{"_id":"67140210677e630b580e5084","slug":"innocent-child-dies-of-pneumonia-mahoba-news-c-225-1-sknp1045-109809-2024-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: निमोनिया से मासूम की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: निमोनिया से मासूम की मौत
Sun, 20 Oct 2024 12:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 20 Oct 2024 12:31 AM IST
विज्ञापन
महोबा। जिले में संक्रामक बीमारियों का कहर जारी है। शनिवार को निमोनिया से एक मासूम की मौत हो गई। उधर, जिला अस्पताल समेत निजी क्लीनिकों में उल्टी, दस्त, पेटदर्द और सर्दी-जुकाम के मरीजों की भीड़ है।
शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ जुटी। ओपीडी में 820 मरीज दिखाने पहुंचे। वहीं पैथोलाॅजी में 250 मरीजों को सैंपल लिया गया। इस दौरान आठ मरीजों में डेंगू के लक्षण मिलने पर रैपिड टेस्ट किए तो एक में डेंगू की पुष्टि हुई। इसे आरटीपीसीआर लैब में रखी एलाइजा मशीन में जांच को भेजा गया।
उधर, हमीरपुर के पुरैनी गांव निवासी रामकुमार का छह माह का बेटा लक्ष्य एक सप्ताह से निमोनिया से पीड़ित चल रहा था। शुक्रवार की देर रात हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
प्रतिदिन दो तीन-बच्चे निमोनिया से ग्रसित होकर अस्पताल आ रहे हैं। डॉ. पवन गुप्ता का कहना है कि सुबह-शाम ठंडक होने से बच्चे सर्दी, जुकाम व निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों को सुबह-शाम फुल कपड़े पहनाएं और कूलर-एसी का प्रयोग न करें।
विज्ञापन
शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ जुटी। ओपीडी में 820 मरीज दिखाने पहुंचे। वहीं पैथोलाॅजी में 250 मरीजों को सैंपल लिया गया। इस दौरान आठ मरीजों में डेंगू के लक्षण मिलने पर रैपिड टेस्ट किए तो एक में डेंगू की पुष्टि हुई। इसे आरटीपीसीआर लैब में रखी एलाइजा मशीन में जांच को भेजा गया।
विज्ञापन
उधर, हमीरपुर के पुरैनी गांव निवासी रामकुमार का छह माह का बेटा लक्ष्य एक सप्ताह से निमोनिया से पीड़ित चल रहा था। शुक्रवार की देर रात हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
प्रतिदिन दो तीन-बच्चे निमोनिया से ग्रसित होकर अस्पताल आ रहे हैं। डॉ. पवन गुप्ता का कहना है कि सुबह-शाम ठंडक होने से बच्चे सर्दी, जुकाम व निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों को सुबह-शाम फुल कपड़े पहनाएं और कूलर-एसी का प्रयोग न करें।