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कच्चे पानी के 85.16 लाख फंसे

Wed, 14 May 2014 05:30 AM IST
Mahoba
Mahoba Updated Wed, 14 May 2014 05:30 AM IST
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महोबा। सालाें से कच्चे पानी का भुगतान न करने पर सिंचाई विभाग के एक्सईएन ने जल निगम और जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को 85.16 लाख रुपये बकाया भुगतान के लिए नोटिस जारी किया है। लेकिन विभाग बकाया धनराशि जमा करने की सुध नहीं ले रहा है। पत्राचार करके खानापूरी की जा रही है। जबकि सिंचाई विभाग पैसा जमा करने के लिए आधा दर्जन से ज्यादा नोटिस और रिमाइंडर भेज चुका है।
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जल निगम और जल संस्थान द्वारा उर्मिल बांध, अर्जुन बांध, कबरई बांध, बेला सागर, मदन सागर से कच्चा पानी लिया जाता है। इस कच्चे पानी के एवज में जल संस्थान और जल निगम द्वारा सिंचाई विभाग को पानी का भुगतान करना पड़ता है। लेकिन जब से तालाब और बांधाें से जलापूर्ति शुरू हुई, सिंचाई विभाग पत्र पर पत्र लिखे जा रहा है, लेकिन आज तक जल निगम ने पानी का भुगतान नहीं किया। जिससे नाराज होकर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेश कुमार ने जल निगम को 85.16 लाख रुपये का नोटिस जारी कर दिया है। तीन बार रिमाइंडर भी भेजे जा चुके हैं। जल निगम सिविल शाखा के एक्सईएन ने पैसा जमा करने के बजाए उच्चाधिकारियाें को भेजे पत्र में बताया कि जल निगम का काम पाइप लाइन बिछाना होता है। जबकि जलापूर्ति का कार्य जल संस्थान करता है और उपभोक्ताआें से पानी के बदले में पैसा भी जल संस्थान वसूलता है। इसलिए जल संस्थान से वसूली की जानी चाहिए। इसकी प्रति जल निगम के एक्सईएन ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन को भी भेज दी है।
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इंसेट
बांध का नाम कब से बकाया धनराशि रुपये में
कबरई बांध 1955 से 15.35 लाख
उर्मिल बांध 2011 से 13.70 लाख
अर्जुन बांध 1957 से 14.23 लाख
बेला सागर 1952 से 25.67 लाख
मदन सागर 1952 से 16.21 लाख
इंसेट
डीएम के तीखे तेवर से ढीले पड़े एक्सईएन
सिंचाई विभाग के एक्सईएन ने 85.16 लाख रुपये बकाया धनराशि जमा करने के लिए जल निगम और जल संस्थान को नोटिस जारी किया था। नोटिस में पानी बंद करने का भी जिक्र था। इसका पता चलने पर डीएम अनुज कुमार झा ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश कुमार को फटकार लगाई। इससे एक्सईएन के तेवर ढीले पड़ गए। एक्सईएन ने बताया कि उन्हाेंने बकाया धनराशि जमा कराने को दबाव बनाने के लिए पानी न देने की धमकी दी थी।
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