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Maharajganj News: झांसा देकर नेपाल में हिंदुओं का कर रहे धर्मांतरण

Tue, 30 Sep 2025 02:01 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 30 Sep 2025 02:01 AM IST
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Hindus are being converted in Nepal by deceiving them.
सीमा पर तैनात जवान।
महराजगंज। नेपाल में धर्मांतरण का खेल चिंता का विषय है। यहां गरीब और अनाथ हिंदू परिवारों को गुमराह का धर्मांतरण की कोशिश की जाती है। हिंदू परिवारों की समस्याओं को दूर कराने का झांसा देकर जाल में फंसाया जाता है। इसमें बाद उनको धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जाता है। इस्लाम का जोर शोर से प्रचार के लिए बाकायदा विदेशी फंडिंग हो रही है। खुफिया जांच में इन तथ्याें की जानकारी हुई तो कई जगहों पर छापा डाला गया था। अब पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।
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सूत्रों की मानें तो नेपाल के काठमांडो, भक्तपुर, बुटवल, कपिलवस्तु, चनरोटा, नेपालगंज, बीरगंज, बिराटनगर ,पोखरा, नवलपरासी, भैरहवा, दांग में विदेशों से मिलने वाले फंड को लेकर छापेमारी हुई है। टीम की जांच में यह तथ्य सामने आया की विदेशी देश, नेपाल में डेमोग्राफी को बदलने के लिए गरीब और अनाथ हिंदू परिवार को गुमराह रहे हैं। संकेत मिले हैं कि 82 फीसद हिंदू आबादी वाले नेपाल में इस्लाम धर्म का प्रचार तुर्की करने में लगा है। सीमावर्ती क्षेत्र सहित घाटी के कुछ स्थानों पर बिना वैध वर्क परमिट के किशोरों को कुरान पढ़ाने वाले विदेशी नागरिकों की जानकारी हुई। इसका पता चलने के बाद कई शहरों में छापा डाना गया। इनके नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। नेपाली अधिकारियों ने भक्तपुर ललितपुर के हॉस्टलों पर छापेमारी की, जो हिमालय एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी से जुड़े हुए थे। यह एनजीओ गरीब और अनाथ बच्चों को पढ़ाने में जुटा है। जांच से खुलासा हुआ है कि इन संस्थानों में बच्चों को, जो मुख्य रूप से अनाथ या गरीब परिवारों से थे और कपिलवस्तु, सिराहली, रौतहट, बांके और दाङ जैसे जिलों से आए थे, उनके धर्म परिवर्तन के लिए उन्हें इस्लामिक शिक्षा दी जा रही थी। रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल की सरकारी किताबों को नहीं पढ़ाकर बच्चों को इस्लामिक किताबें पढ़ाई जाती थी। नेपाल की सरकारी किताबों में धार्मिक शिक्षा किताबी पढ़ाई का हिस्सा नहीं है। यानि एनजीओ के जरिए मजहबी शिक्षा देने की कोशिश की जा रही है।
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सूत्रों की मानें तो यह संस्था विदेशी संगठनों से सालाना करीब 25 मिलियन नेपाली मुद्रा हासिल करती है, जिनमें तुर्की स्थित संगठन भी शामिल हैं। इसके अलावा, इंडोनेशिया के कई इस्लामिक शिक्षक नेपाल टूरिस्ट वीजा पर आते हैं और फिर मजहबी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं, जो नेपाल के इमीग्रेशन कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है। अधिकारियों ने यह माना कि इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ देश के कानून का उल्लंघन करती हैं, बल्कि देश की सुरक्षा और बच्चों की शिक्षा पर भी प्रतिकूल असर डाल सकती हैं। कई नेपाली अधिकारियों ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया है।
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