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Maharajganj News: अयोध्या जाने से पहले गोरखपुर में गिरफ्तार हो गए थे पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र
Fri, 19 Jan 2024 09:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 19 Jan 2024 09:37 PM IST
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फोटो
-तीन दिन अस्थाई जेल में रहने के बाद छूटे तो सीधे पहुंचे श्री गुरु गोरक्षनाथ मंदिर, पुलिस की लाठियां भी कम नहीं कर सकीं उत्साह
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। घुघली क्षेत्र के जोगिया गांव के रहने वाले पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र सिंह अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर बेहद उत्साहित हैं। वह प्रभु श्री राम के लिए उस पूरे उत्साह से अयोध्या विवादित ढांचा गिराने जा रहे थे, बचते हुए गोरखपुर तक पहुंच गए। यहां पुलिस की नजर से नहीं बच सके। गिरफ्तार होने के बाद तीन अस्थाई जेल में रहे। पुलिस का बर्ताव ठीक नहीं था।
घुघली कस्बे के पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस की लाठी गिरने पर सभी कार सेवक जय श्रीराम का जयघोष करते थे। एक दिन थोड़ा सा गुड़ चना खाकर मंजिल की ओर चल पड़ा। साथ में कई लोग थे। परतावल कस्बे से आगे बढ़ने पर पता चला की जिले से तमाम लोग अयोध्या की ओर कूच कर दिए हैं। सभी लोग अपने हिसाब से पुलिस की नजर से बचते हुए आगे बढ़ रहे थे। उन्होंने बताया कि मैं भी गमछे से मुंह ढंक कर जा रहा था। गोरखपुर में गोलघर से आगे बढ़ने पर पुलिस को शक हुआ तो गिरफ्तार कर लिया।
गोरखनाथ थाने में बने अस्थाई जेल में तीन दिन तक रहा। उस वक्त रात में जोर से भूख लगी। करीब 20 लोगों को एक साथ रखा गया था। सभी रूक-रूक कर जय श्रीराम का नारा लगा रहे थे तो पुलिस परेशान हो जाती थी। एक पुलिस वाले ने बासी समोसा दिया तो उत्साहित कार सेवकों ने फेंक दिया। उन्होंने कहा कि रात में किसी तरह से वक्त गुजारने के बाद सुबह 11 बजे से चाय बिस्किट व पानी मिला तो किसी तरह से राहत मिली। तीन दिन बाद छोड़ा गया तो सीधे बाबा गुरु गोरक्षनाथ की शरण में पहुंचा। मंदिर में मत्था टेकने बाद घर पहुंचा तो परिजनों ने राहत की सांस ली। आज मन की मुराद पूरी हो रही है। प्राण प्रतिष्ठा जीते जी देख रहा हूं। यही बहुत है।
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-तीन दिन अस्थाई जेल में रहने के बाद छूटे तो सीधे पहुंचे श्री गुरु गोरक्षनाथ मंदिर, पुलिस की लाठियां भी कम नहीं कर सकीं उत्साह
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। घुघली क्षेत्र के जोगिया गांव के रहने वाले पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र सिंह अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर बेहद उत्साहित हैं। वह प्रभु श्री राम के लिए उस पूरे उत्साह से अयोध्या विवादित ढांचा गिराने जा रहे थे, बचते हुए गोरखपुर तक पहुंच गए। यहां पुलिस की नजर से नहीं बच सके। गिरफ्तार होने के बाद तीन अस्थाई जेल में रहे। पुलिस का बर्ताव ठीक नहीं था।
घुघली कस्बे के पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस की लाठी गिरने पर सभी कार सेवक जय श्रीराम का जयघोष करते थे। एक दिन थोड़ा सा गुड़ चना खाकर मंजिल की ओर चल पड़ा। साथ में कई लोग थे। परतावल कस्बे से आगे बढ़ने पर पता चला की जिले से तमाम लोग अयोध्या की ओर कूच कर दिए हैं। सभी लोग अपने हिसाब से पुलिस की नजर से बचते हुए आगे बढ़ रहे थे। उन्होंने बताया कि मैं भी गमछे से मुंह ढंक कर जा रहा था। गोरखपुर में गोलघर से आगे बढ़ने पर पुलिस को शक हुआ तो गिरफ्तार कर लिया।
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गोरखनाथ थाने में बने अस्थाई जेल में तीन दिन तक रहा। उस वक्त रात में जोर से भूख लगी। करीब 20 लोगों को एक साथ रखा गया था। सभी रूक-रूक कर जय श्रीराम का नारा लगा रहे थे तो पुलिस परेशान हो जाती थी। एक पुलिस वाले ने बासी समोसा दिया तो उत्साहित कार सेवकों ने फेंक दिया। उन्होंने कहा कि रात में किसी तरह से वक्त गुजारने के बाद सुबह 11 बजे से चाय बिस्किट व पानी मिला तो किसी तरह से राहत मिली। तीन दिन बाद छोड़ा गया तो सीधे बाबा गुरु गोरक्षनाथ की शरण में पहुंचा। मंदिर में मत्था टेकने बाद घर पहुंचा तो परिजनों ने राहत की सांस ली। आज मन की मुराद पूरी हो रही है। प्राण प्रतिष्ठा जीते जी देख रहा हूं। यही बहुत है।
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