{"_id":"6202ae5f0354c73d7052d040","slug":"fire-strument-expired-maharajganj-news-gkp426323047","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्सपायर अग्निशमन यंत्र पर आग बुझाने का दारोमदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्सपायर अग्निशमन यंत्र पर आग बुझाने का दारोमदार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक्सपायर अग्निशमन यंत्र पर आग बुझाने का दारोमदार
जिला अस्पताल में आग बुझाने का संसाधन है खराब, जिम्मेदार बेखबर
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल में अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुका है, लेकिन इसे रिफिल कराना जिम्मेदार मुनासिब नहीं समझ रहे हैं, अगर आग लग जाए तो बुझाना मुश्किल हो जाएगा। अस्पताल में भूतल से लेकर ऊपरी तल तक पर कई जगह लगा अग्निशमन यंत्र 20 जनवरी को ही एक्सपायर हो चुका है।
जिला अस्पताल 100 बेड का है। इसमें सर्जिकल वार्ड, पैथोलॉजी, मेडिकल वार्ड एवं जेईएईएस वार्ड में लगे अग्निशमन यंत्र की वैद्यता समाप्त हो चुकी है। जिम्मेदारों की इस पर नजर नहीं है। अस्पताल में मरीज भर्ती हैं, अगर कभी शार्टसर्किट हो जाय तो समस्या उत्पन्न हो सकती है। बरामदे में अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था नहीं है, जबकि अधिक संख्या में तीमारदार इसी बरामदे में समय गुजारते हैं। अस्पताल में अग्निशमन यंत्र की वैद्यता समाप्ति के बाद ही सिलिंडर को रिफिल नहीं कराया गया है।
अस्पताल आए मुजहना गांव के वीरेंद्र ने बताया कि यहां आग बुझाने के लिए रखे गए संसाधनों की बेहतर ढंग से देखभाल नहीं की जा रही है। अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुका है, लेकिन जिम्मेदारों को चिंता नहीं है। सबसे चिंता की बात यह है कि अगर आग लग जाय तो बुझाने में बहुत परेशानी होगी। बागापार के जितेंद्र ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा पर अस्पताल प्रशासन गंभीर नहीं है। आग बुझाने के लिए संसाधनों को ठीक ढंग से नहीं रखा गया है। कहीं जिम्मेदारो की उदासीनता भारी न पड़ जाय। शास्त्री नगर के जगदीश कश्यप ने बताया कि अस्पताल में सुरक्षा मानक का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। अग्निशमन यंत्र की वैद्यता समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसकी परवाह जिम्मेदारों को नहीं है।
विज्ञापन
-------------------
अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा पूरा ध्यान रहता है। समय-समय पर अग्निशमन यंत्र की जांच कराई जाती है। अगर किसी अग्निशमन यंत्र की वैद्यता समाप्त हो गई है, तो इसकी जांच कर दूसरा अग्निशमन यंत्र लगवा दिया जाएगा।
डॉ. एके राय, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
जिला अस्पताल में आग बुझाने का संसाधन है खराब, जिम्मेदार बेखबर
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल में अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुका है, लेकिन इसे रिफिल कराना जिम्मेदार मुनासिब नहीं समझ रहे हैं, अगर आग लग जाए तो बुझाना मुश्किल हो जाएगा। अस्पताल में भूतल से लेकर ऊपरी तल तक पर कई जगह लगा अग्निशमन यंत्र 20 जनवरी को ही एक्सपायर हो चुका है।
जिला अस्पताल 100 बेड का है। इसमें सर्जिकल वार्ड, पैथोलॉजी, मेडिकल वार्ड एवं जेईएईएस वार्ड में लगे अग्निशमन यंत्र की वैद्यता समाप्त हो चुकी है। जिम्मेदारों की इस पर नजर नहीं है। अस्पताल में मरीज भर्ती हैं, अगर कभी शार्टसर्किट हो जाय तो समस्या उत्पन्न हो सकती है। बरामदे में अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था नहीं है, जबकि अधिक संख्या में तीमारदार इसी बरामदे में समय गुजारते हैं। अस्पताल में अग्निशमन यंत्र की वैद्यता समाप्ति के बाद ही सिलिंडर को रिफिल नहीं कराया गया है।
विज्ञापन
अस्पताल आए मुजहना गांव के वीरेंद्र ने बताया कि यहां आग बुझाने के लिए रखे गए संसाधनों की बेहतर ढंग से देखभाल नहीं की जा रही है। अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुका है, लेकिन जिम्मेदारों को चिंता नहीं है। सबसे चिंता की बात यह है कि अगर आग लग जाय तो बुझाने में बहुत परेशानी होगी। बागापार के जितेंद्र ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा पर अस्पताल प्रशासन गंभीर नहीं है। आग बुझाने के लिए संसाधनों को ठीक ढंग से नहीं रखा गया है। कहीं जिम्मेदारो की उदासीनता भारी न पड़ जाय। शास्त्री नगर के जगदीश कश्यप ने बताया कि अस्पताल में सुरक्षा मानक का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। अग्निशमन यंत्र की वैद्यता समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसकी परवाह जिम्मेदारों को नहीं है।
विज्ञापन
-------------------
अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा पूरा ध्यान रहता है। समय-समय पर अग्निशमन यंत्र की जांच कराई जाती है। अगर किसी अग्निशमन यंत्र की वैद्यता समाप्त हो गई है, तो इसकी जांच कर दूसरा अग्निशमन यंत्र लगवा दिया जाएगा।
डॉ. एके राय, सीएमएस, जिला अस्पताल