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बाढ़ग्रस्त इलाकों में नावों, मेडिकल टीम की व्यवस्था करने के निर्देश
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बेल्सर रिगौली बंधे का निरीक्षण करते डीएम सत्येंद्र कुमार व एसपी डॉ.कौस्तुभ।संवाद
- फोटो : MAHARAJGANJ
बाढ़ग्रस्त इलाकों में नावों, मेडिकल टीम की व्यवस्था करने के निर्देश
महराजगंज। भारी बारिश के कारण बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ व मुख्य विकास अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने सोमवार को धानी तटबंध व त्रिमुहानी घाट का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बाढ़ग्रस्त इलाकों में नावों की व्यवस्था, मेडिकल टीमों का गठन करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों के साथ सबसे पहले धानी तटबंध को देखा। यहां उन्होंने राप्ती नदी के बाएं तट पर स्थित बेलसड-रिगौली पल व खड़खड़िया पुल का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने परगापुर ताल के दाएं तट पर स्थित बनदेइया तटबंध को भी देखा और नदियों के जलस्तर व बाढ़ से बचाव व राहत कार्यों की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने चेहरी तटबंध के निकट स्थित त्रिमुहानी घाट गेज का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने लक्ष्मीपुर ग्राम पंचायत स्थित बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने जनपद में खतरे के निशान के ऊपर बह रही नदियों की जानकारी ली। उन्होंने जनपद की अन्य नदियों व बड़े नालों में वर्तमान जलस्तर के बारे में भी जानकारी अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय से ली। एक्सईएन राजीव कपिल ने बताया कि त्रिमुहानी घाट पर रोहिन नदी खतरे के निशान से 1.15 मी. ऊपर बह रही है, जबकि राप्ती रिगौली गेज पर खतरे के निशान से मात्र 10 सेमी. नीचे बह रही है। इसके अतिरिक्त घोघी नदी, पो नाला व परगापुर ताल भी खतरे के निशान को पार कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि जनपद की अधिकांश नदियों में जलस्तर का बढ़ना जारी है।
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जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी फरेंदा और उपजिलाधिकारी सदर को राजस्व, पुलिस व सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम गठित कर संवेदनशील तटबंधों की लगातार निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने बाढ़ से बचाव व राहत उपायों को मजबूत करने के लिए निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए मेडिकल टीमों को भी गठित करने के लिए कहा। जिलाधिकारी ने एक्सईएन सिंचाई को तटबंधों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों को तेज करने व नदियों के जलस्तर विशेषकर धानी क्षेत्र में बह रही नदियों के जलस्तर की निगरानी का निर्देश दिया।
उप जिलाधिकारी फरेंदा रामसजीवन मौर्य ने बताया कि मेडिकल टीमों को सक्रिय कर दिया गया है और पर्याप्त संख्या में नाव, लाइफ जैकेट, तिरपाल, गोताखोर आदि की व्यवस्था कर ली गई है। इस दौरान उप जिलाधिकारी फरेंदा रामसजीवन मौर्य, क्षेत्राधिकारी कोमल प्रसाद मिश्रा, तहसीलदार सदर राजेश कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
स्थायी रूप से नाव की व्यवस्था की गई
तहसीलदार सदर के नेतृत्व में एक टीम चेहरी के पास टड़वहिया टोला में जाकर लोगों को अन्यत्र जाने के लिए राजी किया, ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। इसके लिए प्रशासन द्वारा स्थायी रूप से नाव की व्यवस्था की गई है।
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महराजगंज। भारी बारिश के कारण बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ व मुख्य विकास अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने सोमवार को धानी तटबंध व त्रिमुहानी घाट का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बाढ़ग्रस्त इलाकों में नावों की व्यवस्था, मेडिकल टीमों का गठन करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों के साथ सबसे पहले धानी तटबंध को देखा। यहां उन्होंने राप्ती नदी के बाएं तट पर स्थित बेलसड-रिगौली पल व खड़खड़िया पुल का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने परगापुर ताल के दाएं तट पर स्थित बनदेइया तटबंध को भी देखा और नदियों के जलस्तर व बाढ़ से बचाव व राहत कार्यों की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने चेहरी तटबंध के निकट स्थित त्रिमुहानी घाट गेज का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने लक्ष्मीपुर ग्राम पंचायत स्थित बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया।
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जिलाधिकारी ने जनपद में खतरे के निशान के ऊपर बह रही नदियों की जानकारी ली। उन्होंने जनपद की अन्य नदियों व बड़े नालों में वर्तमान जलस्तर के बारे में भी जानकारी अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय से ली। एक्सईएन राजीव कपिल ने बताया कि त्रिमुहानी घाट पर रोहिन नदी खतरे के निशान से 1.15 मी. ऊपर बह रही है, जबकि राप्ती रिगौली गेज पर खतरे के निशान से मात्र 10 सेमी. नीचे बह रही है। इसके अतिरिक्त घोघी नदी, पो नाला व परगापुर ताल भी खतरे के निशान को पार कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि जनपद की अधिकांश नदियों में जलस्तर का बढ़ना जारी है।
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जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी फरेंदा और उपजिलाधिकारी सदर को राजस्व, पुलिस व सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम गठित कर संवेदनशील तटबंधों की लगातार निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने बाढ़ से बचाव व राहत उपायों को मजबूत करने के लिए निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए मेडिकल टीमों को भी गठित करने के लिए कहा। जिलाधिकारी ने एक्सईएन सिंचाई को तटबंधों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों को तेज करने व नदियों के जलस्तर विशेषकर धानी क्षेत्र में बह रही नदियों के जलस्तर की निगरानी का निर्देश दिया।
उप जिलाधिकारी फरेंदा रामसजीवन मौर्य ने बताया कि मेडिकल टीमों को सक्रिय कर दिया गया है और पर्याप्त संख्या में नाव, लाइफ जैकेट, तिरपाल, गोताखोर आदि की व्यवस्था कर ली गई है। इस दौरान उप जिलाधिकारी फरेंदा रामसजीवन मौर्य, क्षेत्राधिकारी कोमल प्रसाद मिश्रा, तहसीलदार सदर राजेश कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
स्थायी रूप से नाव की व्यवस्था की गई
तहसीलदार सदर के नेतृत्व में एक टीम चेहरी के पास टड़वहिया टोला में जाकर लोगों को अन्यत्र जाने के लिए राजी किया, ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। इसके लिए प्रशासन द्वारा स्थायी रूप से नाव की व्यवस्था की गई है।