{"_id":"5ac525384f1c1bed618b58db","slug":"government-in-the-harsh-hard-hired-school","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार सख्त, हथकंडे की शरण में स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार सख्त, हथकंडे की शरण में स्कूल
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 05 Apr 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
सरकार सख्त, हथकंडे की शरण में स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली पर शासन सख्त हो गया है। इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने शुक्ल निर्धारण अध्यादेश 2018 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। सालाना 20 हजार रुपये से अधिक फीस वसूलने वाले स्कूलों को इस अध्यादेश के दायरे में ला दिया गया है। इसके बाद भी निजी स्कूल मनमानी फीस वसूली कर अभिभावकों का शोषण करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि अब स्कूल तरह-तरह के हथकंडे अपना कर रुपये एेंठ रहे हैं।
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 928 निजी स्कूल हैं। इनमें से दो दर्जन निजी स्कूल जिला मुख्यालय व उसके आसपास संचालित हो रहे हैं। ये विद्यालय अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं। इसके लिए स्कूल कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। राजीव नगर निवासी संजीव कश्यप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि निजी स्कूल नियमों का पालन करेंगे। वे अब टाई, बेल्ट, आई कार्ड, डायरी के साथ ही स्कूल में सांस्कृतिक व अन्य तरह के कार्यक्रमों के नाम पर मनमानी करेंगे। यह बात भी देखने को मिली कि कुछ स्कूलों में तो जो सुविधा नहीं है उसके नाम पर भी काफी रकम वसूल लिए जा रहे हैं। कुछ स्कूलों सुविधा है, लेकिन बच्चों को उसका उपयोग नहीं करने दिया जाता। इसके बावजूद शुल्क वसूल लिया जाता है।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 928 निजी स्कूल हैं। इनमें से दो दर्जन निजी स्कूल जिला मुख्यालय व उसके आसपास संचालित हो रहे हैं। ये विद्यालय अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं। इसके लिए स्कूल कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। राजीव नगर निवासी संजीव कश्यप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि निजी स्कूल नियमों का पालन करेंगे। वे अब टाई, बेल्ट, आई कार्ड, डायरी के साथ ही स्कूल में सांस्कृतिक व अन्य तरह के कार्यक्रमों के नाम पर मनमानी करेंगे। यह बात भी देखने को मिली कि कुछ स्कूलों में तो जो सुविधा नहीं है उसके नाम पर भी काफी रकम वसूल लिए जा रहे हैं। कुछ स्कूलों सुविधा है, लेकिन बच्चों को उसका उपयोग नहीं करने दिया जाता। इसके बावजूद शुल्क वसूल लिया जाता है।
विज्ञापन