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महोबा : सांसद व कवियित्री समेत चार को मिलेगा शंकर लाल मेहरोत्रा सम्मान
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महोबा। सांसद, बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा अध्यक्ष, चंडीगढ़ की कवियित्री समेत चार लोगों को इस बार का स्व. शंकर लाल मेहरोत्रा स्मृति सम्मान दिया जाएगा। सम्मान समारोह 22 नवंबर को प्रांतीय अनाथालय में होगा।
बुंदेली समाज के संयोजक व कार्यक्रम के आयोजक तारा पाटकर ने बताया कि स्व. शंकर लाल मेहरोत्रा बुंदेलखंड राज्य आंदोलन के जनक थे। बुंदेलखंड राज्य की बहाली के लिए नब्बे के दशक में उनके संघर्ष को भुलाया नहीं जा सकता है। 22 नवंबर, 2001 को उनका निधन हो गया था। पुण्यतिथि पर सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
तारा पाटकर ने बताया कि सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने लोकसभा में सात बार
पृथक बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा उठाया है।
भानु सहाय भी लंबे समय से बुंदेलखंड राज्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। चंडीगढ़ की कवियित्री ज्योति वर्मा प्रधानमंत्री को खून से खत लिखो अभियान में शामिल हो चुकी हैं। उन्होंने बुंदेलखंड की खूबसूरती पर एक दर्जन से अधिक रचनाएं लिखी हैं। समथर के शिवम उदैनिया बुंदेलों को जोड़ने के लिए साथियों के साथ बुंदेलखंड की पैदल यात्रा कर चुके हैं। इन चारों हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
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बुंदेली समाज के संयोजक व कार्यक्रम के आयोजक तारा पाटकर ने बताया कि स्व. शंकर लाल मेहरोत्रा बुंदेलखंड राज्य आंदोलन के जनक थे। बुंदेलखंड राज्य की बहाली के लिए नब्बे के दशक में उनके संघर्ष को भुलाया नहीं जा सकता है। 22 नवंबर, 2001 को उनका निधन हो गया था। पुण्यतिथि पर सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
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तारा पाटकर ने बताया कि सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने लोकसभा में सात बार
पृथक बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा उठाया है।
भानु सहाय भी लंबे समय से बुंदेलखंड राज्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। चंडीगढ़ की कवियित्री ज्योति वर्मा प्रधानमंत्री को खून से खत लिखो अभियान में शामिल हो चुकी हैं। उन्होंने बुंदेलखंड की खूबसूरती पर एक दर्जन से अधिक रचनाएं लिखी हैं। समथर के शिवम उदैनिया बुंदेलों को जोड़ने के लिए साथियों के साथ बुंदेलखंड की पैदल यात्रा कर चुके हैं। इन चारों हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
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