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मॉडल गोसदन के रूप में विकसित होगा मधवलिया
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कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक को संबोधित करते डीएम सत्येन्द्र कुमार।
- फोटो : MAHARAJGANJ
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मॉडल गोसदन के रूप में विकसित होगा मधवलिया
महराजगंज। डीएम सत्येंद्र कुमार ने कहा कि मधवलिया गोसदन को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। वहां सुविधाओं के साथ अतिरिक्त आय के सृजन, क्षमता में वृद्धि आदि कार्य होगा। इस बाबत पशुपालन विभाग को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम को सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मधवलिया गोसदन के प्रबंध कार्यकारिणी व गो-आश्रय स्थलों के मूल्यांकन समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होेंने कहा कि गोसदन में 10 हजार पशुओं की देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बागवानी, मत्स्य विकास व पशुपालन पर भी जोर दिया जाए। गोसदन के 20 प्रतिशत भूमि पर पौधरोपण किया जाए। उन्होंने गोसदन परिसर में मनरेगा से तालाब की खुदाई कराने के निर्देश भी दिए। यह भी निर्देश दिए कि गासेदन में वर्मी कंपोस्ट के लिए चयनित फर्म के अनुबंध को तीन माह के लिए बढ़ा दिया जाए।
डीएम ने ठंड में पशुओं को असुविधा से बचाने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को जिले में अक्रियाशील गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण करते हुए यदि मरम्मत योग्य हों तो उसे कराते हुए पुन: संचालित कराने के निर्देश दिए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार गिरी ने हरा चारा उत्पादन, गोसदन की मरम्मत, संरक्षित गोवंशीय पशु व भूमि आदि के बारे में जानकारी दी। इस दौरान सीडीओ गौरव सिंह सोगरवाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट साईं तेजा सीलम, एसडीएम निचलौल एसपी मिश्र, जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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महराजगंज। डीएम सत्येंद्र कुमार ने कहा कि मधवलिया गोसदन को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। वहां सुविधाओं के साथ अतिरिक्त आय के सृजन, क्षमता में वृद्धि आदि कार्य होगा। इस बाबत पशुपालन विभाग को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम को सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मधवलिया गोसदन के प्रबंध कार्यकारिणी व गो-आश्रय स्थलों के मूल्यांकन समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होेंने कहा कि गोसदन में 10 हजार पशुओं की देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बागवानी, मत्स्य विकास व पशुपालन पर भी जोर दिया जाए। गोसदन के 20 प्रतिशत भूमि पर पौधरोपण किया जाए। उन्होंने गोसदन परिसर में मनरेगा से तालाब की खुदाई कराने के निर्देश भी दिए। यह भी निर्देश दिए कि गासेदन में वर्मी कंपोस्ट के लिए चयनित फर्म के अनुबंध को तीन माह के लिए बढ़ा दिया जाए।
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डीएम ने ठंड में पशुओं को असुविधा से बचाने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को जिले में अक्रियाशील गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण करते हुए यदि मरम्मत योग्य हों तो उसे कराते हुए पुन: संचालित कराने के निर्देश दिए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार गिरी ने हरा चारा उत्पादन, गोसदन की मरम्मत, संरक्षित गोवंशीय पशु व भूमि आदि के बारे में जानकारी दी। इस दौरान सीडीओ गौरव सिंह सोगरवाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट साईं तेजा सीलम, एसडीएम निचलौल एसपी मिश्र, जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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