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Maharajganj News: लेखपाल के निलंबित होने के बाद भी किसान ने मुख्यमंत्री से की शिकायत

Wed, 08 Jul 2026 01:51 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2026 01:51 AM IST
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Even after the *Lekhpal* was suspended, the farmer complained to the Chief Minister.
किसान ने चकबंदी में अनियमितता और भूमि वापस दिलाने की मांग की
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किसान से रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद दो जुलाई को ही आरोपी लेखपाल को किया गया था निलंबित
लक्ष्मीपुर। पुरंदरपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत विशुनपुर कुर्थिया में चकबंदी के दौरान कथित रिश्वतखोरी के मामले में किसान ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है। छह जुलाई को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करके किसान जयप्रकाश पांडेय ने अपना पूरा रकबा वापस मांगते हुए पूरे मामले की जांच और न्याय की मांग की है। गौरतलब है कि किसान से रुपये लेने का वीडियो वायरल होने के बाद दो जुलाई को आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया गया था।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायत में किसान जयप्रकाश पांडेय ने आरोप लगाया है कि गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया के दौरान उनकी और उनके भाई श्रीप्रकाश पांडेय के नाम दर्ज लगभग 16 एकड़ कृषि भूमि में गंभीर अनियमितताएं की गईं। चक संख्या-151 में बिना उनकी सहमति के गांव के दूसरे व्यक्ति का लगभग 330 एयर का उड़ान चक जोड़ दिया गया। इससे उनका चक अनियमित आकार का हो गया और खेती करना मुश्किल हो गया।
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पीड़ित का यह भी आरोप है कि उनके खेत में निजी खर्च से कराया गया सिंचाई का बोरिंग भी दूसरे व्यक्ति के उड़ान चक में शामिल कर दिया गया, जिससे उनकी सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो गई। इतना ही नहीं, उनका पूरा रकबा दिए बिना ही भूमि निकालकर दूसरे के चक में समायोजित कर दी गई तथा उनके खेत को सेक्टर मार्ग से भी पीछे कर दिया गया।
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किसान ने अब मुख्यमंत्री से मांग की है कि उसके चक से दूसरे व्यक्ति का उड़ान चक हटाया जाए, पूरा रकबा वापस दिलाया जाए, सिंचाई का बोरिंग पुनः उसके हिस्से में सुनिश्चित किया जाए और पूरे प्रकरण की जांच चकबंदी आयुक्त अथवा सक्षम अधिकारी से कराकर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
एक लाख लेकर भी नहीं किया सुधार
शिकायत में किसान ने आरोप लगाया है कि जब उसने इस गड़बड़ी को ठीक कराने की मांग की तो आरोपी लेखपाल अनिल पांडेय ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की। किसान का दावा है कि उसने पहले 70 हजार रुपये और बाद में 30 हजार रुपये दिए लेकिन इसके बावजूद न तो चक में सुधार किया गया और न ही पूरा रकबा वापस मिला। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 30 हजार रुपये लेने का वीडियो किसान के पास साक्ष्य के रूप में उपलब्ध है, जो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुका है। रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद एडीएम (न्यायिक) नवनीत गोयल ने जांच के आदेश दिए थे।

पूरे प्रकरण की जांच कर रहे सीओ चकबंदी लालमणि मिश्र ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गठित जांच समिति मामले की जांच कर रही है। आरोपी को नोटिस जारी किया गया है। साक्ष्यों व बयानों के आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) नवनीत गोयल ने बताया कि समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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