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देहरादून: उत्तराखंड वक्फ बोर्ड तीन तलाक और हलाला पीड़ित बेसहारा महिलाओं को देगा मुफ्त आवास, प्रस्ताव अगले माह
Fri, 25 Sep 2026 04:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
बिशन सिंह बोरा, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, देहरादून
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 25 Sep 2026 04:06 AM IST
सार
बोर्ड ने इन पीड़ित और बेसहारा महिलाओं को मुफ्त आवास उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा, अगले महीने बोर्ड बैठक में इसके लिए प्रस्ताव लाया जाएगा।
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प्रतीक चित्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथाओं की शिकार हुई महिलाओं के पुनर्वास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने इन पीड़ित और बेसहारा महिलाओं को मुफ्त आवास उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा, अगले महीने बोर्ड बैठक में इसके लिए प्रस्ताव लाया जाएगा।
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शादाब शम्स के मुताबिक बोर्ड के पास हर जिले में हजारों बीघा जमीन उपलब्ध है। इस जमीन का उपयोग जरूरतमंद महिलाओं के लिए किया जाएगा। बोर्ड की जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों को सख्ती से हटाया जाएगा। इसके बाद खाली कराई गई जमीनों और भवनों पर पीड़ित बेटी और बहनों का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।
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शादाब शम्स के मुताबिक मुस्लिम समाज में कई बार तीन तलाक के बाद पति दूसरा विवाह कर लेता है। जिसके चलते ऐसी बहनें और बेटियां दर्द और दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो जाती हैं। ऐसे में यह योजना उन्हें संबल प्रदान करेगी।
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इस पहल के तहत सरकार का उद्देश्य समाज की उन पीड़ित महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सुरक्षित आशियाना देना है, जो तीन तलाक के बाद बेसहारा हो चुकी हैं। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के मुताबिक सरकार ने यूसीसी लागू कर तीन तकाल पर रोक लगाई है, इसके बावजूद समाज में बड़ी संख्या में इस तरह की पीड़ित महिलाएं हैं।
अभी यह योजना प्रस्तावित है, वक्फ बोर्ड की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा।
-खजानदास, मंत्री समाज कल्याण