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स्वास्थ्य सेवाओं में मंडल में महोबा की स्थिति बेहतर- अपर निदेशक
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कार्यशाला में बोलते अपर निदेशक
- फोटो : MAHOBA
महोबा। स्वास्थ्य सेवाओं में मंडल में महोबा की स्थिति बेहतर हुई है। कायाकल्प अवार्ड योजना में भी हमीरपुर-महोबा के अस्पतालों का चयन हुआ है। हमीरपुर के महिला अस्पताल ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) को क्वालीफाई कर नया कीर्तिमान बनाया। यह बात शुक्रवार को चित्रकूट धाम मंडल बांदा के अपर निदेशक डॉ. आरबी गौतम ने शहर के एक होटल में आयोजित कार्यशाला में कही।
जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में आयोजित स्वास्थ्य संचार सुदृढ़ीकरण कार्यशाला में सीएमओ डॉ. एमके सिन्हा ने कहा कि प्रसव पूर्व होने वाली चार जांचें किसी भी गर्भवती के लिए महत्वपूर्ण है। इन जांचों में ढिलाई बरतने की वजह से प्रसव के समय समस्याएं उत्पन्न होती हैं। जनवरी माह में महोबा जिले को स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में प्रदेश में अव्वल स्थान मिला था। आयुष्मान भारत की डीसीपी डॉ. योगिता शर्मा ने कहा कि 24 मार्च तक गांव-गांव में पात्र लाभार्थियों के निशुल्क कार्ड बनाए जा रहे हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.जीआर रत्मेले ने टीबी के इलाज और बचाव के साथ ही मरीजों को शासन से मिलने खानपान के लिए निक्षय पोषण योजना की जानकारी दी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के मैनेजर डॉ. अंबुज गुप्ता ने शून्य से 19 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं को जन्मजात बीमारियों से बचाव को लेकर चलाई जा रही योजना के बारे में बताया। मातृत्व वंदना योजना से 19,671 महिलाओं को लाभान्वित किया गया। इस मौके पर मंडल समन्वयक सोनम राठौर, एसीएमओ डॉ. सुनील सचान, डॉ.योगेंद्र रजावत, डॉ. डीपी सिंह, अमित मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में आयोजित स्वास्थ्य संचार सुदृढ़ीकरण कार्यशाला में सीएमओ डॉ. एमके सिन्हा ने कहा कि प्रसव पूर्व होने वाली चार जांचें किसी भी गर्भवती के लिए महत्वपूर्ण है। इन जांचों में ढिलाई बरतने की वजह से प्रसव के समय समस्याएं उत्पन्न होती हैं। जनवरी माह में महोबा जिले को स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में प्रदेश में अव्वल स्थान मिला था। आयुष्मान भारत की डीसीपी डॉ. योगिता शर्मा ने कहा कि 24 मार्च तक गांव-गांव में पात्र लाभार्थियों के निशुल्क कार्ड बनाए जा रहे हैं।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.जीआर रत्मेले ने टीबी के इलाज और बचाव के साथ ही मरीजों को शासन से मिलने खानपान के लिए निक्षय पोषण योजना की जानकारी दी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के मैनेजर डॉ. अंबुज गुप्ता ने शून्य से 19 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं को जन्मजात बीमारियों से बचाव को लेकर चलाई जा रही योजना के बारे में बताया। मातृत्व वंदना योजना से 19,671 महिलाओं को लाभान्वित किया गया। इस मौके पर मंडल समन्वयक सोनम राठौर, एसीएमओ डॉ. सुनील सचान, डॉ.योगेंद्र रजावत, डॉ. डीपी सिंह, अमित मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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