{"_id":"68f52b688e63e515e508290f","slug":"potters-lamps-brightened-the-markets-maharajganj-news-c-209-1-kld1004-140092-2025-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: कुम्हारों के दीयों ने बढ़ाई बाजारों की रौनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: कुम्हारों के दीयों ने बढ़ाई बाजारों की रौनक
Sun, 19 Oct 2025 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 19 Oct 2025 11:48 PM IST
विज्ञापन
महुली कस्बे में मिट्टी के दीयों की खरीदारी कर रहरे लोग। संवाद
महुली। दीपावली के पर्व पर स्थानीय थाना क्षेत्र के महुली, हरिहरपुर, नाथनगर आदि प्रमुख बाजारों में मोमबत्ती के अपेक्षा देशी दिए की खूब बिक्री हुई। रविवार को महुली बाजार में देशी दीये खरीदने के लिए ग्राहकों की भारी भीड़ लगी रही।
दीया बेच रहे भीटी निवासी संजय कुम्हार ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल दिए की बिक्री बढ़ी है। जिससे उन्हें अच्छी आमदनी भी हो रही है। उन्होंने बताया कि दिया पिछले साल भी घाटी एक रुपये, कोसा पांच रुपये में बिकता था। वही रेट आज भी है लेकिन बिक्री बढ़ गई है। खरीदारों की भीड़ सुबह से शाम तक लगी रही। उन्होंने बताया कि दीये के लिए मिट्टी की परेशानी है। फिर भी मिट्टी ढूंढ़कर कारोबार बढ़ाने के लिए अपने हौसले बुलंद किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष महुली बाजार में एक से दो लोग ही दीया बेच रहे थे। लेकिन इस वर्ष दर्जन भर लोग दीया बेचने का काम कर रहे हैं। इसके अलावा मूर्ति की दुकानों पर भी दीये की डिमांड काफी बढ़ी हुई है।
विज्ञापन
दीया बेच रहे भीटी निवासी संजय कुम्हार ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल दिए की बिक्री बढ़ी है। जिससे उन्हें अच्छी आमदनी भी हो रही है। उन्होंने बताया कि दिया पिछले साल भी घाटी एक रुपये, कोसा पांच रुपये में बिकता था। वही रेट आज भी है लेकिन बिक्री बढ़ गई है। खरीदारों की भीड़ सुबह से शाम तक लगी रही। उन्होंने बताया कि दीये के लिए मिट्टी की परेशानी है। फिर भी मिट्टी ढूंढ़कर कारोबार बढ़ाने के लिए अपने हौसले बुलंद किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष महुली बाजार में एक से दो लोग ही दीया बेच रहे थे। लेकिन इस वर्ष दर्जन भर लोग दीया बेचने का काम कर रहे हैं। इसके अलावा मूर्ति की दुकानों पर भी दीये की डिमांड काफी बढ़ी हुई है।
विज्ञापन