{"_id":"5b2001664f1c1bb51e8b5751","slug":"121528824166-mahoba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईटी एक्सपर्टो ने हैक की खनिज विभाग की साइट, बनाई नई फर्जी वेबसाइट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आईटी एक्सपर्टो ने हैक की खनिज विभाग की साइट, बनाई नई फर्जी वेबसाइट
Updated Tue, 12 Jun 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरई महोबा। जिले में पहाड़ों के खनन पट्टे कम होने तथा निरंतर रायल्टी की मांग बढ़ने के कारण मंडी में रायल्टी की कमी होने लगी। जिससे रायल्टी से जुडे़ कारोबारियों ने फर्जी रायल्टी निकालने का नया तरीका ईजाद करते हुए आईटी एक्सपर्टों की मदद से बंग्लौर से खनिज विभाग की नई फर्जी वेबसाइट लांच करा ली और रायल्टी निकालकर लाखों का चूना लगाने लगे। मामले की जानकारी होते ही जिलाधिकारी सहदेव ने पूरे मामले की साइबर क्राइम विभाग से जांच कराने और फर्जी साइट ब्लॉक कराने के निर्देश जिला खनिज अधिकारी को दिए हैं।
जिले की कबरई मंडी में 300 से अधिक पहाड़ों के खनन पट्टे थे। जो अपनी समयावधि पूरी कर समाप्त हो गए। नए पट्टे न होने के कारण 100 से कम पट्टे मंडी में बचे हैं। मंडी में प्रतिदिन चार से पांच हजार ट्रक गिट्टी लेने आते हैं जो बिना रायल्टी के माल की निकासी नहीं कर पाते। पट्टे कम होने तथा मांग बढ़ने के कारण रायल्टी की कबरई मंडी में मारामारी हो गई। एक ट्रक माल निकासी पर चार हजार रुपये की रायल्टी खनिज विभाग को देनी होती है। रायल्टी कमी के कारण मप्र की सस्ती रायल्टी कबरई मंडी में चलने लगी। तो वहीं आईटी विशेषज्ञ युवाओं ने फर्जी ऑनलाइन रायल्टी का नया तरीका ईजाद कर लिया और राज्य सरकार के खनिज विभाग की फर्जी वेबसाइट बंग्लौर से लांच कराकर रायल्टी का अवैध कारोबार करने लगे।
इस मामले में शिकायतों पर जांच कर रहे कबरई थानाध्यक्ष विपिन त्रिवेदी ने बताया कि यूपी ब्लागस्पाट डॉट काम के नाम से बनी साइट खोलते ही खनिज की हूबहू सरकारी साइट खुल जाती है। जिससे बार कोड के साथ फर्जी रायल्टी तैयार हो जाती है और विभाग के लोग समझ नहीं पाते। थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने बंग्लौर के आईटी विशेषज्ञों से बात की तो पता चला कि कानुपर के किसी सिरफिरे युवक ने सरकारी वेबसाइट बनाई है। जिसे हर हाल में बंद कर जांच करनी होगी ताकि पता चल सके कि कितनी रायल्टी का फर्जीवाड़ा हुआ है। जिलाधिकारी सहदेव ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए तत्काल जिला खनिज अधिकारी अंजनी कुमार सिंह को फर्जी साइट ब्लाक कराने और साइबर क्राइम के तहत जांच कराकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
आईटी एक्सपर्टों ने हैक की खनिज विभाग की वेबसाइट
-फर्जी सरकारी वेबसाइट बनाकर किया लाखों की रायल्टी का कारोबार -डीएम ने साइट ब्लॉक कराकर दिए जांच के आदेश
विज्ञापन
जिले की कबरई मंडी में 300 से अधिक पहाड़ों के खनन पट्टे थे। जो अपनी समयावधि पूरी कर समाप्त हो गए। नए पट्टे न होने के कारण 100 से कम पट्टे मंडी में बचे हैं। मंडी में प्रतिदिन चार से पांच हजार ट्रक गिट्टी लेने आते हैं जो बिना रायल्टी के माल की निकासी नहीं कर पाते। पट्टे कम होने तथा मांग बढ़ने के कारण रायल्टी की कबरई मंडी में मारामारी हो गई। एक ट्रक माल निकासी पर चार हजार रुपये की रायल्टी खनिज विभाग को देनी होती है। रायल्टी कमी के कारण मप्र की सस्ती रायल्टी कबरई मंडी में चलने लगी। तो वहीं आईटी विशेषज्ञ युवाओं ने फर्जी ऑनलाइन रायल्टी का नया तरीका ईजाद कर लिया और राज्य सरकार के खनिज विभाग की फर्जी वेबसाइट बंग्लौर से लांच कराकर रायल्टी का अवैध कारोबार करने लगे।
विज्ञापन
इस मामले में शिकायतों पर जांच कर रहे कबरई थानाध्यक्ष विपिन त्रिवेदी ने बताया कि यूपी ब्लागस्पाट डॉट काम के नाम से बनी साइट खोलते ही खनिज की हूबहू सरकारी साइट खुल जाती है। जिससे बार कोड के साथ फर्जी रायल्टी तैयार हो जाती है और विभाग के लोग समझ नहीं पाते। थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने बंग्लौर के आईटी विशेषज्ञों से बात की तो पता चला कि कानुपर के किसी सिरफिरे युवक ने सरकारी वेबसाइट बनाई है। जिसे हर हाल में बंद कर जांच करनी होगी ताकि पता चल सके कि कितनी रायल्टी का फर्जीवाड़ा हुआ है। जिलाधिकारी सहदेव ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए तत्काल जिला खनिज अधिकारी अंजनी कुमार सिंह को फर्जी साइट ब्लाक कराने और साइबर क्राइम के तहत जांच कराकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
आईटी एक्सपर्टों ने हैक की खनिज विभाग की वेबसाइट
-फर्जी सरकारी वेबसाइट बनाकर किया लाखों की रायल्टी का कारोबार -डीएम ने साइट ब्लॉक कराकर दिए जांच के आदेश