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Maharajganj News: लेखपालों ने बस्ता जमा किया तो 300 गांवों में थमा राजस्व काम
Fri, 25 Sep 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:34 AM IST
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- 107 पद खाली, अतिरिक्त प्रभार वाले हल्कों के दस्तावेज जमा होने से 2323 आवेदन अटके
- आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र से लेकर वरासत और नामांतरण तक प्रभावित
महराजगंज। जिले में लेखपालों की कमी के बीच चल रहे आंदोलन ने राजस्व व्यवस्था की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार वाले हल्कों का बस्ता जमा कर दिया है। इससे करीब 300 गांवों में आय, जाति, निवास, ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र, वरासत, नामांतरण और खतौनी संशोधन जैसे काम प्रभावित हैं। जिले की तहसीलों में इनसे संबंधित 2323 आवेदन लंबित हैं। प्रमाणपत्र और जमीन संबंधी काम के लिए पहुंच रहे लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ रहा है।
जिले में लेखपालों के 368 पद स्वीकृत हैं, जबकि 261 पर ही तैनाती है। 107 पद रिक्त होने के कारण पहले से ही एक लेखपाल को चार से पांच गांवों का अतिरिक्त राजस्व दायित्व संभालना पड़ रहा है। अब अतिरिक्त हल्कों के बस्ते जमा होने से कई गांवों की रिपोर्ट और सत्यापन से जुड़े काम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि अंतर्मंडलीय स्थानांतरण, वाहन भत्ता बढ़ाने और ग्रेड पे में परिवर्तन समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर आंदोलन चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लंबित कार्यों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और संगठन से वार्ता का प्रयास किया जा रहा है।
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सदर में दो हजार से अधिक आवेदन लंबित
सदर तहसील में 140 पदों के सापेक्ष 96 लेखपाल कार्यरत हैं। यहां 44 पद रिक्त हैं। तहसीलदार पंकज शाही के अनुसार 47 गांवों के लेखपालों ने अतिरिक्त हल्कों का बस्ता जमा किया है। इससे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के काम प्रभावित हैं। सभी पटलों को मिलाकर आय, जाति, निवास समेत अन्य मामलों के दो हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। चेहरी क्षेत्र के रमेश खसरे की जानकारी लेने तहसील पहुंचे, लेकिन लेखपाल से मुलाकात नहीं हो सकी। घुघली क्षेत्र के राघव को भी संबंधित काम नहीं होने पर वापस लौटना पड़ा।
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निचलौल में 224 मामले अटके
निचलौल तहसील में 78 पदों के सापेक्ष 59 लेखपाल तैनात हैं। 19 पद रिक्त हैं। गुरुवार तक 18 गांवों के लेखपालों ने बस्ता जमा कर दिया था। यहां वरासत के 54 और अंश निर्धारण व त्रुटि सुधार के करीब 170 मामले लंबित हैं।
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नौतनवा में 27, फरेंदा में 29 हल्कों पर असर
नौतनवा में 81 में से 54 पदों पर लेखपाल तैनात हैं। आंदोलन के तीसरे दिन 27 अतिरिक्त हल्कों का बस्ता जमा किया गया। इससे प्रमाणपत्रों के साथ आईजीआरएस और शिकायतों के निस्तारण पर असर पड़ा है। संघ अध्यक्ष रमेश गुप्ता के नेतृत्व में लेखपालों ने प्रदर्शन कर मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की बात कही। फरेंदा में 69 पदों के सापेक्ष 42 लेखपाल हैं। 29 हल्कों का बस्ता जमा होने से करीब 120 गांव प्रभावित हैं और लगभग 75 मामले लंबित बताए गए हैं। तहसीलदार वशिष्ठ वर्मा ने बताया कि लंबित कार्यों को लेकर लेखपाल संगठन से बातचीत की जा रही है।
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बोले लोग
पत्नी गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इलाज के लिए आय प्रमाणपत्र चाहिए। चार दिन से तहसील के चक्कर लगा रहा हूं लेकिन काम नहीं हो सका है।
- अंगद चौहान, निवासी, बाली
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खेत का खसरा निकलवाने आया था। दो दिन से तहसील के चक्कर लगा रहा हूं। बस्ता जमा होने से लेखपाल से मुलाकात नहीं हो सकी है। - रमेश, निवासी, परागपुर
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लंबित आवेदनों के निस्तारण का प्रयास कराया जा रहा है। जनपद में लेखपालों के खाली पदों को भरने के लिए शासन स्तर से सात हजार लेखपालों की भर्ती प्रक्रिया होने जा रही है। जल्द ही समस्या का समाधान होगा। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम
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- आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र से लेकर वरासत और नामांतरण तक प्रभावित
महराजगंज। जिले में लेखपालों की कमी के बीच चल रहे आंदोलन ने राजस्व व्यवस्था की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार वाले हल्कों का बस्ता जमा कर दिया है। इससे करीब 300 गांवों में आय, जाति, निवास, ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र, वरासत, नामांतरण और खतौनी संशोधन जैसे काम प्रभावित हैं। जिले की तहसीलों में इनसे संबंधित 2323 आवेदन लंबित हैं। प्रमाणपत्र और जमीन संबंधी काम के लिए पहुंच रहे लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ रहा है।
जिले में लेखपालों के 368 पद स्वीकृत हैं, जबकि 261 पर ही तैनाती है। 107 पद रिक्त होने के कारण पहले से ही एक लेखपाल को चार से पांच गांवों का अतिरिक्त राजस्व दायित्व संभालना पड़ रहा है। अब अतिरिक्त हल्कों के बस्ते जमा होने से कई गांवों की रिपोर्ट और सत्यापन से जुड़े काम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि अंतर्मंडलीय स्थानांतरण, वाहन भत्ता बढ़ाने और ग्रेड पे में परिवर्तन समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर आंदोलन चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लंबित कार्यों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और संगठन से वार्ता का प्रयास किया जा रहा है।
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सदर में दो हजार से अधिक आवेदन लंबित
सदर तहसील में 140 पदों के सापेक्ष 96 लेखपाल कार्यरत हैं। यहां 44 पद रिक्त हैं। तहसीलदार पंकज शाही के अनुसार 47 गांवों के लेखपालों ने अतिरिक्त हल्कों का बस्ता जमा किया है। इससे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के काम प्रभावित हैं। सभी पटलों को मिलाकर आय, जाति, निवास समेत अन्य मामलों के दो हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। चेहरी क्षेत्र के रमेश खसरे की जानकारी लेने तहसील पहुंचे, लेकिन लेखपाल से मुलाकात नहीं हो सकी। घुघली क्षेत्र के राघव को भी संबंधित काम नहीं होने पर वापस लौटना पड़ा।
निचलौल में 224 मामले अटके
निचलौल तहसील में 78 पदों के सापेक्ष 59 लेखपाल तैनात हैं। 19 पद रिक्त हैं। गुरुवार तक 18 गांवों के लेखपालों ने बस्ता जमा कर दिया था। यहां वरासत के 54 और अंश निर्धारण व त्रुटि सुधार के करीब 170 मामले लंबित हैं।
नौतनवा में 27, फरेंदा में 29 हल्कों पर असर
नौतनवा में 81 में से 54 पदों पर लेखपाल तैनात हैं। आंदोलन के तीसरे दिन 27 अतिरिक्त हल्कों का बस्ता जमा किया गया। इससे प्रमाणपत्रों के साथ आईजीआरएस और शिकायतों के निस्तारण पर असर पड़ा है। संघ अध्यक्ष रमेश गुप्ता के नेतृत्व में लेखपालों ने प्रदर्शन कर मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की बात कही। फरेंदा में 69 पदों के सापेक्ष 42 लेखपाल हैं। 29 हल्कों का बस्ता जमा होने से करीब 120 गांव प्रभावित हैं और लगभग 75 मामले लंबित बताए गए हैं। तहसीलदार वशिष्ठ वर्मा ने बताया कि लंबित कार्यों को लेकर लेखपाल संगठन से बातचीत की जा रही है।
बोले लोग
पत्नी गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इलाज के लिए आय प्रमाणपत्र चाहिए। चार दिन से तहसील के चक्कर लगा रहा हूं लेकिन काम नहीं हो सका है।
- अंगद चौहान, निवासी, बाली
खेत का खसरा निकलवाने आया था। दो दिन से तहसील के चक्कर लगा रहा हूं। बस्ता जमा होने से लेखपाल से मुलाकात नहीं हो सकी है। - रमेश, निवासी, परागपुर
लंबित आवेदनों के निस्तारण का प्रयास कराया जा रहा है। जनपद में लेखपालों के खाली पदों को भरने के लिए शासन स्तर से सात हजार लेखपालों की भर्ती प्रक्रिया होने जा रही है। जल्द ही समस्या का समाधान होगा। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम