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Maharajganj News: मौसम में नमी के कारण कान में फंगस संक्रमण के मरीज बढ़े
Fri, 25 Sep 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:34 AM IST
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- कान में पानी जाने और नमी के कारण बढ़ रहा संक्रमण,
- जिला अस्पताल के ईएनटी विभाग में रोज पहुंच रहे 35 से 40 मरीज
- दर्द के साथ खुजली और भारीपन की शिकायत
महराजगंज। बरसात के मौसम में कान में नमी बढ़ने से फंगस संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं। जिला अस्पताल के कान, नाक एवं गला (ईएनटी) रोग विभाग में इन दिनों प्रतिदिन करीब 90 से 100 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 35 से 40 मरीज कान में फंगस संक्रमण की समस्या से पीड़ित मिल रहे हैं। एक सप्ताह पहले ऐसे मरीजों की संख्या 15 से 20 थी। संक्रमण के कारण मरीजों को कान में दर्द, खुजली और भारीपन जैसी परेशानियां हो रही हैं।
ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि बारिश के दौरान कान में पानी चले जाने, लगातार नमी बने रहने और कान की ठीक से सफाई नहीं होने से फंगस पनपने की आशंका बढ़ जाती है। कई लोग कान में पानी जाने के बाद उसे साफ करने के लिए माचिस की तीली, पिन या अन्य नुकीली वस्तुओं का इस्तेमाल करते हैं। इससे कान की अंदरूनी त्वचा को नुकसान पहुंचने के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि बारिश के मौसम में वातावरण में नमी अधिक रहती है। ऐसे में कान के अंदर नमी रहने पर फंगस आसानी से पनप सकता है। शुरुआत में कान में खुजली और हल्का दर्द होता है। इसके बाद कान बंद लगने, सुनाई कम देने या अधिक दर्द की शिकायत हो सकती है। लापरवाही करने पर संक्रमण बढ़ भी सकता है।
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उन्होंने बताया कि कान में पानी जाने से बचना चाहिए। नहाते समय कान में पानी जाने पर बाहर के हिस्से को मुलायम कपड़े से धीरे से सुखाएं। कान के अंदर किसी भी तरह की वस्तु डालकर सफाई नहीं करनी चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के कान में कोई दवा या तेल भी नहीं डालना चाहिए। लगातार दर्द, खुजली, पानी या किसी तरह का स्राव होने पर ईएनटी चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
बचाव के तरीके
-कान में पानी जाने से बचाएं और नमी न रहने दें।
-ईयरबड, माचिस की तीली या नुकीली वस्तु से कान साफ न करें।
-कान में बिना डॉक्टर की सलाह के दवा या तेल न डालें।
-दर्द, खुजली या स्राव होने पर समय से चिकित्सक को दिखाएं।
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- जिला अस्पताल के ईएनटी विभाग में रोज पहुंच रहे 35 से 40 मरीज
- दर्द के साथ खुजली और भारीपन की शिकायत
महराजगंज। बरसात के मौसम में कान में नमी बढ़ने से फंगस संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं। जिला अस्पताल के कान, नाक एवं गला (ईएनटी) रोग विभाग में इन दिनों प्रतिदिन करीब 90 से 100 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 35 से 40 मरीज कान में फंगस संक्रमण की समस्या से पीड़ित मिल रहे हैं। एक सप्ताह पहले ऐसे मरीजों की संख्या 15 से 20 थी। संक्रमण के कारण मरीजों को कान में दर्द, खुजली और भारीपन जैसी परेशानियां हो रही हैं।
ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि बारिश के दौरान कान में पानी चले जाने, लगातार नमी बने रहने और कान की ठीक से सफाई नहीं होने से फंगस पनपने की आशंका बढ़ जाती है। कई लोग कान में पानी जाने के बाद उसे साफ करने के लिए माचिस की तीली, पिन या अन्य नुकीली वस्तुओं का इस्तेमाल करते हैं। इससे कान की अंदरूनी त्वचा को नुकसान पहुंचने के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
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ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि बारिश के मौसम में वातावरण में नमी अधिक रहती है। ऐसे में कान के अंदर नमी रहने पर फंगस आसानी से पनप सकता है। शुरुआत में कान में खुजली और हल्का दर्द होता है। इसके बाद कान बंद लगने, सुनाई कम देने या अधिक दर्द की शिकायत हो सकती है। लापरवाही करने पर संक्रमण बढ़ भी सकता है।
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उन्होंने बताया कि कान में पानी जाने से बचना चाहिए। नहाते समय कान में पानी जाने पर बाहर के हिस्से को मुलायम कपड़े से धीरे से सुखाएं। कान के अंदर किसी भी तरह की वस्तु डालकर सफाई नहीं करनी चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के कान में कोई दवा या तेल भी नहीं डालना चाहिए। लगातार दर्द, खुजली, पानी या किसी तरह का स्राव होने पर ईएनटी चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
बचाव के तरीके
-कान में पानी जाने से बचाएं और नमी न रहने दें।
-ईयरबड, माचिस की तीली या नुकीली वस्तु से कान साफ न करें।
-कान में बिना डॉक्टर की सलाह के दवा या तेल न डालें।
-दर्द, खुजली या स्राव होने पर समय से चिकित्सक को दिखाएं।