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Mahoba News: जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच नहीं, वार्ड आरक्षित
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फोटो 14 एमएएचपी 19 परिचय-जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीज को देखते डॉ. राजेश कुमार भट्ट। संवाद
फोटो 14 एमएएचपी 19 परिचय-जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीज को देखते डॉ. राजेश कुमार भट्ट। संवाद
फोटो 14 एमएएचपी 20 परिचय-इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में जांच रिपोर्ट लेने को जुटी मरीजों की भीड़। संवाद
-रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को ओपीडी में जुटी मरीजों की भीड़
-वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम के मरीजों की भरमार, डेंगू के मिल चुके तीन मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। स्वाइन फ्लू जैसी गंभीर बीमारी के लिए जिला अस्पताल में अब तक जांच की कोई सुविधा नहीं है। मशीन न होने से जिला अस्पताल में आने वाले एक भी मरीज की जांच नहीं हो सकी है। हालांकि, स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीजों के लिए वार्ड आरक्षित किया गया है।
सोमवार को रविवार के अवकाश के बाद जिला अस्पताल की सुबह आठ बजे से ओपीडी खुलते ही मरीजों और तीमारदारों की भारी भीड़ जुटी। इस दौरान पर्चा बनवाने से लेकर काउंटर से दवाएं लेने के लिए के मरीजों को जद्दोजहद करनी पड़ी। इस दौरान ओपीडी में 1,340 मरीज उपचार कराने पहुंचे। जिला अस्पताल में वर्तमान में वायरल बुखार, सर्दी व जुकाम के मरीजों की भरमार है। डॉक्टर कक्षों के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। यहां स्वाइन फ्लू से बचाव के कोई उपाय नजर नहीं आ रहे हैं।
जिला अस्पताल प्रशासन ने छह बेड का स्वाइन फ्लू वार्ड बनाया है। दावा है कि अब तक उनके अस्पताल में एक भी संदिग्ध मरीज नहीं आया है। हालांकि, जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू जांच की कोई सुविधा नहीं है। जिम्मेदारों का कहना है कि उनके पास जांच मशीन नहीं है। स्वाइन फ्लू या अन्य लक्षणों से संक्रमित मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए बाहर भेजा जा रहा है। हालांकि, एक सप्ताह पहले तीन डेंगू के मरीज निकले थे, जो अब पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. राजेश कुमार भट्ट का कहना है कि जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू जांच की सुविधा नहीं है। छह बेड का वार्ड आरक्षित किया गया है। मशीन न होने से जांच किट भी नहीं मिली हैं। उधर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि अब तक एक भी स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं मिला है। सोमवार को लैब में हुईं जांचों में तीन मरीज में टाइफाइड की पुष्टि हुई है।
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फोटो 14 एमएएचपी 20 परिचय-इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में जांच रिपोर्ट लेने को जुटी मरीजों की भीड़। संवाद
-रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को ओपीडी में जुटी मरीजों की भीड़
-वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम के मरीजों की भरमार, डेंगू के मिल चुके तीन मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। स्वाइन फ्लू जैसी गंभीर बीमारी के लिए जिला अस्पताल में अब तक जांच की कोई सुविधा नहीं है। मशीन न होने से जिला अस्पताल में आने वाले एक भी मरीज की जांच नहीं हो सकी है। हालांकि, स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीजों के लिए वार्ड आरक्षित किया गया है।
सोमवार को रविवार के अवकाश के बाद जिला अस्पताल की सुबह आठ बजे से ओपीडी खुलते ही मरीजों और तीमारदारों की भारी भीड़ जुटी। इस दौरान पर्चा बनवाने से लेकर काउंटर से दवाएं लेने के लिए के मरीजों को जद्दोजहद करनी पड़ी। इस दौरान ओपीडी में 1,340 मरीज उपचार कराने पहुंचे। जिला अस्पताल में वर्तमान में वायरल बुखार, सर्दी व जुकाम के मरीजों की भरमार है। डॉक्टर कक्षों के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। यहां स्वाइन फ्लू से बचाव के कोई उपाय नजर नहीं आ रहे हैं।
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जिला अस्पताल प्रशासन ने छह बेड का स्वाइन फ्लू वार्ड बनाया है। दावा है कि अब तक उनके अस्पताल में एक भी संदिग्ध मरीज नहीं आया है। हालांकि, जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू जांच की कोई सुविधा नहीं है। जिम्मेदारों का कहना है कि उनके पास जांच मशीन नहीं है। स्वाइन फ्लू या अन्य लक्षणों से संक्रमित मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए बाहर भेजा जा रहा है। हालांकि, एक सप्ताह पहले तीन डेंगू के मरीज निकले थे, जो अब पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. राजेश कुमार भट्ट का कहना है कि जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू जांच की सुविधा नहीं है। छह बेड का वार्ड आरक्षित किया गया है। मशीन न होने से जांच किट भी नहीं मिली हैं। उधर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि अब तक एक भी स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं मिला है। सोमवार को लैब में हुईं जांचों में तीन मरीज में टाइफाइड की पुष्टि हुई है।
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