{"_id":"604ba9358ebc3e592e0ea3a2","slug":"mahoba-news-mahoba-news-knp6172380142","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यावरण संतुलन के लिए पौधरोपण बेहद जरूरी- अध्यक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यावरण संतुलन के लिए पौधरोपण बेहद जरूरी- अध्यक्षा
विज्ञापन
गोष्ठी में बोलतीं संस्थान की अध्यक्षा
- फोटो : MAHOBA
महोबा। पर्यावरण संतुलन के लिए पौधरोपण बेहद जरूरी है। यह बात सहयोगी सेवा संस्थान की अध्यक्षा नेेहा चंसौरिया ने कही। विकासखंड कबरई के उच्च प्राथमिक विद्यालय पसवारा में शुक्रवार को ‘वृक्षों की सुरक्षा व लाभ’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को पेड़-पौधों के महत्व की जानकारी दी गई।
गोष्ठी में संस्थान की अध्यक्षा ने कहा कि धरती पर पेड़-पौधों के बिना मनुष्य और जानवरों की प्रजातियों का अस्तित्व संभव नहीं है। पेड़ न केवल कार्बन डाई ऑक्साइड लेते हैं बल्कि वातावरण से कई अन्य हानिकारक गैसों को भी अवशोषित करते हैं। जिससे वातावरण को ताजगी मिलती है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक जागेश्वर गौतम ने पेड़-पौधों की उपयोगिता बताई। कहा कि लगातार बिगड़ते पर्यावरण से दैवीय आपदाओं का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सभी को जागरूक होकर आगे आने की जरूरत है। खाली स्थान पर एक-एक पौधा लगाएं और उसकी देखभाल करें। जिससे वह बड़ा होकर छाया व फल दे सके। कार्यक्रम में ओमप्रकाश, उमा सचान, सुनीता सोनी, विनोद कुमार, मुकेश कुमार, योगेंद्र अनुरागी के अलावा छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोष्ठी में संस्थान की अध्यक्षा ने कहा कि धरती पर पेड़-पौधों के बिना मनुष्य और जानवरों की प्रजातियों का अस्तित्व संभव नहीं है। पेड़ न केवल कार्बन डाई ऑक्साइड लेते हैं बल्कि वातावरण से कई अन्य हानिकारक गैसों को भी अवशोषित करते हैं। जिससे वातावरण को ताजगी मिलती है।
विज्ञापन
विद्यालय के प्रधानाध्यापक जागेश्वर गौतम ने पेड़-पौधों की उपयोगिता बताई। कहा कि लगातार बिगड़ते पर्यावरण से दैवीय आपदाओं का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सभी को जागरूक होकर आगे आने की जरूरत है। खाली स्थान पर एक-एक पौधा लगाएं और उसकी देखभाल करें। जिससे वह बड़ा होकर छाया व फल दे सके। कार्यक्रम में ओमप्रकाश, उमा सचान, सुनीता सोनी, विनोद कुमार, मुकेश कुमार, योगेंद्र अनुरागी के अलावा छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।
विज्ञापन