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Maharajganj News: श्रमिकों को जागरूक करेंगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
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अब 100 दिन के बजाए 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा
महिलाएं श्रमिकों को वीबी-जी-राम जी अधिनियम 2025 के तहत हुए परिवर्तनों की देंगी जानकारी
महराजगंज। प्रत्येक गांव में अब स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं श्रमिकों को वीबी-जी-राम जी अधिनियम 2025 के तहत हुए व्यवस्था परिवर्तन और मनरेगा योजना में किए गए संशोधनों के बारे में जागरूक करेंगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। श्रम एवं रोजगार विभाग की ओर से इस संबंध में व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है।
जानकारी के अनुसार, विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत मनरेगा योजना में कई अहम बदलाव किए जा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख बदलाव यह है कि अब ग्रामीण मजदूरों को पहले की तरह 100 दिन के बजाए 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उपायुक्त श्रम एवं रोजगार गौरवेंद्र सिंह ने बताया कि वीबी-जी-राम जी अधिनियम 2025 के अंतर्गत श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने, रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मजदूरी भुगतान को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। इन प्रावधानों की सही जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अहम भूमिका सौंपी गई है। महिलाएं घर-घर जाकर श्रमिकों को इन बदलावों के बारे में समझाएंगी, वहीं समूह बैठकों और ग्राम सभाओं के माध्यम से भी जागरूकता फैलाएंगी।
उपायुक्त श्रम रोजगार गौरवेंद्र सिंह ने बताया कि इस पहल से न केवल श्रमिकों में जागरूकता बढ़ेगी बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता भी आएगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से गांवों में रोजगार से जुड़ी समस्याओं में कमी आएगी और श्रमिक अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग होंगे।
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महिलाएं श्रमिकों को वीबी-जी-राम जी अधिनियम 2025 के तहत हुए परिवर्तनों की देंगी जानकारी
महराजगंज। प्रत्येक गांव में अब स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं श्रमिकों को वीबी-जी-राम जी अधिनियम 2025 के तहत हुए व्यवस्था परिवर्तन और मनरेगा योजना में किए गए संशोधनों के बारे में जागरूक करेंगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। श्रम एवं रोजगार विभाग की ओर से इस संबंध में व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है।
जानकारी के अनुसार, विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत मनरेगा योजना में कई अहम बदलाव किए जा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख बदलाव यह है कि अब ग्रामीण मजदूरों को पहले की तरह 100 दिन के बजाए 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उपायुक्त श्रम एवं रोजगार गौरवेंद्र सिंह ने बताया कि वीबी-जी-राम जी अधिनियम 2025 के अंतर्गत श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने, रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मजदूरी भुगतान को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। इन प्रावधानों की सही जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अहम भूमिका सौंपी गई है। महिलाएं घर-घर जाकर श्रमिकों को इन बदलावों के बारे में समझाएंगी, वहीं समूह बैठकों और ग्राम सभाओं के माध्यम से भी जागरूकता फैलाएंगी।
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उपायुक्त श्रम रोजगार गौरवेंद्र सिंह ने बताया कि इस पहल से न केवल श्रमिकों में जागरूकता बढ़ेगी बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता भी आएगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से गांवों में रोजगार से जुड़ी समस्याओं में कमी आएगी और श्रमिक अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग होंगे।
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