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Mahoba News: वैलेंटाइन-डे पर गुलजार रहे गिफ्ट सेंटर व फ्लावर हाउस
Sat, 14 Feb 2026 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 14 Feb 2026 11:56 PM IST
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फोटो 14 एमएएचपी 22 परिचय-फ्लावर हाउस से फूल खरीदते युवा। संवाद
महोबा/कुलपहाड़। वैलेंटाइन-डे का खुमार शनिवार को युवाओं के सिर चढ़कर बोला। फूलों और गिफ्ट सेंटर की दुकानों में खरीदारों की भीड़ रही। आम दिनों में 10 से 20 रुपये में बिकने वाला गुलाब का फूल 50 रुपये तक बिका। इससे फूल विक्रेताओं ने जमकर मुनाफा कमाया। प्रेमी जोड़ों ने चोरी छिपे प्यार का इजहार किया।
वैलेंटाइन-डे युवाओं ने उत्साह के साथ मनाया। इस दौरान ग्राहकों की ओर से फूलों की सबसे ज्यादा मांग रही। फूल विक्रेताओं ने कानपुर, झांसी आदि स्थानों से गुलाब के विभिन्न प्रकार के फूल मंगाए। फूल विक्रेता रोहित सैनी ने बताया कि आम दिनों की अपेक्षा गुलाब की डिमांड ज्यादा रही। दुकानदारों को फूलों की बेहतर बिक्री होने की पहले से ही उम्मीद थी। कुलपहाड़ संवाद के अनुसार विदेशी संस्कृति को भारतीय युवा तेजी के साथ अपनाते जा रहे हैं। वैलेंटाइन-डे भी ऐसी ही एक विदेशी परंपरा है। यह मेट्रो सिटी से शहरों में और शहरों कस्बों से होती हुई ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच गई है। खासकर प्रेमी जोड़ों के बीच यह उत्सव दिखा। दुकानदारों ने भी अपनी तैयारी पहले से ही पूरी कर ली थी। कस्बा कुलपहाड़ के फूल विक्रेता अंकित सैनी आदि ने बताया कि उनके पास बहुत से ऑर्डर आए थे। जिसमें सबसे ज्यादा मांग गुलाब के फूलों की रही। उन्होंने झांसी से फूल मंगाए। ज्यादा मांग के चलते फूलों की कीमत दोगुनी रही। इससे बेहतर मुनाफा हुआ।
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वैलेंटाइन-डे युवाओं ने उत्साह के साथ मनाया। इस दौरान ग्राहकों की ओर से फूलों की सबसे ज्यादा मांग रही। फूल विक्रेताओं ने कानपुर, झांसी आदि स्थानों से गुलाब के विभिन्न प्रकार के फूल मंगाए। फूल विक्रेता रोहित सैनी ने बताया कि आम दिनों की अपेक्षा गुलाब की डिमांड ज्यादा रही। दुकानदारों को फूलों की बेहतर बिक्री होने की पहले से ही उम्मीद थी। कुलपहाड़ संवाद के अनुसार विदेशी संस्कृति को भारतीय युवा तेजी के साथ अपनाते जा रहे हैं। वैलेंटाइन-डे भी ऐसी ही एक विदेशी परंपरा है। यह मेट्रो सिटी से शहरों में और शहरों कस्बों से होती हुई ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच गई है। खासकर प्रेमी जोड़ों के बीच यह उत्सव दिखा। दुकानदारों ने भी अपनी तैयारी पहले से ही पूरी कर ली थी। कस्बा कुलपहाड़ के फूल विक्रेता अंकित सैनी आदि ने बताया कि उनके पास बहुत से ऑर्डर आए थे। जिसमें सबसे ज्यादा मांग गुलाब के फूलों की रही। उन्होंने झांसी से फूल मंगाए। ज्यादा मांग के चलते फूलों की कीमत दोगुनी रही। इससे बेहतर मुनाफा हुआ।
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