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अस्पताल में भर्ती अनशनकारी ने दी आत्मदाह की चेतावनी, पहुंची पुलिस
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महोबा। शनिवार की रात बेटे की मौत के मामले में अनशनकारी लखनऊ जाकर आत्मदाह करने की चेतावनी देते हुए अस्पताल से जाने लगा। तब कर्मचारियों की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने समझा बुझाकर दोबारा भर्ती कराया।
गौरतलब है कि राठ रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी राहुल सोनी व जितेंद्र अहिरवार के शव कीरत सागर तालाब में मिले थे। राहुल सोनी के पिता भगवतीप्रसाद सोनी ने आठ लोगों पर पुत्र व उसके साथी को पानी में डुबाकर मार डालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 26 जनवरी से वृद्ध ने मोक्षधाम में अनशन शुरू किया और 10 फरवरी से अन्न के साथ जल भी त्याग दिया था। अफसरों ने कई बार समझाने का प्रयास किया लेकिन कार्रवाई न होने तक वह अनशन समाप्त न करने की जिद पर अड़ा रहा। चार दिन पहले एक बार फिर अनशनकारी की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
शनिवार की रात जिला अस्पताल में भर्ती अनशनकारी ने दवा लेने से इंकार किया। वह बेड से उठकर आत्महत्या की बात करने लगा। इसके बाद अनशनकारी ने लखनऊ जाकर आत्मदाह की चेतावनी दी। किसी घटना की आशंका को लेकर अस्पताल कर्मियों ने लिखित सूचना कोतवाली पुलिस को भेजी। जिसमें सुरक्षा के लिए पुलिस उपलब्ध कराने की मांग की। कोतवाल बलराम सिंह ने रात में ही अस्पताल पहुंचकर अनशनकारी को दो दिन के अंदर कार्रवाई का भरोसा देते हुए दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया।
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गौरतलब है कि राठ रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी राहुल सोनी व जितेंद्र अहिरवार के शव कीरत सागर तालाब में मिले थे। राहुल सोनी के पिता भगवतीप्रसाद सोनी ने आठ लोगों पर पुत्र व उसके साथी को पानी में डुबाकर मार डालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 26 जनवरी से वृद्ध ने मोक्षधाम में अनशन शुरू किया और 10 फरवरी से अन्न के साथ जल भी त्याग दिया था। अफसरों ने कई बार समझाने का प्रयास किया लेकिन कार्रवाई न होने तक वह अनशन समाप्त न करने की जिद पर अड़ा रहा। चार दिन पहले एक बार फिर अनशनकारी की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
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शनिवार की रात जिला अस्पताल में भर्ती अनशनकारी ने दवा लेने से इंकार किया। वह बेड से उठकर आत्महत्या की बात करने लगा। इसके बाद अनशनकारी ने लखनऊ जाकर आत्मदाह की चेतावनी दी। किसी घटना की आशंका को लेकर अस्पताल कर्मियों ने लिखित सूचना कोतवाली पुलिस को भेजी। जिसमें सुरक्षा के लिए पुलिस उपलब्ध कराने की मांग की। कोतवाल बलराम सिंह ने रात में ही अस्पताल पहुंचकर अनशनकारी को दो दिन के अंदर कार्रवाई का भरोसा देते हुए दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया।
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