुए रिटायर
जिले में 31 मार्च को राजकीय और सहायता प्राप्त इंटर कालेजों से 38 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं। इनमें एडिट का एक और राजकीय इंटर कालेज के दो प्रधानाचार्य भी शामिल हैं। वहीं आठ प्रवक्ता सहित 29 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं।
विज्ञापन
शिक्षकों की कमी एक नजर में
राजकीय इंटर कालेज
पद सृजित पद कार्यरत रिक्त पद
प्रधानाचार्य 17 05 14
प्रवक्ता 74 26 49
सहायक शिक्षक 150 67 85
सहायता प्राप्त इंटर कालेज
पद सृजित पद कार्यरत रिक्त पद
प्रधानाचार्य 53 17 39
प्रवक्ता 248 136 122
सहायक शिक्षक 832 488 397
जिले में कुछ 19 राजकीय और 53 इंटर कालेज हैं। इन कालेजाें में शिक्षकों की कमी चल रही है। भर्ती न होने के चलते रिक्त पदों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बार उनका प्रयास है कि एक्सट्रा क्लासें लगवाई जाएं। ताकि बच्चों का कोर्स समय से पूरा कराया जा सकें।
आरपी यादव, डीआईओएस, मैनपुरी
विज्ञापन
जिले के राजकीय और सहायता प्राप्त इंटर स्कूलों में पहले से ही 616 शिक्षकों की कमी चल रही है। वहीं 40 शिक्षक और सेवानिवृत्त होने से 656 शिक्षकों की कमी हो गई है। इससे इंटर कालेजों में पठन-पाठन का माहौल प्रभावित हो रहा है। जिले में फिलहाल 656 शिक्षकों की कमी पूरी होते नहीं दिख रही है। वहीं जिले में 11 राजकीय हाईस्कूल और आठ इंटर कालेज हैं। वहीं 53 सहायता प्राप्त विद्यालय हैं।
विज्ञापन
तीन प्रधानाचार्य हुए रिटायर
जिले में 31 मार्च को राजकीय और सहायता प्राप्त इंटर कालेजों से 38 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं। इनमें एडिट का एक और राजकीय इंटर कालेज के दो प्रधानाचार्य भी शामिल हैं। वहीं आठ प्रवक्ता सहित 29 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं।
विज्ञापन
शिक्षकों की कमी एक नजर में
राजकीय इंटर कालेज
पद सृजित पद कार्यरत रिक्त पद
प्रधानाचार्य 17 05 14
प्रवक्ता 74 26 49
सहायक शिक्षक 150 67 85
सहायता प्राप्त इंटर कालेज
पद सृजित पद कार्यरत रिक्त पद
प्रधानाचार्य 53 17 39
प्रवक्ता 248 136 122
सहायक शिक्षक 832 488 397
जिले में कुछ 19 राजकीय और 53 इंटर कालेज हैं। इन कालेजाें में शिक्षकों की कमी चल रही है। भर्ती न होने के चलते रिक्त पदों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बार उनका प्रयास है कि एक्सट्रा क्लासें लगवाई जाएं। ताकि बच्चों का कोर्स समय से पूरा कराया जा सकें।
आरपी यादव, डीआईओएस, मैनपुरी