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Maharajganj News: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कल, तैयारी तेज
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महराजगंज। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का दुर्लभ संयोग नहीं बन पा रहा है। ऐसे में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई जाएगी। वहीं व्रत का पारण 17 को होगा।
आर्यावर्त ज्योतिष केंद्र के संस्थापक आचार्य लोकनाथ तिवारी ने बताया कि द्वापर युग में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और आधी रात के समय भगवान श्री कृष्ण का मथुरा में कंस के कारागार में जन्म हुआ था। उस समय अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र था। चंद्रमा वृष राशि में थे। लेकिन इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि में चंद्रमा का संयोग नहीं मिल रहा है। कई वर्षों बाद ऐसा हो रहा है।
उन्होंने बताया कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी 15 अगस्त की रात 12.58 बजे के बाद लगेगी और 16 अगस्त की रात 10.29 बजे तक रहेगी। इस दौरान रोहिणी नक्षत्र नहीं होगा। रोहिणी नक्षत्र 17 अगस्त सुबह 6:29 बजे से शुरू होकर 18 अगस्त सुबह 4:54 बजे तक रहेगा। इसलिए उदयकाल में अष्टमी और रोहिणी का मेल नहीं बन पाएगा।
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उन्होंने बताया कि गृहस्थ और वैष्णव परंपरा के अनुयायी 16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाएंगे और 17 अगस्त को व्रत का पारण करेंगे। वहीं जो रोहिणी नक्षत्र को मानकर व्रत करते हैं, वे 18 अगस्त को पारण करेंगे।
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आर्यावर्त ज्योतिष केंद्र के संस्थापक आचार्य लोकनाथ तिवारी ने बताया कि द्वापर युग में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और आधी रात के समय भगवान श्री कृष्ण का मथुरा में कंस के कारागार में जन्म हुआ था। उस समय अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र था। चंद्रमा वृष राशि में थे। लेकिन इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि में चंद्रमा का संयोग नहीं मिल रहा है। कई वर्षों बाद ऐसा हो रहा है।
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उन्होंने बताया कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी 15 अगस्त की रात 12.58 बजे के बाद लगेगी और 16 अगस्त की रात 10.29 बजे तक रहेगी। इस दौरान रोहिणी नक्षत्र नहीं होगा। रोहिणी नक्षत्र 17 अगस्त सुबह 6:29 बजे से शुरू होकर 18 अगस्त सुबह 4:54 बजे तक रहेगा। इसलिए उदयकाल में अष्टमी और रोहिणी का मेल नहीं बन पाएगा।
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उन्होंने बताया कि गृहस्थ और वैष्णव परंपरा के अनुयायी 16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाएंगे और 17 अगस्त को व्रत का पारण करेंगे। वहीं जो रोहिणी नक्षत्र को मानकर व्रत करते हैं, वे 18 अगस्त को पारण करेंगे।